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भिंड: बेटी के जन्म पर पिता ने बजवाया ढोल, स्वागत के लिए कराई फूलों की बारिश
Wed, 17 Apr 2019 12:00 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 17 Apr 2019 12:00 PM IST
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देश में जहां कई जगह बेटियों को आज भी अभिशाप के रूप में देखा जाता है। वहीं मध्यप्रदेश के भिंड जिले से आई इस खबर ने इस बात का प्रमाण दिया है कि समाज में बेटियों के जन्म को लेकर सोच बदल रही है।
मंगलवार को भिंड जिले के कुशवाह कॉलोनी में एक परिवार में जब दो पीढ़ी के बाद बेटी ने जन्म लिया तो पूरा परिवार जश्न मनाने लगा। परिवार के लोग नवजात बच्ची को बैंड-बाजे के साथ घर ले आए।
14 अप्रैल को भिंड के कुशवाह कॉलोनी निवासी आशीष शर्मा के परिवार में बेटी न जन्म लिया। जानकारी मिलते ही परिवार के सभी सदस्य बैंड-बाजे के साथ बेटी को लेने पहुंचे। नवजात बेटी को परिवार के लोग ढोल की थाप पर नाचते गाते घर लेकर आए।
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मध्यप्रदेश के भिंड और मुरैना जिले में लिंगानुपात की स्थिति बहुत गंभीर है। साल 2001 में जहां 1000 पुरुषों पर 882 महिलाएं थीं वहीं 10 साल बाद साल 2011 में हुए जनगणना में इस स्थिति में कुछ सुधार होकर 1000 पुरुषों पर 843 महिलाएं हो गईं।
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मंगलवार को भिंड जिले के कुशवाह कॉलोनी में एक परिवार में जब दो पीढ़ी के बाद बेटी ने जन्म लिया तो पूरा परिवार जश्न मनाने लगा। परिवार के लोग नवजात बच्ची को बैंड-बाजे के साथ घर ले आए।
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14 अप्रैल को भिंड के कुशवाह कॉलोनी निवासी आशीष शर्मा के परिवार में बेटी न जन्म लिया। जानकारी मिलते ही परिवार के सभी सदस्य बैंड-बाजे के साथ बेटी को लेने पहुंचे। नवजात बेटी को परिवार के लोग ढोल की थाप पर नाचते गाते घर लेकर आए।
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मध्यप्रदेश के भिंड और मुरैना जिले में लिंगानुपात की स्थिति बहुत गंभीर है। साल 2001 में जहां 1000 पुरुषों पर 882 महिलाएं थीं वहीं 10 साल बाद साल 2011 में हुए जनगणना में इस स्थिति में कुछ सुधार होकर 1000 पुरुषों पर 843 महिलाएं हो गईं।
