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Ram Bhakti: दमोह के पुलिसकर्मी हैं अनोखे रामभक्त, श्रीराम का नाम लेकर पानी में घंटों करते हैं जलसाधना
Fri, 19 Jan 2024 04:48 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 19 Jan 2024 04:48 PM IST
सार
बांदकपुर पुलिस चौकी में प्रधान आरक्षक भगवानदास दहिया पदस्थ हैं। यह बिना तैरे गहरे जल में घंटे तक योग साधना करते हुए हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। श्री राम मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर 10 वर्ष की उम्र से जल में साधना कर रहे हैं।
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पानी में रहाकर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं पुलिसकर्मी भगवानदास
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
देशभर में इस समय चारों ओर राम नाम की गूंज सुनाई दे रही है। लोग अपने हिसाब से भक्ति में लगे हैं, दमोह में एक पुलिसकर्मी भगवान दास दाहिया भी अनोखी रामभक्ति करते हैं। ये श्रीराम का नाम लेकर घंटों जल साधना करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। पुलिस महकमा भी इनकी कलाबाजी देखकर हैरान रहता है और इस योग साधना की तारीफ भी करता है।
वर्तमान में भगवान जागेश्वरनाथ की नगरी बांदकपुर पुलिस चौकी में प्रधान आरक्षक भगवानदास दहिया पदस्थ हैं। इन्हें लोग बाबा भगवान दास के नाम से जानते हैं। यह बिना तैरे गहरे जल में घंटे तक योग साधना करते हुए हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। श्री राम मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर 10 वर्ष की उम्र से जल में साधना कर रहे हैं। 1992 में इनका पुलिस विभाग में चयन हुआ था। बांदकपुर में अभी पदस्थ हैं, वहां स्थित प्राचीन बावड़ी में जैसे ही छलांग लगाते हैं अपने आप पूरा शरीर जल के ऊपर तैरने लगता है।
भगवानदास की मानें तो उनका कहना है राम नाम में इतनी शक्ति है कि पत्थर भी तैरने लगते हैं। उसी तरह श्री राम नाम का जप करते हुए कुएं, बावड़ी, तालाब, नदी में छलांग लगाते ही पूरा शरीर जल के ऊपर आ जाता है, जबकि उनका वजन 80 किलो है फिर भी यह करिश्मा अपनी साधना से करते हैं। जबकि यह सत्य है पानी में पत्थर फेंकने पर डूब जाता है वहीं 80 किलो वजन के भगवानदास पानी के ऊपर आसन लगाकर श्री हनुमान चालीसा घंटों तक पढ़ते रहते हैं और डूबते नहीं हैं। इससे वह प्रभु श्री राम की कृपा से वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को जल साधना से करते चले आ रहे हैं। जिसके लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय योग पुरस्कार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। इनका कहना है इतने वर्षों की साधना के बाद राम मंदिर का संकल्प साकार हुआ है।
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वर्तमान में भगवान जागेश्वरनाथ की नगरी बांदकपुर पुलिस चौकी में प्रधान आरक्षक भगवानदास दहिया पदस्थ हैं। इन्हें लोग बाबा भगवान दास के नाम से जानते हैं। यह बिना तैरे गहरे जल में घंटे तक योग साधना करते हुए हनुमान चालीसा पढ़ते हैं। श्री राम मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर 10 वर्ष की उम्र से जल में साधना कर रहे हैं। 1992 में इनका पुलिस विभाग में चयन हुआ था। बांदकपुर में अभी पदस्थ हैं, वहां स्थित प्राचीन बावड़ी में जैसे ही छलांग लगाते हैं अपने आप पूरा शरीर जल के ऊपर तैरने लगता है।
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भगवानदास की मानें तो उनका कहना है राम नाम में इतनी शक्ति है कि पत्थर भी तैरने लगते हैं। उसी तरह श्री राम नाम का जप करते हुए कुएं, बावड़ी, तालाब, नदी में छलांग लगाते ही पूरा शरीर जल के ऊपर आ जाता है, जबकि उनका वजन 80 किलो है फिर भी यह करिश्मा अपनी साधना से करते हैं। जबकि यह सत्य है पानी में पत्थर फेंकने पर डूब जाता है वहीं 80 किलो वजन के भगवानदास पानी के ऊपर आसन लगाकर श्री हनुमान चालीसा घंटों तक पढ़ते रहते हैं और डूबते नहीं हैं। इससे वह प्रभु श्री राम की कृपा से वर्षों से प्रत्येक मंगलवार को जल साधना से करते चले आ रहे हैं। जिसके लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय योग पुरस्कार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार प्राप्त हो चुका है। इनका कहना है इतने वर्षों की साधना के बाद राम मंदिर का संकल्प साकार हुआ है।
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