फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Chhindwara: Closed coal mine became trouble, 18 families in danger due to continuous gas leak, administration reached villagers to plead

छिंदवाड़ा: बंद पड़ी कोयला खदान बनी मुसीबत, लगातार गैस रिसाव होने से 18 परिवार खतरे में, प्रशासन से गुहार लगाने पहुंचे ग्रामीण

Sat, 07 May 2022 04:20 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: दिनेश शर्मा Updated Sat, 07 May 2022 04:20 PM IST
सार

हर्रई पंचायत के बजरंग दफाई के नीचे पुरानी बंद कोयला खदान है। इस खदान के धंसने से कई जगह पर सतह धंस रही है। इस धंसे हुए हिस्से से खदान की गैस बाहर आ रही है। 18 परिवारों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या से अवगत कराया।  

विज्ञापन
Chhindwara: Closed coal mine became trouble, 18 families in danger due to continuous gas leak, administration reached villagers to plead
छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत हर्रई के बजरंग दफाई के 18 परिवारों के लिए डब्ल्यूसीएल की बंद कोयला खदान मुसीबत का सबब बन गई है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत हर्रई के बजरंग दफाई के 18 परिवारों के लिए डब्ल्यूसीएल की बंद कोयला खदान मुसीबत का सबब बन गई है। इस खदान से रिस रही गैस लोगों के जीवन के लिए खतरा बनने लगी है। यहां जमीन धंसने और गैस रिसने से परेशान नागरिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर उन्होंने जमीन की मांग की। जमीन का पट्टा मिलने पर वे प्रधानमंत्री आवास योजना से मकान बनाकर रह सकेंगे।
विज्ञापन


गौरतलब है कि हर्रई पंचायत के बजरंग दफाई के नीचे पुरानी बंद कोयला खदान है। इस खदान के धंसने से कई जगह पर सतह धंस रही है। इस धंसे हुए हिस्से से खदान की गैस बाहर आ रही है। 18 सितंबर 2021 को एक व्यक्ति की मौत खदान की गैस के कारण हो चुकी है। इसके साथ ही कुछ बकरियां भी मरी थी। इसके बाद खदान ने इस हिस्से को खतरनाक घोषित कर दिया। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र विश्वकर्मा ने ग्रामीणों के साथ एसडीएम से मिलकर इस मामले में चर्चा कर आबादी की भूमि घोषित कर नए इलाके में पट्टा देने की मांग की है।
विज्ञापन

 
हनुमान दफाई में 18 परिवार निवास करते हैं। ये सभी परिवार गरीबी रेखा के नीचे वाले कार्डधारी हैं। छोटे मोटे काम करने वाले ये लोग जमीन खरीदकर कहीं और मकान नहीं बना सकते। सरकारी जमीन मिलने पर वे वहां प्रधानमंत्री योजना से मकान बनाकर रह लेंगे। एसडीएम को ज्ञापन देते समय संध्या टेकरे, शिवा भलावी, मुरारी पहाडे, सूरजभान कैथवास, गिरधारी, कमलवती, नरेंश टांडेकर, मुरली पहाडे, सुखवती भावरकर, अंकिता मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed