{"_id":"5c706ec6bdec2225060d8c79","slug":"ex-ias-rakesh-sahni-removed-from-chairman-post-of-narmada-valley-development-authority","type":"story","status":"publish","title_hn":"राकेश साहनी को तत्काल प्रभाव से एनवीडीए के अध्यक्ष पद से हटाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राकेश साहनी को तत्काल प्रभाव से एनवीडीए के अध्यक्ष पद से हटाया
Sat, 23 Feb 2019 03:21 AM IST
अनिल पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अनिल पांडेय
Updated Sat, 23 Feb 2019 03:21 AM IST
विज्ञापन
IAS Rakesh Sahni
- फोटो : फाइल
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के अध्यक्ष राकेश साहनी को राज्य शासन ने शुक्रवार को अचानक पद से हटा दिया। साहनी 1972 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक साहनी को पद से हटाने की सूचना रात में फोन पर दी गई।
साहनी पूर्ववर्ती शिवराज सरकार में काफी अहम अफसर रहे। कई बड़े ब्यूरोक्रेटिक फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह शिवराज सरकार में कई बार संकटमोचक भी बने। उल्लेखनीय है कि वे जनवरी 2006 से जनवरी 2010 तक प्रदेश के मुख्य सचिव रहे और रिटायरमेंट के बाद उनकी पोस्टिंग विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन पद पर कर दी गई।
दिसंबर 2014 में वहां उनका कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके करीब छह महीने बाद 13 जुलाई 2015 को वे एनवीडीए के अध्यक्ष बनाए गए थे। नई सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार में प्रमुख पदों पर नियुक्त हुए लोगों को हटाने का सिलसिला शुरू किया था।
विज्ञापन
साहनी के बारे में ये निर्णय कमलनाथ सरकार ने दो माह बाद लिया। बताते हैं कि साहनी ने कांग्रेस सरकार से भी सामंजस्य बैठाने की कोशिश की थी। गौरतलब है कि एनवीडीए के उपाध्यक्ष रजनीश वैश्य को कांग्रेस सरकार पहले ही हटाकर ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेज चुकी है।
विज्ञापन
साहनी पूर्ववर्ती शिवराज सरकार में काफी अहम अफसर रहे। कई बड़े ब्यूरोक्रेटिक फैसलों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वह शिवराज सरकार में कई बार संकटमोचक भी बने। उल्लेखनीय है कि वे जनवरी 2006 से जनवरी 2010 तक प्रदेश के मुख्य सचिव रहे और रिटायरमेंट के बाद उनकी पोस्टिंग विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन पद पर कर दी गई।
विज्ञापन
दिसंबर 2014 में वहां उनका कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके करीब छह महीने बाद 13 जुलाई 2015 को वे एनवीडीए के अध्यक्ष बनाए गए थे। नई सरकार बनने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार में प्रमुख पदों पर नियुक्त हुए लोगों को हटाने का सिलसिला शुरू किया था।
विज्ञापन
साहनी के बारे में ये निर्णय कमलनाथ सरकार ने दो माह बाद लिया। बताते हैं कि साहनी ने कांग्रेस सरकार से भी सामंजस्य बैठाने की कोशिश की थी। गौरतलब है कि एनवीडीए के उपाध्यक्ष रजनीश वैश्य को कांग्रेस सरकार पहले ही हटाकर ट्राइबल रिसर्च इंस्टीट्यूट भेज चुकी है।
