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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Chhindwara: Boycott of Panchayat elections in Gujkhedi and Rohna villages, nominations not filled for the post from Panch to Sarpanch

Chhindwara: गुजरखेड़ी और रोहना गांव में पंचायत चुनाव का बहिष्कार, पंच से लेकर सरपंच पद के लिए नहीं भरे नामांकन

Tue, 07 Jun 2022 03:33 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Tue, 07 Jun 2022 03:33 PM IST
सार

छिंदवाड़ा के पांढुर्ना और सौंसर में दो पंचायतें ऐसी हैं जहां सरपंच और पंच के लिए कोई भी नामांकन फॉर्म जमा नहीं किए गए। दोनों ही पंचायत में अब चुनाव नहीं होंगे, जिसे लेकर प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

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Chhindwara: Boycott of Panchayat elections in Gujkhedi and Rohna villages, nominations not filled for the post from Panch to Sarpanch
छिंदवाड़ा के दो गांवों में पंचायत चुनाव का बहिष्कार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन हर जिले में दावेदारों ने पूरे दमखम के साथ अपने नामांकन जमा कर दिए हैं, लेकिन छिंदवाड़ा के पांढुर्ना और सौंसर में दो पंचायतें ऐसी हैं जहां सरपंच और पंच के लिए कोई भी नामांकन फॉर्म जमा नहीं किए गए। दोनों ही पंचायत में अब चुनाव नहीं होंगे, जिसे लेकर प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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ग्रामीणों ने किया पंचायत चुनाव का बहिष्कार
दरअसल पांढुर्ना ब्लॉक के गुजर खेड़ी में सड़क निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर दिया है। गांव से किसी भी व्यक्ति ने न तो पंच के निर्वाचन के लिए नामांकन भरा और न ही सरपंच के लिए। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से बहिष्कार करते हुए नामांकन दाखिल नहीं किया और एकजुटता के साथ पंचायत चुनाव का विरोध करते नजर आए।
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बता दें, पिछले कई वर्षों से यहां पांढुर्णा से गुजरखेड़ी तक के लगभग 5 किलोमीटर लंबे मार्ग की हालत जर्जर हो गई है। लोगों को बारिश के दिनों में आने जाने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। विधायक का कहना है कि पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क स्वीकृत कर दी गई है, लेकिन फिर भी ग्रामीणों का मानना है कि जब तक सड़क नहीं बन जाती वह इस गांव में कोई भी चुनाव नहीं होने देंगे। 
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परिवारवाद के विरोध में चुनाव का बहिष्कार
वहीं, सौंसर ब्लॉक के ग्राम रोहना में भी चुनाव बहिष्कार करने का मामला सामने आया, जहां एक भी नामांकन जमा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है ति विगत दो दशक से यह पंचायत अजजा के लिये आरक्षित है। ऐसे में एक ही परिवार से सरपंच बनता है ।


10 वार्ड, 685 जनसंख्या एवं 484 मतदाता वाली यह ग्राम पंचायत मूलत: आदिवासी परियोजना में शामिल होने के कारण आरक्षित है। पंचायत में 97 प्रतिशत पिछड़ा वर्ग एवं 3 प्रतिशत अन्य वर्ग के लोग निवास करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे द्वारा इसके पूर्व भी प्रशासन के समक्ष हमारे द्वारा आरक्षण को लेकर मांग रखी थी, लेकिन हमारी मांग को नजर अंदाज किया गया, जिसके चलते ग्राम से पंच एवं सरपंच के लिये एक भी नामांकन जमा नहीं किया गया।
 
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