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Damoh: शुरू हुई गिद्ध गणना, पहले दिन कम स्थानों पर मिले गिद्ध; जंगलों में घोंसलों की खोज करेंगे वनकर्मी

Mon, 17 Feb 2025 05:19 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Mon, 17 Feb 2025 05:19 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के जंगलों में गिद्धों की कुल संख्या का आकलन करने के लिए यह गणना तीन दिनों तक चलेगी। यह प्रक्रिया गर्मियों और सर्दियों में साल में दो बार की जाती है। गिद्धों की गणना तीन चरणों में पूरी की जाती है।

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On the first day of counting, vultures were seen in small numbers in Tendukheda forest
पेड़ पर बैठे गिद्ध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के जंगलों में सोमवार से गिद्धों की गणना शुरू हो गई है। तेंदूखेड़ा उपवनमंडल के अधीन चार रेंज तेंदूखेड़ा, तेजगढ़, तारादेही और झलोन शामिल हैं। पहले दिन तेजगढ़ और तेंदूखेड़ा में कुछ स्थानों पर गिद्ध मिले, जबकि तारादेही और झलोन में पहले दिन गिद्धों की उपस्थिति दर्ज नहीं की गई।

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मध्यप्रदेश के जंगलों में गिद्धों की कुल संख्या का आकलन करने के लिए यह गणना तीन दिनों तक चलेगी। यह प्रक्रिया गर्मियों और सर्दियों में साल में दो बार की जाती है। गिद्धों की गणना तीन चरणों में पूरी की जाती है।

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गिद्धों का पर्यावरण में महत्त्व
गिद्ध पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। वे मृत जानवरों को खाकर पर्यावरण को स्वच्छ रखते हैं और बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं। गिद्धों को प्रकृति का सफाईकर्मी भी कहा जाता है। इनका पाचन तंत्र बैक्टीरिया और खतरनाक रोगाणुओं को नष्ट करने में सक्षम होता है, जिससे वे संक्रामक रोगों को फैलने से रोकते हैं।

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गिद्धों की संख्या में गिरावट के कारण यह प्रजाति विलुप्त होने के कगार पर है। वन विभाग इस प्रजाति के संरक्षण के लिए कई प्रयास कर रहा है, जिनमें गिद्ध गणना और उनके आंकड़ों का संकलन भी शामिल है।

गिद्ध गणना के पहले दिन की रिपोर्ट
गिद्ध गणना के पहले दिन तेंदूखेड़ा उपवन मंडल की चारों रेंजों में गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई। हालांकि, तारादेही और झलोन रेंज में पहले दिन गिद्ध नहीं देखे गए। तेजगढ़ की तीन से चार बीटों में गिद्ध दिखाई दिए, जिनमें करनपुरा, पाजी, गुड़ा हरदुआ और रिछाई बीट प्रमुख हैं।

इसी तरह, तेंदूखेड़ा रेंज की खखरिया और नरगवा बीट में भी गिद्ध देखे गए। तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र में जबलपुर मुख्य मार्ग पर स्थित नरगवा बीट में सबसे अधिक गिद्ध पाए गए। खखरिया बीट में भी गिद्धों की अच्छी संख्या दर्ज की गई।

तारादेही रेंज में तीन दिन पहले एक पेड़ पर गिद्ध देखे गए थे, लेकिन गिद्ध गणना के दौरान यहां कोई गिद्ध नहीं मिला।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया
तारादेही वन परिक्षेत्र अधिकारी देवेंद्र गुर्जर ने बताया कि गिद्ध गणना के दौरान गिद्धों के घोंसलों की भी गणना की जाती है। हालांकि, पहले दिन यहां कोई घोंसला नहीं मिला। वहीं तेजगढ़ रेंजर नीरज पांडे ने बताया कि तेजगढ़ की तीन से चार बीटों में गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई है। गणना अभी दो दिन और जारी रहेगी। तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र अधिकारी मेघा पटेल ने कहा कि गणना सुबह से शुरू हुई थी। तेंदूखेड़ा वन परिक्षेत्र की खखरिया और नरगवा बीट में गिद्धों की उपस्थिति दर्ज की गई है, जबकि अन्य बीटों में गिद्ध नहीं मिले

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