फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Chhindwara an influential person usurped house woman is wandering complaint lodged in Chhindwara Collectorate

देख लो सरकार: छिंदवाड़ा में रसूखदार ने मकान ही हड़प लिया, न्याय के लिए दर-दर भटक रही महिला

Tue, 03 Sep 2024 03:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 03 Sep 2024 03:50 PM IST
सार

रसूखदार व्यक्ति ने एक महिला का मकान हड़प लिया। अब न्याय के लिए महिला दर-दर भटक रही है। छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट में शिकायत भी की है। बताया जा रहा है कि मकान गिरवी रखकर कब्जा लिया गया है। 

विज्ञापन
Chhindwara an influential person usurped house woman is wandering complaint lodged in Chhindwara Collectorate
परेशान महिला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार ने रसूखदारों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं। बावजूद इसके ब्याज से पैसे देकर लोग अभी भी रसूखदारी से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला परासिया (छिंदवाड़ा) के चांदामेटा में सामने आया। जहां एक रसूखदार महिला का मकान गिरवी रखने के नाम पर हड़प लिया, जिससे परेशान महिला अब मकान वापस लेने के लिए दर-दर की ठोकर खा रही है।

विज्ञापन


दरअसल, यहां रहने वाली कनीज़ा आलम ने बताया कि वह अपने पति मोहम्मद इमरान आलम के साथ परासिया (छिंदवाड़ा) में रहती हैं। उनका मकान, जो उनकी सास स्वर्गीय अनीशा आलम के नाम पर है, नगर परिषद चांदामेटा में दर्ज है। सरकार द्वारा जारी पट्टा भी उनकी सास के नाम पर है। कनीज़ा आलम के गले में गठान होने पर डॉक्टर ने उन्हें तत्काल ऑपरेशन की सलाह दी, जिसके लिए 70,000 से 80,000 रुपये खर्च आने का अनुमान था। उनके पास कुछ पैसे थे, लेकिन बाकी रकम के लिए उन्होंने विजय सोनी से 40,000 रुपये ब्याज पर लिए।
विज्ञापन


विजय सोनी ने गिरवी के नाम पर उनके मकान का मकाननामा अपने नाम करवा लिया और कहा कि जब रकम वापस हो जाएगी तो वह मकाननामा फाड़कर फेंक देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मकान का गिरवीनामा नहीं बनता। इसलिए उन्होंने मकान इकरारनामा बनवाया। इस स्थिति के अनुकूल होकर कनीज़ा आलम ने मकान गिरवी रखा और इस गिरवी नामा में उनके दो व्यक्ति गवाही में हैं। समय-समय पर उन्होंने विजय सोनी को 40,000 रुपये की रकम का ब्याज भी दिया।जब उनकी दैनिक स्थिति में सुधार हुआ और उन्होंने रकम जमाकर विजय सोनी के पास मकान वापस लेने के लिए गए, तो विजय सोनी ने कहा कि मकान वापस चाहिए तो उन्हें 3,00,000 रुपये और देने होंगे, नहीं तो वह मकान नहीं देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


कनीज़ा आलम पिछले 10 से 15 साल से किराए के मकान में रह रही हैं और उनकी स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह विजय सोनी को इतनी रकम दे पाएं। कुछ समय पहले पटवारी होने के कारण विजय सोनी ने उन्हें धमकाया भी और कहा कि 50,000 रुपये देकर मकान छोड़ दें। कनीजा आलम के छोटे-छोटे बच्चे हैं और वह बहुत परेशान हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed