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Damoh News: तीसरे दिन मिला जलाशय में डूबे युवक का शव, दमोह और जबलपुर SDRF की टीम कर रही थी सर्चिंग
Tue, 02 May 2023 04:41 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 02 May 2023 04:41 PM IST
सार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा में नरगुवां जलाशय में डूबे युवक का शव आखिरकार तीसरे दिन एसडीआरएफ की टीम को झाड़ियों के बीच मिल गया। युवक की खोज में दमोह और जबलपुर एसडीआरएफ की टीम लगी थी, जिसे मंगलवार को सफलता मिल गई। वहीं, तेंदूखेड़ा थाने के एक एसआई और आरक्षक ने लगातार 18 घंटे तक युवक की खोज में लगे रहे।
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तीसरे दिन मिला जलाशय में डूबे युवक का शव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह के नरगुवां जलाशय में रविवार शाम मोहित लोधी भैंसों के साथ तैरने के लिए उतर गया था, लेकिन वह डूब गया और उसी दिन से पुलिस और एसडीआरएफ की टीम सर्चिंग में लगी थी। लगातार बारिश और अधिक गहराई होने के कारण टीम को मुश्किल हो रही थी। मंगलवार दोपहर 12 बजे जबलपुर और दमोह एसडीआरएफ की टीम को शव मिल गया। इसके बाद पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सुपुर्द किया गया।
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इस दौरान एसआई सिलाश कुमार, आरक्षक राजेंद्र लोधी, तेजगढ़ थाना प्रभारी, तेंदूखेड़ा एसडीओपी डीएस ठाकुर के साथ दमोह और जबलपुर की एसडीआरएफ की टीम मौजूद रही। 18 घंटे तक लगातार ड्यूटी देने वाले एसआई और आरक्षक ने बताया कि रविवार सुबह से ड्यूटी पर लगे थे, केवल रात में सोने गए थे और थोड़ा बहुत भोजन किया और सुबह से फिर तालाब पर ड्यूटी पर लग गए।
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इंजीनियरिंग की कर रहा था पढ़ाई...
मोहित लोधी नरगुवां निवासी मोहन लोधी का पुत्र है और घटना के दिन मोहन लोधी दूसरे गांव गए थे। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे हैं, मोहित बड़ा था जो जबलपुर के ग्लोबल कालेज से इंजीनियरिंग कर रहा था। उसकी एक भैंस हैं और तीन एकड़ जमीन है, जिससे खेती करके अपना और परिवार का भरण-पोषण करता था। घटना के दिन रात आठ बजे पुत्र के बारे में जानकारी मिली थी कि पुत्र नरगुवां जलाशय में डूब गया है। मंगलवार सुबह जब बेटे का शव निकला तो पिता मोहन एक पेड़ के नीचे चुपचाप बैठा दिखा। पुत्र को लेकर चर्चा की तो पिता का दर्द आंसुओं में निकल आया। उन्होंने बताया दिन रात मेहनत करके उसने अपने बेटों को पढ़ाया लिखाया और आज पुत्र छोड़कर चला गया।
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कांटा लगते ही ऊपर आ गया शव...
मंगलवार तीसरे दिन सुबह से एसडीआरएफ की टीम ने तालाब में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और 12 बजे तक कोई सुराग नहीं मिला। उसके बाद टीम ने नाव से चक्कर लगाकर गोल भोंर आकर बनाया और बाद में कांटा डाला तो उसमें युवक फस गया और बाद में दो मिनट बाद ही युवक का शव उपर आ गया। दमोह से एसडीआरएफ की टीम में टीम प्रभारी के रूप में उमेश विश्वकर्मा आए थे। उन्होंने बताया कि शव झाड़ियों में फंसा था और जिस जगह की लोकेशन टीम को दी जा रही थी शव वहां नहीं था, लेकिन जब तालाब में भोर आकर बनाया गया और काटा डाला तो उसमें शव फस गया और टीम द्वारा बाहर निकाल लिया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जबलपुर और दमोह की पूरी टीम का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। मौके पर तेंदूखेड़ा एसडीओपी डीएस ठाकुर भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि घटना रविवार शाम के समय हुई थी पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार सर्च कर रही थी। मंगलवार को युवक का शव बरामद किया गया है, जिसका पंचनामा बनाकर पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द किया गया।
