पत्रकार की मौत पर घिरे शिवराज, जवाब देने खुद आए सामने
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व्यापमं घोटाले की जांच कर रहे टीवी चैनल के पत्रकार की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों के अलावा मीडिया संगठनों और सामाजिक संगठनों के निशाने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और उनकी भाजपा सरकार आ गई है।
पत्रकार की मौत को बेशक सामान्य मौत बताया जा रहा है लेकिन लोग इसके पीछे व्यापमं घोटाले से जुड़ी किसी बड़ी साजिश की संभावना देख रहे हैं। मामले में बवाल मचने के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान खुद सामने आए और पत्रकार अक्षय की मौत की एसआईटी से जांच कराने की सिफारिश की बात कही।
हालांकि इस दौरान पत्रकारों के सवालों पर वो असहज दिखाई दिए, हालांकि इसके बावजूद उन्होंने दावा किया कि सरकार की ईमानदारी और सख्ती से ही व्यापमं घोटाले की सच्चाई सामने आई।
बोले, शिवराज-अक्षय की मौत से मैं भी दुखी
न्यूज चैनल के पत्रकार अक्षय की मौत पर मीडिया से बात करते हुए शिवराज ने कहा कि उन्हें भी पत्रकार की मौत पर दुख है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं बहुत दुखी हूं। एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में पत्रकार अक्षय सिंह की आकस्मिक बीमारी से निधन हो गया।
उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हम उन्हें बचा नहीं सके। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पत्रकार के मौत की एसआईटी जांच कराई जाएगी, इस संबंध में वह एसआईटी प्रमुख से बात भी करेंगे। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट चाहे तो मामले की सीबीआई से भी जांच करवा सकती है हमें कोई आपत्ति नहीं है।
हालांकि उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार की सख्ती के कारण ही व्यापमं घोटाला सामने आया था। देश में किसी घोटाले की इतनी व्यापक जांच कभी नहीं हुई। वहीं उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे मामले पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजनीतिक दलों ने साधा शिवराज सरकार पर निशाना
दूसरी ओर पत्रकार के शव को पोस्टमार्टम के बाद दोपहर बाद दिल्ली लाया गया। जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पत्रकार की असमय मौत पर देशभर में शोक की लहर है। तमाम मीडिया संगठनों के अलावा राजनीतिक दलों ने पत्रकार की मौत पर शोक जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने कहा कि मामले की स्वतंत्र जांच होनी चहिए। उन्होंने कहा कांग्रेस इस संबंध में सीबीआई जांच की मांग करती है। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए जिससे इसमें पुलिस, राज्य सरकार और केन्द्र सरकार की मिलीभगत का पता चल सके।
वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि कोई भी मामले में मध्य प्रदेश सरकार पर यकीन नहीं कर सकता कि वो निष्पक्ष जांच करवाएगी। कैसे एक मामले में 40 से ज्यादा लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो सकती है।
दिग्विजय ने कहा एम्स के डॉक्टर करें विसरा की जांच
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा पत्रकार की पोस्टमार्टम के बाद उसका विसरा की जांच एम्स के वरिष्ठ चिकित्सकों की देखरेख में कैमरे के सामने होनी चहिए, हम गुजरात सरकार पर यकीन नहीं कर सकते।
वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सूरजेवाला ने कहा कि क्यों बार बार शिवराज सिंह चौहान हर मामले की एसटीएफ से जांच कराने के लिए जोर देते हैं जबकि एसटीएफ खुद संदेह के घेरे में है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी पत्रकार की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि नौजवान पत्रकार की मौत से उन्हें भी गहरा धक्का पहुंचा है। भगवान उनके परिवार को दुख सहने की शक्ति दे। मैं ऐसे में उनके परिवार से सहानभूति व्यक्त करता हूं।
