फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   MP News Fake Degree of Doctor Behind Deaths in Damoh Exposed Know Full Details in Hindi

MP News: दमोह में मरीजों की मौतों के जिम्मेदार डॉक्टर की फर्जी डिग्री ऐसे पकड़ाई, ये रही जांच की पूरी कहानी

Tue, 08 Apr 2025 04:03 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 08 Apr 2025 04:03 PM IST
सार

टीम ने जांच अवधि के दौरान के रिकॉर्डों की जांच की है। जितने मरीज डॉक्टर एन जॉन कैम ने देखे, जितने मरीजों का ऑपरेशन किया और जितनों को ट्रीटमेंट दिया, सभी का रिकॉर्ड खंगाला गया।

विज्ञापन
MP News Fake Degree of Doctor Behind Deaths in Damoh Exposed Know Full Details in Hindi
सीएमएचओ मुकेश जैन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह के सीएमएचओ मुकेश जैन का बड़ा बयान सामने आया है। सीएमएचओ के अनुसार, उनको 20 फरवरी को जांच करने के लिए कलेक्टर द्वारा कहा गया। इसके बाद उन्होंने 22 फरवरी से जांच शुरू की। मिशन अस्पताल ने डॉक्टर एन जॉन कैम को कार्डियोलॉजी विभाग में रखा था। अस्पताल में उसने अपनी पढ़ाई को लेकर कार्डियोलॉजी की डिग्री लगाई हुई थी। उसने एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी संबंधित काम किए हुए थे। ये डॉक्टर अस्पताल में 30 से 35 दिन रहा। 

विज्ञापन


विज्ञापन


टीम ने इस अवधि के दौरान के रिकार्डों की जांच की है, जितने मरीज डॉक्टर जॉन ने देखे, जितने मरीजों का ऑपरेशन किया। जितनों को ट्रीटमेंट दिया, सभी के रिकॉर्ड टीम ने देखे। टीम ने पाया कि कार्डियोलॉजी विभाग में इस अवधि के दौरान सात मौतें हुई हैं। इसमें से डॉक्टर एन जॉन कैम ने चार मरीजों की एंजियोप्लास्टी की थी। इसमें से तीन की मौत हुई है। दो व्यक्ति ऐसे थे, जिनको अन्य डॉक्टरों ने भर्ती किया था, उनकी मौत भी यहां हुई है।  
विज्ञापन
विज्ञापन




यह भी पढ़ें: CMHO ने किया खुलासा, चार ऑपरेशन में तीन की हुई मौत, आरोपी की डिग्री को लेकर कही ये बात

जांच के समय डॉक्टर एन जॉन कैम अस्पताल छोड़कर भाग चुका था। इसलिए जांच टीम को वो नहीं मिला। सीएमएचओ के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन से इस डॉक्टर के संबंध में जानकारी मांगी गई, तब जाकर अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टर की डिग्री टीम को दी। टीम को डिग्री संदिग्ध लगी। 




यह भी पढ़ें: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की दूसरे दिन की सुनवाई शुरू, आज दो पीड़ितों को बयान होंगे दर्ज

सीएमएचओ मुकैश जैन ने बताया कि कलेक्टर को पांच मार्च को जांच सौंप दी गई। इसके साथ ही कहा गया कि डॉक्टर की डीएम की डिग्री की जांच संबंधित विश्वविद्यालय से कराई जाए। मरीजों को दिए गए उपचार के संबंध में बुंदेलखंड मेडिकल कालेज की स्पेशल टीम से जांच करवाने की भी सिफारिश की गई। इन सब को लेकर जांच टीम ने पांच मार्च 2025 को अपना प्रतिवेदन कलेक्टर को दे दिया। दमोह कलेक्टर ने डिग्री के संबंध में जांच की या नहीं, इसके बारे में सीएमएचओ को जानकारी नहीं है।



यह भी पढ़ें: सात मौतों के आरोपी डॉक्टर को प्रयागराज से दमोह लेकर आई पुलिस, एसपी ने देर रात तक की पूछताछ

बुंदेलखंड मेडिकल कालेज ने कलेक्टर को एक पत्र लिखा। इसमें कहा गया कि मेडिकल कालेज में कार्डियोलॉजी का डॉक्टर नहीं है। इसके बाद 28 मार्च को कलेक्टर द्वारा एक पत्र सीएमएचओ को लिखा गया। सीएमएचओ नरेंद्र जैन 31 मार्च तक छुट्टी पर थे। इस वजह से कलेक्टर के पत्र को एक अप्रैल को देखा गया। इसमें उल्लेख किया गया कि जबलपुर मेडिकल कालेज में एक सुपर स्पेशलिस्ट टीम है। सीएमएचओ ने बताया कि एमपी नर्सिंग एक्ट के अनुसार, किसी भी नर्सिंग होम को किसी भी तरह का परिवर्तन करने सूचना देनी होती है। लेकिन अस्पताल ने ऐसा नहीं किया। 



यह भी पढ़ें: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की टीम पीड़ितों से मिली, आरोपी डॉक्टर प्रयागराज से गिरफ्तार

इसी वजह से एक पत्र मिशन अस्पताल को जारी किया गया। ये सब होने के बाद जांच टीम ने डीएम कार्डियोलॉजी की डिग्री देखी, जो पांडेचुरी विश्वविद्यालय की थी। इसके चांसलर तत्कालीन उपराष्ट्रपति थे। डिग्री पर किए हस्ताक्षऱ और तत्कालीन उपराष्ट्रपति के हस्ताक्षर ऑनलाइन देखे गए तो दोनों में फर्क था। इसके बाद जांच टीम ने डिग्री को संदिग्ध पाया।  फिर रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच की गई वो भी फर्जी निकला। इसके बाद मामले में एफआईआर कराई गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed