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छिंदवाड़ा: लकड़ी के कारोबार का पंजीयन रद्द करने की धमकी, तीन हजार की रिश्वत लेते प्रभारी डिप्टी रेंजर गिरफ्तार
Tue, 13 Oct 2026 10:30 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 10:30 PM IST
सार
छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि उन्होंने इमारती लकड़ी कारोबार से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगी और पंजीयन निरस्त करने की धमकी दी। मामले में कार्रवाई जारी है।
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लाल घेरे में आरोपी
विस्तार
छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने मंगलवार को वन विभाग के प्रभारी डिप्टी रेंजर को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी वनपाल सुनील बनवारी पर लकड़ी के कारोबार से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बदले रिश्वत मांगने और राशि नहीं देने पर पंजीयन निरस्त करने की धमकी देने का आरोप है। लोकायुक्त की टीम ने आरोपी को उसके बिछुआ स्थित शासकीय आवास पर रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
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लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता मोखराम मालवीय निवासी बिछुआ के भाई लेखराम मालवीय के नाम पर मध्यप्रदेश वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम, 1969 की धारा 11 के तहत इमारती लकड़ी के विनिर्माता एवं उपभोक्ता के रूप में पंजीयन है। इस कारोबार के लिए मोखराम मालवीय और उनके भाई को फर्नीचर निर्माण के लिए अलग-अलग स्थानों से इमारती लकड़ी खरीदनी पड़ती है।
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नियमानुसार खरीदी गई लकड़ी से संबंधित जानकारी प्रत्येक तीन महीने में वन विभाग के डिप्टी रेंजर के समक्ष प्रस्तुत करनी होती है। शिकायत के मुताबिक, इस जानकारी पर हस्ताक्षर करने के एवज में प्रभारी डिप्टी रेंजर सुनील बनवारी ने मोखराम मालवीय से 3 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। आरोप है कि रिश्वत नहीं देने पर पंजीयन निरस्त करने की बात भी कही जा रही थी।
शिकायत के बाद बिछाया जाल
रिश्वत की मांग से परेशान होकर मोखराम मालवीय ने लोकायुक्त से शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने ट्रैप की योजना बनाई। मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को शिकायतकर्ता आरोपी के बिछुआ स्थित वन परिक्षेत्र के शासकीय आवास पर पहुंचा और उसे 3 हजार रुपए दिए। इसी दौरान पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने आरोपी सुनील बनवारी को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
लोकायुक्त टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के संशोधित प्रावधानों की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत कार्रवाई शुरू की है। इस ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक जितेंद्र यादव, ट्रैप लीडिंग ऑफिसर (टीएलओ), निरीक्षक राहुल गजभिए सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी शासकीय कार्य करने के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की जा सकती है।
