फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Dhanteras 2023: Temple of Lord Kuber is established in Khilchipura, Mandsaur, crowd gathers on Dhanteras.

Dhanteras 2023: मंदसौर के खिलचीपुरा में स्थापित है कुबेर भगवान का मंदिर, धनतेरस पर उमड़ती है भीड़

Fri, 10 Nov 2023 07:56 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 10 Nov 2023 07:56 PM IST
सार

श्री धौलागढ़ महादेव मंदिर 1200 साल पहले बना मराठा कालीन मंदिर है। इसी मंदिर में स्थापित भगवान कुबेर की मूर्ति गुप्तकाल में सातवीं शताब्दी में निर्मित है। मराठाकाल में धौलागिरी महादेव मंदिर के निर्माण के दौरान इसे गर्भगृह में स्थापित किया था। 

विज्ञापन
Dhanteras 2023: Temple of Lord Kuber is established in Khilchipura, Mandsaur, crowd gathers on Dhanteras.
मंदसौर में कुबेरजी के मंदिर पर धनतेरस पर उमड़ी भीड़ - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आज धनतेरस के साथ ही दीपोत्सव की शुरुआत हो गई है। आज के दिन धन के देवता भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व है। मंदसौर के पास खिलचीपुरा में प्राचीन कुबेर मंदिर पर धनतेरस पर दर्शन व पूजा-अर्चना के लिए अलसुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। 
विज्ञापन


 मंदसौर के खिलचीपुरा में धन के देवता कुबेर का मंदिर है। यहां कुबेर शिव परिवार के साथ एक ही मंदिर में विराजित हैं। कुबेर की अनूठी मूर्ति शिव परिवार के साथ केवल मंदसौर में है। धनतेरस पर मंदिर में सुबह अभिषेक व पूजा-अर्चना किया गया। उसके बाद परिसर में हवन किया गया। भगवान कुबेर के दर्शन के लिए दिनभर भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। 
विज्ञापन


इतिहासकारों के अनुसार श्री धौलागढ़ महादेव मंदिर 1200 साल पहले बना मराठा कालीन मंदिर है। इसी मंदिर में स्थापित भगवान कुबेर की मूर्ति गुप्तकाल में सातवीं शताब्दी में निर्मित है। मराठाकाल में धौलागिरी महादेव मंदिर के निर्माण के दौरान इसे गर्भगृह में स्थापित किया था। मंदिर में भगवान गणेश व माता पार्वती की मूर्तियां भी हैं। 1978 में श्री कुबेर की मूर्ति की पहचान हुई। मूर्ति में कुबेर बड़े पेट वाले, चतुर्भुजाधारी सीधे हाथ में धन की थैली तो दूसरे में प्याला धारण किए हैं। नल वाहन पर सवार धन कुबेर की प्रतिमा की ऊंचाई तीन फुट है।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन फुट का है मंदिर का गर्भगृह का प्रवेश द्वार
मंदसौर के खिलचीपुरा में स्थित भगवान कुबेर मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए तीन फुट का गेट है जिसमे भक्तों को झुककर प्रवेश करना पड़ता है और बिना पीठ दिखाए ही बाहर निकलना होता है।


यति उड़ाकर लाए थे मंदिर
मंदसौर में स्थित कुबेर मंदिर के बारे में एक किंवदंती यह भी है कि इस मंदिर को प्राचीन काल में यति द्वारा उड़ा कर लाया गया था तबसे यह मंदिर खिलचीपुरा में स्थापित है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed