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Damoh News: 42 चक्का ट्रक पर सवार मालगाड़ी के इंजन को देखने लगी लोगों की भीड़, जानिए क्यों लाया गया
Sun, 16 Jun 2024 05:06 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2024 05:06 PM IST
सार
हैदराबाद से 873 किमी की दूरी तय करके मालगाड़ी इंजन दमोह इमलाई सीमेंट फैक्ट्ररी प्लांट पहुंचा। यह इंजन बोगी में सीमेंट बोरी भरने के बाद बोगी को ट्रैक पर खड़ा करने के काम में लिया जाता है। 42 चक्का ट्रक पर सवार यह इंजन करीब 6 दिन में दमोह पहुंचा है और इसकी कीमत करीब तीन करोड़ रुपए है।
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ट्रक पर सवार रेल इंजन
विस्तार
दमोह छतरपुर मार्ग पर संचालित मायसम सीमेंट फेक्ट्री में एक मालगाड़ी का इंजन जब ट्रक पर सवार होकर पहुंचा तो इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिसके बाद यह इंजन लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया।
दरअसल, लोगों ने रेल इंजन या तो ट्रेन में लगे देखे हैं या फिर रेलवे लाइन पर खड़े देखे हैं। लेकिन, जब लोगों ने ट्रक पर सवार रेल इंजन को देखा तो सभी रोमांचित हो गए।
जानकारी के अनुसार हैदराबाद से 873 किमी की दूरी तय करके मालगाड़ी इंजन दमोह इमलाई सीमेंट फैक्ट्ररी प्लांट पहुंचा। यह इंजन बोगी में सीमेंट बोरी भरने के बाद बोगी को ट्रैक पर खड़ा करने के काम में लिया जाता है। 42 चक्का ट्रक पर सवार यह इंजन करीब 6 दिन में दमोह पहुंचा है और इसकी कीमत तीन करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसे किसी निजी कंपनी ने तैयार किया है। हालांकि, इस तरह के करीब 15 रेल इंजन फैक्ट्री में आ चुके हैं, जो खराब होने पर डिस्मेंटल करके अलग कर दिए गए। वर्तमान में फैक्ट्री के पास ऐसे तीन इंजन और हैं, जिनका उपयोग सीमेंट बोरी से भरी बोगी परिवहन में किया जाता है। सड़क पर इस 42 चक्का ट्रक को मुड़ने में भी काफी समय लगा और अन्य ट्रक चालक भी इस हेवी ट्रक को देखकर कुछ दूरी बनाकर ही चल रहे थे।
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दरअसल, लोगों ने रेल इंजन या तो ट्रेन में लगे देखे हैं या फिर रेलवे लाइन पर खड़े देखे हैं। लेकिन, जब लोगों ने ट्रक पर सवार रेल इंजन को देखा तो सभी रोमांचित हो गए।
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जानकारी के अनुसार हैदराबाद से 873 किमी की दूरी तय करके मालगाड़ी इंजन दमोह इमलाई सीमेंट फैक्ट्ररी प्लांट पहुंचा। यह इंजन बोगी में सीमेंट बोरी भरने के बाद बोगी को ट्रैक पर खड़ा करने के काम में लिया जाता है। 42 चक्का ट्रक पर सवार यह इंजन करीब 6 दिन में दमोह पहुंचा है और इसकी कीमत तीन करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसे किसी निजी कंपनी ने तैयार किया है। हालांकि, इस तरह के करीब 15 रेल इंजन फैक्ट्री में आ चुके हैं, जो खराब होने पर डिस्मेंटल करके अलग कर दिए गए। वर्तमान में फैक्ट्री के पास ऐसे तीन इंजन और हैं, जिनका उपयोग सीमेंट बोरी से भरी बोगी परिवहन में किया जाता है। सड़क पर इस 42 चक्का ट्रक को मुड़ने में भी काफी समय लगा और अन्य ट्रक चालक भी इस हेवी ट्रक को देखकर कुछ दूरी बनाकर ही चल रहे थे।
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