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Damoh News: नगर पालिका आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराएगा, पहली बार होगा ऐसा, टेंडर जारी
Fri, 13 Dec 2024 10:52 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2024 10:52 AM IST
सार
शहर में आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका 20 लाख रुपये खर्च करेगी। इससे शहरभर में आवारा कुत्तों का बधियाकरण और टीकाकरण किया जाएगा। बधियाकरण के बाद टैगिंग कर कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा।
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सड़क पर बैठे आवारा कुत्ते
विस्तार
दमोह नगर पालिका द्वारा शहर में पहली बार आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी रेबीज टीकाकरण कराया जाएगा। इसके लिए 20 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
दरअसल, शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से इनके काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, नगर पालिका के पास भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की शिकायतें आ रही हैं। लेकिन, पर्याप्त अमला और संसाधन न होने के कारण अब नसबंदी और टीकाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका ने टेंडर जारी कर दिया है।
शहर में आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका 20 लाख रुपये खर्च करेगी। इससे शहरभर में आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। बधियाकरण के बाद टैगिंग कर कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा।
पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए नहीं हैं संसाधन
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर में यदि कोई कुत्ता पागल हो जाता है और लोग उसे पकड़ने की शिकायत दर्ज कराते हैं, तो नगर पालिका के पास प्रशिक्षित अमला नहीं है। न ही पर्याप्त संसाधन हैं, जिससे पागल कुत्ते को पकड़कर उसका इलाज कराया जा सके। हर दिन किसी न किसी वार्ड से आवारा कुत्तों को लेकर शिकायत आती है। इस स्थिति में आवारा कुत्तों से निजात के लिए अब नगर पालिका बधियाकरण कराने जा रही है। टेंडर जारी करने के बाद अब एजेंसियों का इंतजार किया जा रहा है। एजेंसियां आते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। एजेंसी को हायर करने के बाद कुत्तों को पकड़ा जाएगा। इसके बाद बधियाकरण करके टैगिंग कर दी जाएगी, जिससे इन कुत्तों की पहचान हो सके।
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लाइसेंसी एजेंसी को दिया जाएगा काम
नगर पालिका दमोह के स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र पटेल ने बताया कि आवारा कुत्तों से निजात के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। एक माह की समय सीमा तय की गई है, जिसमें एजेंसियां शामिल होंगी। लाइसेंसी एजेंसी को ही काम दिया जाएगा, जो कुत्तों का बधियाकरण करेगी और सुरक्षित तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।
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दरअसल, शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने से इनके काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 10 से 15 लोग रेबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच रहे हैं। इसके अलावा, नगर पालिका के पास भी आवारा कुत्तों को पकड़ने की शिकायतें आ रही हैं। लेकिन, पर्याप्त अमला और संसाधन न होने के कारण अब नसबंदी और टीकाकरण कराने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगर पालिका ने टेंडर जारी कर दिया है।
शहर में आवारा कुत्तों से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका 20 लाख रुपये खर्च करेगी। इससे शहरभर में आवारा कुत्तों का बधियाकरण किया जाएगा। बधियाकरण के बाद टैगिंग कर कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा।
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पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए नहीं हैं संसाधन
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार, शहर में यदि कोई कुत्ता पागल हो जाता है और लोग उसे पकड़ने की शिकायत दर्ज कराते हैं, तो नगर पालिका के पास प्रशिक्षित अमला नहीं है। न ही पर्याप्त संसाधन हैं, जिससे पागल कुत्ते को पकड़कर उसका इलाज कराया जा सके। हर दिन किसी न किसी वार्ड से आवारा कुत्तों को लेकर शिकायत आती है। इस स्थिति में आवारा कुत्तों से निजात के लिए अब नगर पालिका बधियाकरण कराने जा रही है। टेंडर जारी करने के बाद अब एजेंसियों का इंतजार किया जा रहा है। एजेंसियां आते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। एजेंसी को हायर करने के बाद कुत्तों को पकड़ा जाएगा। इसके बाद बधियाकरण करके टैगिंग कर दी जाएगी, जिससे इन कुत्तों की पहचान हो सके।
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लाइसेंसी एजेंसी को दिया जाएगा काम
नगर पालिका दमोह के स्वास्थ्य अधिकारी जितेंद्र पटेल ने बताया कि आवारा कुत्तों से निजात के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। एक माह की समय सीमा तय की गई है, जिसमें एजेंसियां शामिल होंगी। लाइसेंसी एजेंसी को ही काम दिया जाएगा, जो कुत्तों का बधियाकरण करेगी और सुरक्षित तरीके से कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।
