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कांग्रेस का प्रशिक्षण शिविर: सामाजिक प्रतिनिधित्व पर फोकस, महिला और माइनॉरिटी वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
Mon, 10 Nov 2025 06:28 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 10 Nov 2025 06:28 PM IST
सार
कांग्रेस के पचमढ़ी प्रशिक्षण शिविर के नौवें दिन संगठन विस्तार की रणनीति का केंद्र बिंदु सामाजिक प्रतिनिधित्व रहा, जहां महिला, एससी-एसटी, ओबीसी, ईबीसी और माइनॉरिटी वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर खास जोर दिया गया।
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प्रशिक्षण शिविर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कांग्रेस के संगठन सृजन प्रशिक्षण शिविर के नौवें दिन शनिवार को पार्टी ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में उसकी संगठनात्मक रणनीति का मूल आधार सामाजिक समावेशन और प्रतिनिधित्व होगा। शिविर में विशेष रूप से महिला, एससी-एसटी, ओबीसी, ईबीसी और माइनॉरिटी वर्गों को संगठन संरचना में अधिक स्थान देने पर जोर दिया गया। दिन की शुरुआत वंदे मातरम् और झंडा वंदन के साथ हुई। उसके बाद अलग-अलग सत्रों में संगठनात्मक मजबूती, समन्वय और तक संरचना विस्तार पर चर्चा हुई।
संगठन विचारधारा का जीवंत प्रतीक
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह कोषाध्यक्ष विजय सिंगला ने कहा कि कांग्रेस संगठन केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि यह देशभर में पार्टी की विचारधारा का जमीनी स्वरूप है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर स्तर पर संगठन को मजबूत करना और समाज के सभी वर्गों को जोड़ना कांग्रेस की बुनियादी प्रतिबद्धता है।
सामाजिक संगठनों से समन्वय पर दिया जोर
एआईसीसी सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि कांग्रेस को सामाजिक संगठनों के साथ संवाद और सहयोग को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक जुड़ाव ही कांग्रेस के जनसंपर्क तंत्र को सबसे प्रभावी बनाता है।
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संगठन की मजबूती सकारात्मक सोच और सामाजिक भागीदारी से
जीतू पटवारी ने जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन की मजबूती तभी संभव है जब इसमें समाज के हर वर्ग की आवाज़ शामिल हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं, एससी-एसटी, ओबीसी, ईबीसी और माइनॉरिटी वर्गों को संगठन में निर्णायक भागीदारी देना ही हमारी प्राथमिकता है। कांग्रेस जनता की भावना के अनुरूप इस प्रतिनिधित्व को हर स्तर पर सुनिश्चित करेगी। पटवारी ने जिला अध्यक्षों को भरोसा दिलाया कि संगठनात्मक कार्य करने में आने वाली कठिनाइयों का समाधान उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने ब्लॉक, पंचायत और ग्राम स्तर तक विस्तृत कार्ययोजना को लागू करने की दिशा में मार्गदर्शन दिया।
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समावेशी और मजबूत संगठन
शिविर में यह स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस की आगामी राजनीति और संगठनात्मक रणनीति में सामाजिक न्याय और समावेशिता केंद्र में रहेगी। पार्टी का मानना है कि इन वर्गों की सक्रिय भागीदारी न सिर्फ संगठन को मजबूत करेगी, बल्कि राजनीतिक संवाद को भी अधिक व्यापक और प्रतिनिधिक बनाएगी।
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संगठन विचारधारा का जीवंत प्रतीक
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सह कोषाध्यक्ष विजय सिंगला ने कहा कि कांग्रेस संगठन केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि यह देशभर में पार्टी की विचारधारा का जमीनी स्वरूप है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि हर स्तर पर संगठन को मजबूत करना और समाज के सभी वर्गों को जोड़ना कांग्रेस की बुनियादी प्रतिबद्धता है।
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सामाजिक संगठनों से समन्वय पर दिया जोर
एआईसीसी सीडब्ल्यूसी सदस्य एवं तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि कांग्रेस को सामाजिक संगठनों के साथ संवाद और सहयोग को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक जुड़ाव ही कांग्रेस के जनसंपर्क तंत्र को सबसे प्रभावी बनाता है।
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संगठन की मजबूती सकारात्मक सोच और सामाजिक भागीदारी से
जीतू पटवारी ने जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस संगठन की मजबूती तभी संभव है जब इसमें समाज के हर वर्ग की आवाज़ शामिल हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं, एससी-एसटी, ओबीसी, ईबीसी और माइनॉरिटी वर्गों को संगठन में निर्णायक भागीदारी देना ही हमारी प्राथमिकता है। कांग्रेस जनता की भावना के अनुरूप इस प्रतिनिधित्व को हर स्तर पर सुनिश्चित करेगी। पटवारी ने जिला अध्यक्षों को भरोसा दिलाया कि संगठनात्मक कार्य करने में आने वाली कठिनाइयों का समाधान उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने ब्लॉक, पंचायत और ग्राम स्तर तक विस्तृत कार्ययोजना को लागू करने की दिशा में मार्गदर्शन दिया।
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समावेशी और मजबूत संगठन
शिविर में यह स्पष्ट किया गया कि कांग्रेस की आगामी राजनीति और संगठनात्मक रणनीति में सामाजिक न्याय और समावेशिता केंद्र में रहेगी। पार्टी का मानना है कि इन वर्गों की सक्रिय भागीदारी न सिर्फ संगठन को मजबूत करेगी, बल्कि राजनीतिक संवाद को भी अधिक व्यापक और प्रतिनिधिक बनाएगी।
