{"_id":"6868cbe1f636215d4208e920","slug":"fake-cbi-officer-caught-in-gwalior-duped-of-9-lakhs-in-the-name-of-getting-a-job-as-food-inspector-gwalior-news-c-1-1-noi1227-3133518-2025-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gwalior News: खुद को CBI अधिकारी बताकर ठगी करने वाला गिरफ्तार, फूड इंस्पेक्टर बनवाने का झांसा देकर हड़पे 9 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gwalior News: खुद को CBI अधिकारी बताकर ठगी करने वाला गिरफ्तार, फूड इंस्पेक्टर बनवाने का झांसा देकर हड़पे 9 लाख
Sat, 05 Jul 2025 01:43 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jul 2025 01:43 PM IST
सार
ग्वालियर में पुलिस ने एक पीड़ित युवक की मदद से एक ऐसे शख्स को दबोच लिया अपने को फर्जी सीबीआई अधिकारी बताकर लोगो को ठगने का काम कर्ता था। आरोपी खुद को सीबीआई ऑफिर बताकर लोगों को झांसे में लेता था।
विज्ञापन
आरोपी फोटो लगा फर्जी आई कार्ड।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्वालियर में पुलिस ने एक पीड़ित युवक की मदद से एक ऐसे शख्स को दबोच लिया अपने को फर्जी सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को ठगने का काम कर्ता था। वह लोगों को झांसे में लेने के लिए बताता था कि वह सीबीआई में ऑफिसर है और वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर गृह मंत्रालय में पदस्थ है। इसकी कार पर मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष की नेम प्लेट भी लगी थी। आरोपी मंत्रालय में बड़े-बड़े काम करवाने के नाम पर लोगों से ठगी करता था।
बताया गया कि कुछ समय पहले ही इस फर्जी अफसर ने ग्वालियर निवासी एक युवक को फूड इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 9 लाख रुपये ठग लिए थे। उसे भरोसा दिलाने के लिए उसे भोपाल ले जाकर एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया था। युवक को न नौकरी मिली और न ही उसके रुपये वापस मिले। शहर के एक मॉल में आरोपी को ठगी के शिकार युवक ने पकड़ा और पुलिस को सूचना दी। जनकगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।
ये भी पढ़ें- व्यापम फर्जीवाड़ा: फर्जी ढंग से पीएमटी पास करने वालों पर शुरू होगा ट्रायल, 130 आरोपियों में एक विधायक पुत्र भी
विज्ञापन
दरअसल नई सड़क उदाजी की पायगा निवासी अमित पुत्र नरोत्तम सिंह रावत के साथ ठगी की घटना हुई थी। अमित ने पुलिस को बताया कि बहन की शादी के लिए मेट्रोमोनियल वेबसाइट के माध्यम से उसकी एक युवक से जान पहचान हुई थी। युवक ने बताया था कि उसका नाम मोहित शेखावत है। वह सीबीआई में अधिकारी है और उसकी कई विभागों में अच्छी खासे सम्पर्क हैं। वह चाहे तो उसकी नौकरी आसानी से लगवा देगा। अमित उसके झांसे में आ गया। मोहित ने अमित को फूड इंस्पेक्टर बनवाने का लालच दिया और उससे में 9 लाख रुपये मांगे। अमित ने अपने रिश्तेदारों की मदद से जैसे तैसे रुपये जुटाकर दे दिए। इसके बाद वह उसे अपने साथ लेकर भोपाल गया। वहां उसे एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिलवा दिया। नियुक्ति पत्र देने से पहले उसने एक कार भी फाइनेंस करवा ली, लेकिन इसके बाद अमित को नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उसने बार-बार अपने रुपये वापस मांगे वो उसे नहीं मिले।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मोहित ग्वालियर के फूलबाग पर स्थित एक मॉल में घूम रहा था। तभी अमित को इसकी भनक लग गई। इसके बाद अमित अपने कुछ दोस्तों के साथ वहां पहुंचा और मॉल में उसे दबोच लिया और पुलिस को सूचना दी। जनकगंज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से जब पूछताछ की गई तो जो युवक अपनी पहचान मोहित शेखावत बताई। वह असल में भिंड के गोहद निवासी मनोज श्रीवास निकला। आरोपी की कार से पुलिस को फर्जी नंबर प्लेट और नेम प्लेट भी मिली है। आरोपी की कार पर मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष लिखा हुआ था। इसके अलावा सीबीआई की नेम प्लेट सहित अन्य कई नेम प्लेट मिली हैं। इनके संबंध में पुलिस पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन
बताया गया कि कुछ समय पहले ही इस फर्जी अफसर ने ग्वालियर निवासी एक युवक को फूड इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे 9 लाख रुपये ठग लिए थे। उसे भरोसा दिलाने के लिए उसे भोपाल ले जाकर एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया था। युवक को न नौकरी मिली और न ही उसके रुपये वापस मिले। शहर के एक मॉल में आरोपी को ठगी के शिकार युवक ने पकड़ा और पुलिस को सूचना दी। जनकगंज थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- व्यापम फर्जीवाड़ा: फर्जी ढंग से पीएमटी पास करने वालों पर शुरू होगा ट्रायल, 130 आरोपियों में एक विधायक पुत्र भी
विज्ञापन
दरअसल नई सड़क उदाजी की पायगा निवासी अमित पुत्र नरोत्तम सिंह रावत के साथ ठगी की घटना हुई थी। अमित ने पुलिस को बताया कि बहन की शादी के लिए मेट्रोमोनियल वेबसाइट के माध्यम से उसकी एक युवक से जान पहचान हुई थी। युवक ने बताया था कि उसका नाम मोहित शेखावत है। वह सीबीआई में अधिकारी है और उसकी कई विभागों में अच्छी खासे सम्पर्क हैं। वह चाहे तो उसकी नौकरी आसानी से लगवा देगा। अमित उसके झांसे में आ गया। मोहित ने अमित को फूड इंस्पेक्टर बनवाने का लालच दिया और उससे में 9 लाख रुपये मांगे। अमित ने अपने रिश्तेदारों की मदद से जैसे तैसे रुपये जुटाकर दे दिए। इसके बाद वह उसे अपने साथ लेकर भोपाल गया। वहां उसे एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिलवा दिया। नियुक्ति पत्र देने से पहले उसने एक कार भी फाइनेंस करवा ली, लेकिन इसके बाद अमित को नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उसने बार-बार अपने रुपये वापस मांगे वो उसे नहीं मिले।
पुलिस ने बताया कि आरोपी मोहित ग्वालियर के फूलबाग पर स्थित एक मॉल में घूम रहा था। तभी अमित को इसकी भनक लग गई। इसके बाद अमित अपने कुछ दोस्तों के साथ वहां पहुंचा और मॉल में उसे दबोच लिया और पुलिस को सूचना दी। जनकगंज थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी से जब पूछताछ की गई तो जो युवक अपनी पहचान मोहित शेखावत बताई। वह असल में भिंड के गोहद निवासी मनोज श्रीवास निकला। आरोपी की कार से पुलिस को फर्जी नंबर प्लेट और नेम प्लेट भी मिली है। आरोपी की कार पर मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष लिखा हुआ था। इसके अलावा सीबीआई की नेम प्लेट सहित अन्य कई नेम प्लेट मिली हैं। इनके संबंध में पुलिस पूछताछ कर रही है।
