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सीएम के खिलाफ प्रदर्शन में गिरफ्तार हुई थीं 9 लड़कियां, जेल से बाहर आकर लगाए गंभीर आरोप

Fri, 15 Jun 2018 12:18 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Fri, 15 Jun 2018 12:18 PM IST
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girls alleged that the police at central jail misbehaved with them in Madhya Pradesh
- फोटो : ANI

मध्यप्रदेश के भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार हुई 9 लड़कियों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह पुलिस आरक्षक भर्ती में 3 सेंटीमीटर की छूट को लेकर तीन दिन से धरने पर बैठी थीं। उन्होंने सीएम की सभा में उनके खिलाफ नारेबाजी भी की। जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। पूरी रात जेल में रहने के बाद लड़कियों को अगले दिन कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया।

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उन्होंने बताया कि जेल में उनका प्रेगनेंसी टेस्ट कराया गया। लड़कियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि चेंजिंग रूम में पुरुष कांस्टेबलों ने तांक झांक भी की। उन्होंने कहा कि इससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची है। वह इस बात की शिकायत महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग में करेंगी।
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लड़कियों ने बताया कि जेल में उन्हें उन कैदियों के साथ बिठाया गया जो हत्या के जुर्म में गिरफ्तार हुए थे। उन्होंने कहा कि सीएम ने हमसे वादा किया था कि पुलिस आरक्षक की भर्ती में 3 सेंटीमीटर की छूट दी जाएगी तो फिर इसमें हमारा क्या गुनाह है। 
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सीएम ने कहा था 3-4 सेंटीमीटर की छूट दी जाएगी

girls alleged that the police at central jail misbehaved with them in Madhya Pradesh

गौरतलब है कि बुधवार को भोपाल के लालपरेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री संबोधित कर रहे थे। फिर वहां पुलिस आरक्षक भर्ती प्रक्रिया से नाराज लड़कियों ने पहुंचकर हंगामा किया और नारेबाजी शुरू कर दी।

लड़कियों ने कहा कि उन्होंने लिखित और शारिरिक परीक्षा पास कर ली लेकिन लंबाई कम होने के कारण उन्हें भर्ती से बाहर कर दिया गया। सीएम ने खुद कहा था कि महिलाओं को लंबाई में 3-4 सेंटीमीटर की छूट दी जाएगी। इसके बाद उन्होंने सीएम हाउस का घेराव भी किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद उनको सीएम के इस कार्यक्रम में आना पड़ा।

आंदोलनकारी लड़कियों में से एक ने कहा कि जेल में 9 लड़कियों का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया। जो कि उनकी निजता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि पुलिस कांसटेबल ने उनके चेंजिंग रूम में भी तांक- झांकी की। 

वहीं लड़कियों के लगाए आरोपों पर केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक दिनेश नरगावे ने कहा कि जो भी महिला जेल में बंदी के रूप में आती है, उसका मेडिकल परीक्षण कराना सामान्य प्रक्रिया होती है। इसमें प्रेग्नेंसी टेस्ट भी शामिल है। उन्होंने कहा कि तांक-झांकी वाला मामला उनके संज्ञान में नहीं है। 

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