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देवास टीआई मौत मामला: आयशर मालिक गिरफ्तार, तीन शराब दुकान के लाइसेंस रद्द; आबकारी विभाग के अफसर-कर्मी निलंबित
Mon, 02 Nov 2026 04:00 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 02 Nov 2026 04:00 PM IST
सार
देवास में अवैध शराब तस्करी के दौरान ट्रक से कुचलकर टीआई दिलीप पुरी की मौत के मामले में आयशर मालिक कैरम सिंह गिरफ्तार हुआ है। हरदा की तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आबकारी अधिकारी और दो आरक्षक भी निलंबित हुए हैं। जांच की जिम्मेदारी उपेंद्र जैन को सौंपी गई है।
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थाना प्रभारी मौत मामले में घटनास्थल की जांच करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर हुई मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध शराब तस्करी से जुड़े इस मामले में आयशर ट्रक के मालिक को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, हरदा जिले के टिमरनी में संचालित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। आबकारी विभाग के एक सहायक जिला अधिकारी सहित दो आरक्षकों पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक उपेंद्र जैन को सौंपी है। उपेंद्र जैन देवास पहुंचकर जांच शुरू कर चुके हैं। स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन खातेगांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कहा कि पांच जिलों में हमारी टीम काम कर रही है।
हर हालत में मामले की तह तक पहुंचा जाएगा। कुछ लोग भी चिन्हित किए जा चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, अवैध शराब से भरा आयशर ट्रक क्रमांक MP 43 H 4786 इंदौर होते हुए गुजरात की ओर जा रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर एसपी ने पांच से अधिक टीमें गठित कर कन्नौद, सतवास, नेमावर और खातेगांव पुलिस को कार्रवाई में लगाया था।
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ये भी पढ़ें- खातेगांव टीआई की पत्नी को एसआई पद पर अनुकंपा नियुक्ति, परिवार को एक करोड़ की सहायता देगी सरकार
इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे-59 पर हरदा-नेमावर मार्ग पर नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान ट्रक चालक एक ढाबे पर पानी पीने के लिए रुका। खातेगांव TI दिलीप पुरी ने उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की और नीचे उतरने को कहा। इसी दौरान झूमाझटकी हुई। चालक ने भागने के प्रयास में ट्रक आगे बढ़ा दिया। दिलीप पुरी नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आयशर मालिक गिरफ्तार, तीन दुकानें जांच के घेरे में
पुलिस ने इस मामले में आलीराजपुर जिले के बेहड़वा गांव से कैरम सिंह को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी स्विफ्ट कार से शराब ले जा रहे आयशर ट्रक की पायलटिंग करने का आरोप है। वहीं, हरदा कलेक्टर ने पाटेंद्र जायसवाल की टिमरनी स्थित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
राधाबाई की पुलिया के पास स्थित शराब दुकान से ट्रक में शराब भरकर रवाना होने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार सुबह एएसपी अमित मिश्रा, तहसीलदार देवशंकर धुर्वे, आबकारी अधिकारी सुनील भोजने और टीआई मुकेश गौड़ ने दुकान पहुंचकर स्टॉक की जांच की थी। टिमरनी की दो और रहटगांव की एक शराब दुकान घटना के बाद से बंद बताई गई हैं।
ये भी पढ़ें- देवास: टीआई की शहादत पर एसपी का बड़ा बयान, बोले- पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना ही शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि
मैनेजर हिरासत में, आबकारी विभाग पर भी कार्रवाई
पुलिस ने शराब ठेकेदार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल और दो आबकारी आरक्षकों को भी निलंबित किया गया है। इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि, उन्होंने शराब ठेके का लाइसेंस अपने पास होने से इनकार किया। उनका कहना है कि ठेका बड़वानी निवासी पाटेंद्र जायसवाल के पास है और भूपेंद्र सिंह राणा मैनेजर हैं।
फिलहाल पुलिस, आबकारी और राजस्व विभाग की टीमें शराब के स्रोत, परिवहन और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने जांच की जिम्मेदारी आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक उपेंद्र जैन को सौंपी है। उपेंद्र जैन देवास पहुंचकर जांच शुरू कर चुके हैं। स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन खातेगांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कहा कि पांच जिलों में हमारी टीम काम कर रही है।
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हर हालत में मामले की तह तक पहुंचा जाएगा। कुछ लोग भी चिन्हित किए जा चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, अवैध शराब से भरा आयशर ट्रक क्रमांक MP 43 H 4786 इंदौर होते हुए गुजरात की ओर जा रहा था। पुलिस को इसकी सूचना मिलने पर एसपी ने पांच से अधिक टीमें गठित कर कन्नौद, सतवास, नेमावर और खातेगांव पुलिस को कार्रवाई में लगाया था।
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इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे-59 पर हरदा-नेमावर मार्ग पर नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान ट्रक चालक एक ढाबे पर पानी पीने के लिए रुका। खातेगांव TI दिलीप पुरी ने उसे पकड़ने के लिए घेराबंदी की और नीचे उतरने को कहा। इसी दौरान झूमाझटकी हुई। चालक ने भागने के प्रयास में ट्रक आगे बढ़ा दिया। दिलीप पुरी नीचे गिर गए और ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर से गुजर गया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आयशर मालिक गिरफ्तार, तीन दुकानें जांच के घेरे में
पुलिस ने इस मामले में आलीराजपुर जिले के बेहड़वा गांव से कैरम सिंह को गिरफ्तार किया है। उस पर अपनी स्विफ्ट कार से शराब ले जा रहे आयशर ट्रक की पायलटिंग करने का आरोप है। वहीं, हरदा कलेक्टर ने पाटेंद्र जायसवाल की टिमरनी स्थित तीन शराब दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
राधाबाई की पुलिया के पास स्थित शराब दुकान से ट्रक में शराब भरकर रवाना होने की आशंका जताई जा रही है। सोमवार सुबह एएसपी अमित मिश्रा, तहसीलदार देवशंकर धुर्वे, आबकारी अधिकारी सुनील भोजने और टीआई मुकेश गौड़ ने दुकान पहुंचकर स्टॉक की जांच की थी। टिमरनी की दो और रहटगांव की एक शराब दुकान घटना के बाद से बंद बताई गई हैं।
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मैनेजर हिरासत में, आबकारी विभाग पर भी कार्रवाई
पुलिस ने शराब ठेकेदार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल और दो आबकारी आरक्षकों को भी निलंबित किया गया है। इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल का नाम भी चर्चा में आया था। हालांकि, उन्होंने शराब ठेके का लाइसेंस अपने पास होने से इनकार किया। उनका कहना है कि ठेका बड़वानी निवासी पाटेंद्र जायसवाल के पास है और भूपेंद्र सिंह राणा मैनेजर हैं।
फिलहाल पुलिस, आबकारी और राजस्व विभाग की टीमें शराब के स्रोत, परिवहन और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
