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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Cabinet contemplation meeting: CM said - 55 thousand rupees will be given in Kanyadan Yojana, Ladli Laxmi Yojana-2 will start from May 2

MP कैबिनेट की चिंतन बैठक: सीएम बोले- कन्यादान योजना में अब 55 हजार रुपये देंगे, 2 मई से लाडली लक्ष्मी योजना-2 शुरू

Sun, 27 Mar 2022 02:45 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sun, 27 Mar 2022 02:45 PM IST
सार

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 55 हजार रुपये किया जाएगा। योजना में गृहस्थी का सामान भेंट स्वरूप दिया जाएगा। 2 मई से लाडली लक्ष्मी योजना-2 शुरू होगी। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंतन बैठक को संबोधित करते हुए कही।

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Cabinet contemplation meeting: CM said - 55 thousand rupees will be given in Kanyadan Yojana, Ladli Laxmi Yojana-2 will start from May 2
शिवराज कैबिनेट की पचमढ़ी में चिंतन बैठक हुई। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पचमढ़ी में मध्य प्रदेश सरकार की चिंतन बैठक चल रही है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना की राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 55 हजार रुपये किया जाएगा। योजना में गृहस्थी का सामान भेंट स्वरूप दिया जाएगा। 2 मई से लाडली लक्ष्मी योजना-2 शुरू होगी। 
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लाडली लक्ष्मी योजना–2 के प्रारूप को अंतिम रूप देने के लिए मंत्री ऊषा ठाकुर, मीना सिंह तथा मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को दायित्व सौंपा गया है। यह योजना 2 मई को आरंभ की जाएगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पचमढ़ी में विभिन्न विभागों की तीन से 11 जनवरी में आयोजित समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की गई। बैठक में लोक निर्माण मंत्री गोपाल भार्गव, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, राजस्व तथा परिवहन मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, वन मंत्री कुंवर विजय शाह, उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, खनिज साधन मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृषि मंत्री कमल पटेल ने अपने विभागों से संबंधित गतिविधियां के संबंध में जानकारी प्रस्तुत की।
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प्रदेश में 48 हजार करोड़ के होंगे निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग, बजट व्यय का समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित कर निश्चित समयावधि में योजनाओं का क्रियान्वयन करते हुए उसकी समीक्षा करने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 48 हजार करोड़ के निर्माण कार्य होना है। अत: निर्माण कार्य के लिए पीआईयू सहित प्रतिष्ठित तथा अच्छी साख वाली संस्थाओं को सूचीबद्ध किया जाए। इनमें भारत सरकार की संस्थाओं को भी सम्मिलित किया जाए। प्रदेश में आगामी समय में होने वाले निर्माण कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए इन एजेंसियों को भी दायित्व सौंपने पर विचार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों को पेटी कॉन्ट्रेक्टर को देने की प्रक्रिया का नियमन और नियंत्रण आवश्यक है। समस्त निर्माण विभागों को इस पर चिंतन-मनन कर, अन्य राज्यों में चल रही व्यवस्था का आकलन कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत संचालित सर्किट हाउस तथा विश्राम गृहों के रखरखाव और संचालन के लिए भी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
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जांच, पेंशन प्रकरण समयसीमा में निपटाएं
बैठक में जानकारी दी गई कि सामान्य प्रशासन विभाग के अंतर्गत कार्यालयों के डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय जांच, पेंशन प्रकरण आदि का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
 
भामाशाह योजना दोबारा शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के अनुरूप देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मध्य प्रदेश के योगदान का स्पष्ट रोडमैप बनाकर उसे समय-सीमा में क्रियान्वित किया जाए। भामाशाह योजना पुन: आरंभ करने के निर्देश दिए। बैठक में कम राजस्व प्राप्त करने वाले विभागों को राजस्व प्राप्ति में वृद्धि के लिए प्रयास करने के निर्देश भी दिए गए।
 
ग्रामीण परिवहन का पायलट प्रोजेक्ट होगा शुरू
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि प्रदेश में 8 हजार 700 पटवारियों को लैपटॉप उपलब्ध कराए जा चुके हैं। लैण्ड टाइटलिंग का कार्य जारी है। भूमि संबंधी मामलों के निराकरण में ड्रोन की मदद ली जाए। प्रदेश में डिजिटिलाइजेशन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए सायबर तहसील स्थापित की जाए। मुख्यमंत्री आवासीय भू-अधिकार योजना की प्रगति की जानकारी भी दी गई। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण परिवहन परियोजना का पायलट प्रोजेक्ट विदिशा में लागू किया जाएगा।
 
हर गांव में बनेगा खेल मैदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर गांव में खेल मैदान विकसित किया जाए। भूमि चिन्हित करने के लिए अभियान चलाया जाए और मनरेगा के अंतर्गत खेल मैदान विकसित किए जाएं। बैठक में जानकारी दी गई कि हर्बल उत्पादों के व्यापार से बिचौलियों को हटाने के लिए वेब पोर्टल विकसित किया गया है, तथा उनके विक्रय के लिए प्रत्येक जिले में सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वन क्षेत्र को अतिक्रमण से बचाने तथा उनके बेहतर प्रबंधन के लिए रहवासियों की सहभागिता से गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मई माह में शिवपुरी, जबलपुर, रीवा और सतना में वन समितियों का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
 
इंदौर-भोपाल के बीच बनेगा एयरपोर्ट
बैठक में जानकारी दी गई कि ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में मध्य प्रदेश देश में चौथे नंबर पर है। एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत जिलों की रैकिंग की जा रही है। प्रदेश में खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही है। बैठक में रतलाम में निवेश पार्क और भोपाल के समीप 165 हेक्टेयर भूमि में बनने वाले लॉजिस्टिक्स और वेयर हाउस हब के संबंध में जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को लॉजिस्टिक्स और वेयर हाउसिंग का हब बनाने के लिए इंदौर और भोपाल के बीच एयरपोर्ट बनाकर विशेष क्षेत्र विकसित करने की योजना है। बैठक में बताया गया कि खनिज के अवैध परिवहन को रोकने के लिए विभिन्न राज्यों में अपनाई जा रही प्रक्रिया का अध्ययन कर कार्ययोजना बनाई जा रही है।  
 
 बिजली बिलों में सुधार के लिए चलेगा अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग के लिए बिजली उपभोक्ताओं की संतुष्टि और उनकी समस्याओं का निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में बताया गया कि बिजली बिलों में सुधार के लिए अप्रैल-मई में विशेष अभियान चलाया जाएगा। लाइनमेनों की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता सुनिश्चित करने, अवैध कनेक्शनों पर कड़ी कार्रवाई और बिजली चोरी रोकने के लिए जारी गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी दी गई।

 
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि के विविधीकरण के अंतर्गत परम्परागत फसलों के साथ-साथ मोटे अनाज सहित अन्य नगदी फसलों की खेती को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। हार्वेस्टर से कटाई में भूसा नहीं बचने की स्थिति पर चिंता जताई। पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था करने के उद्देश्य से फसल कटाई के लिए ऐसे यंत्रों का उपयोग किया जाए, जिससे पशुओं के लिए भूसा बच सके। बैठक में जानकारी दी गई जनजातीय बाहुल्य विकासखंड, प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए उपयुक्त हैं। इन क्षेत्रों में हो रही फसलों के जैविक प्रमाणीकरण के लिए प्रयास किया जा रहा है। 
 
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