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मैहर: एसपी ने मंच पर बिखेरा सुरों का जादू, ‘सांसों की माला’ से जीता दर्शकों का दिल; तालियों से गूंजा ऑडिटोरियम
Thu, 03 Sep 2026 02:15 PM IST
मैहर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: मैहर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:15 PM IST
सार
मैहर मल्हार संगीत संध्या की मासिक संगीत सभा में कथक, शास्त्रीय गायन और तबला तिगलबंदी की शानदार प्रस्तुतियां हुईं। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने भी ‘सांसों की माला’ गीत प्रस्तुत किया। आयोजन का उद्देश्य मैहर घराने की संगीत विरासत को आगे बढ़ाना और स्थानीय कलाकारों को मंच देना है।
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मैहर के मल्हार संगीत संध्या में एसपी ने गाया गाना
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
मैहर की समृद्ध संगीत परंपरा और प्रसिद्ध मैहर घराने की विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित मैहर मल्हार संगीत संध्या की मासिक संगीत सभा में शाम सुर, ताल और नृत्य का शानदार संगम देखने को मिला। संगीत महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां देकर मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह, सत्यभान पटेल सहित जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, संगीत से जुड़े लोग और बड़ी संख्या में संगीतप्रेमी उपस्थित रहे।
कथक की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई शुरुआत
मासिक संगीत सभा की पहली प्रस्तुति सुहानी त्रिपाठी और मोहिनी बर्मन ने कथक नृत्य युगल के रूप में दी। दोनों कलाकारों ने भाव, लय और ताल का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। कथक की बारीक मुद्राओं, पद संचालन और भावाभिव्यक्ति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रस्तुति पूरी होने के बाद ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
शिवांगी मिश्रा के शास्त्रीय गायन ने बांधा सुरों का जादू
इसके बाद शिवांगी मिश्रा ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। उनकी सुमधुर आवाज और सुरों की बारीकियों ने पूरे ऑडिटोरियम को शास्त्रीय संगीत की सुरलहरियों से भर दिया। दर्शक पूरे मनोयोग से उनकी प्रस्तुति सुनते नजर आए। उनकी गायकी को संगीतप्रेमियों ने खूब सराहा।
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तबला तिगलबंदी ने बढ़ाया कार्यक्रम का रोमांच
कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति ऋषभ त्रिपाठी, आशुतोष सिंह और शिवेश पाण्डेय की तबला तिगलबंदी रही। तीनों कलाकारों ने ताल और लय का शानदार समन्वय प्रस्तुत किया। तबले की विभिन्न तालों और बोलों के बीच कलाकारों की जुगलबंदी ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रस्तुति के दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद संगीतप्रेमियों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
ये भी पढ़ें- जन्माष्टमी: भगवान बलराम के 'गर्भ-प्रत्यारोपण’ का पहला प्रमाण आया सामने; 1700 साल पहले पत्थर पर बनाई तस्वीर
बारिश के मौसम में एसपी ने मंच से गाया ‘सांसों की माला’
कार्यक्रम के दौरान मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने भी मंच से गायन प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने ‘सांसों की माला’ गीत की प्रस्तुति दी। पुलिस अधीक्षक को मंच पर गायन करते देख दर्शकों में खास उत्साह नजर आया। उनकी प्रस्तुति पर ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। बारिश के सुहाने मौसम के बीच संगीत संध्या में यह प्रस्तुति कार्यक्रम के यादगार पलों में शामिल रही।
मैहर घराने की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास
मैहर मल्हार संगीत संध्या के माध्यम से मैहर घराने की गौरवशाली संगीत परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मासिक संगीत सभा का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा से जोड़ना भी है। मैहर लंबे समय से भारतीय शास्त्रीय संगीत की महत्वपूर्ण भूमि के रूप में अपनी पहचान रखता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से संगीत की इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में संगीतप्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ पूरा ऑडिटोरियम सुर और ताल की दुनिया में डूबा नजर आया।
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कथक की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई शुरुआत
मासिक संगीत सभा की पहली प्रस्तुति सुहानी त्रिपाठी और मोहिनी बर्मन ने कथक नृत्य युगल के रूप में दी। दोनों कलाकारों ने भाव, लय और ताल का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। कथक की बारीक मुद्राओं, पद संचालन और भावाभिव्यक्ति ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। प्रस्तुति पूरी होने के बाद ऑडिटोरियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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शिवांगी मिश्रा के शास्त्रीय गायन ने बांधा सुरों का जादू
इसके बाद शिवांगी मिश्रा ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। उनकी सुमधुर आवाज और सुरों की बारीकियों ने पूरे ऑडिटोरियम को शास्त्रीय संगीत की सुरलहरियों से भर दिया। दर्शक पूरे मनोयोग से उनकी प्रस्तुति सुनते नजर आए। उनकी गायकी को संगीतप्रेमियों ने खूब सराहा।
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तबला तिगलबंदी ने बढ़ाया कार्यक्रम का रोमांच
कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति ऋषभ त्रिपाठी, आशुतोष सिंह और शिवेश पाण्डेय की तबला तिगलबंदी रही। तीनों कलाकारों ने ताल और लय का शानदार समन्वय प्रस्तुत किया। तबले की विभिन्न तालों और बोलों के बीच कलाकारों की जुगलबंदी ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। प्रस्तुति के दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद संगीतप्रेमियों ने तालियों से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
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बारिश के मौसम में एसपी ने मंच से गाया ‘सांसों की माला’
कार्यक्रम के दौरान मैहर पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने भी मंच से गायन प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने ‘सांसों की माला’ गीत की प्रस्तुति दी। पुलिस अधीक्षक को मंच पर गायन करते देख दर्शकों में खास उत्साह नजर आया। उनकी प्रस्तुति पर ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। बारिश के सुहाने मौसम के बीच संगीत संध्या में यह प्रस्तुति कार्यक्रम के यादगार पलों में शामिल रही।
मैहर घराने की परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास
मैहर मल्हार संगीत संध्या के माध्यम से मैहर घराने की गौरवशाली संगीत परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। मासिक संगीत सभा का उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को मंच उपलब्ध कराने के साथ-साथ नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की समृद्ध परंपरा से जोड़ना भी है। मैहर लंबे समय से भारतीय शास्त्रीय संगीत की महत्वपूर्ण भूमि के रूप में अपनी पहचान रखता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से संगीत की इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में संगीतप्रेमियों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ पूरा ऑडिटोरियम सुर और ताल की दुनिया में डूबा नजर आया।
