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Chhindwara News: स्वाभाविक मौत को बना दिया हादसा, संबल योजना में चार लाख का खेल, नपा कर्मचारी और युवक पर FIR
Sun, 13 Apr 2025 08:59 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Sun, 13 Apr 2025 08:59 AM IST
सार
जांच रिपोर्ट में नगरपालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर को दोषी पाया गया, जबकि योजना शाखा प्रभारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक व्यवस्थित घोटाला है और पूरे सिस्टम की जांच जरूरी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
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पुलिस थाना चौराई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संबल योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए चौरई में एक और बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एक महिला के पति की स्वाभाविक मौत को हादसा बताकर योजना का लाभ लिया गया। खाते में आई चार लाख की राशि में से महिला को सिर्फ 50 हजार रुपये मिले, बाकी रकम गबन कर ली गई। मामले में नगर पालिका कर्मचारी और एक अन्य युवक पर प्रकरण दर्ज किया गया है। वार्ड 6 निवासी माला वर्मा ने शिकायत में बताया कि 24 मई 2023 को उनके पति रामकिशन वर्मा की स्वाभाविक मौत हो गई थी। कुछ दिन बाद पड़ोस में रहने वाला प्रयास शर्मा उनके पास आया और कहा कि वह संबल योजना से मदद दिलवा सकता है। उसने दस्तावेज लेकर योजना का आवेदन तैयार किया और खाते में चार लाख रुपये की सहायता राशि आ गई, लेकिन माला वर्मा को केवल 50 हजार रुपये मिले, बाकी रकम आरोपी ले उड़ा।
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SDM ने दिए जांच के आदेश, रिपोर्ट में हुआ फर्जीवाड़ा उजागर
शिकायत पर एसडीएम ने जांच का जिम्मा नायब तहसीलदार रूही खान को सौंपा। जांच में सामने आया कि रामकिशन की मौत स्वाभाविक थी, लेकिन योजना में उसे दुर्घटना बताकर प्रकरण तैयार किया गया। इस गड़बड़ी में नगरपालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर को दोषी बताया गया, जबकि योजना शाखा प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। केवल ऑपरेटर नहीं, पूरा सिस्टम शक के घेरे में स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना योजना प्रभारी की जानकारी के ऐसा फर्जीवाड़ा मुमकिन नहीं। ऑपरेटर को बलि का बकरा बनाकर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। नगर में संबल योजना के ऐसे और भी फर्जी प्रकरणों की चर्चा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी अंशुल (नगरपालिका कर्मचारी) और प्रयास शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो फाइनल रिपोर्ट में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
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SDM ने दिए जांच के आदेश, रिपोर्ट में हुआ फर्जीवाड़ा उजागर
शिकायत पर एसडीएम ने जांच का जिम्मा नायब तहसीलदार रूही खान को सौंपा। जांच में सामने आया कि रामकिशन की मौत स्वाभाविक थी, लेकिन योजना में उसे दुर्घटना बताकर प्रकरण तैयार किया गया। इस गड़बड़ी में नगरपालिका के कंप्यूटर ऑपरेटर को दोषी बताया गया, जबकि योजना शाखा प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। केवल ऑपरेटर नहीं, पूरा सिस्टम शक के घेरे में स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना योजना प्रभारी की जानकारी के ऐसा फर्जीवाड़ा मुमकिन नहीं। ऑपरेटर को बलि का बकरा बनाकर मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। नगर में संबल योजना के ऐसे और भी फर्जी प्रकरणों की चर्चा है। फिलहाल पुलिस ने आरोपी अंशुल (नगरपालिका कर्मचारी) और प्रयास शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो फाइनल रिपोर्ट में और भी नाम सामने आ सकते हैं।
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