{"_id":"6aafb95b2c2835e1b4091cb4","slug":"will-rahul-gandhi-join-the-teacher-recruitment-protest-protesting-candidates-make-a-major-claim-protest-cont-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षक भर्ती आंदोलन में आएंगे राहुल गांधी?: प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का बड़ा दावा, 31वें दिन प्रदर्शन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षक भर्ती आंदोलन में आएंगे राहुल गांधी?: प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का बड़ा दावा, 31वें दिन प्रदर्शन जारी
Sun, 20 Sep 2026 04:16 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 20 Sep 2026 04:16 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन 31वें दिन भी जारी है। नरेंद्र राजपूत ने दावा किया कि राहुल गांधी जल्द आंदोलन स्थल पर आ सकते हैं। अभ्यर्थियों ने अतिरिक्त पद बढ़ाने और दोबारा काउंसलिंग कराने की मांग की है।
विज्ञापन
शिक्षक अभ्यर्थियों का धरना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन रविवार को 31वें दिन भी जारी रहा। अब आंदोलन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के शामिल होने का दावा किया गया है। पदवृद्धि की मांग को लेकर निर्जल अनशन कर रहे नरेंद्र राजपूत ने कहा कि राहुल गांधी से संपर्क हुआ है और उनकी ओर से आंदोलन स्थल पर आने का संदेश मिला है। राजपूत के मुताबिक, राहुल गांधी ने आंदोलन में शामिल होने की पुष्टि की है और जल्द भोपाल आ सकते हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी दूसरी मांग को लेकर नहीं, बल्कि शिक्षक भर्ती में अतिरिक्त पद जोड़कर एक और काउंसलिंग कराने के लिए है। उनका तर्क है कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बेहतर परसेंटाइल और रैंक होने के बावजूद पदों की संख्या सीमित होने के कारण चयन से बाहर रह गए हैं।
10 दिन से निर्जल अनशन पर नरेंद्र राजपूत
नरेंद्र राजपूत पिछले 10 दिन से निर्जल भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने की बात अभ्यर्थियों ने कही है। राजपूत का कहना है कि यदि रिजल्ट जारी होने के बाद पदवृद्धि का कोई प्रावधान नहीं है तो वर्ष 2022 में किस आधार पर अतिरिक्त पद बढ़ाए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार को पुराने आदेश और नियम सामने रखकर अभ्यर्थियों से बातचीत करनी चाहिए। यदि पदवृद्धि कानूनी रूप से संभव नहीं है तो विभाग अभ्यर्थियों के बीच आकर इसकी स्पष्ट वजह बताए।
राहुल गांधी से बातचीत का अभ्यर्थी ने किया दावा
अभ्यर्थियों ने दावा किया कि राहुल गांधी से संपर्क हुआ है और उनसे बातचीत भी हुई है। दावा है कि, राहुल गांधी जल्द आंदोलन स्थल पर आकर अभ्यर्थियों से मुलाकात कर सकते हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी पदवृद्धि के उदाहरण हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में अलग स्थिति क्यों है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने अपनी रैंक 5427 बताई और कहा कि 3631 रैंक तक के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसी अंतर को देखते हुए अतिरिक्त पद बढ़ाने की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
2022 में बढ़े थे 7,500 पद, अब नियम पर सवाल
आंदोलन में शामिल भिंड के वर्ग-3 अभ्यर्थी ने शिक्षक भर्ती की पिछली प्रक्रिया का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि वर्ष 2022 में 7,500 पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराई गई थी। अभ्यर्थी के मुताबिक, 26 नवंबर 2022 के दस्तावेज में पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग कराने का उल्लेख है। उन्होंने बताया कि उनके एक परिचित का पहली काउंसलिंग में चयन नहीं हुआ था। वह एससी वर्ग से था। बाद में दूसरी काउंसलिंग में उसका चयन हुआ और वर्तमान में वह विदिशा जिले में कार्यरत है। उनका का सवाल है कि जब पिछली भर्ती में अतिरिक्त पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराई जा सकती थी तो इस बार पदवृद्धि का प्रावधान नहीं होने की बात क्यों कही जा रही है। उनका कहना है कि अभ्यर्थी इसी पुराने आदेश और प्रक्रिया के आधार पर सरकार से चर्चा की मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें-20 सितंबर से 20 ट्रेनें रद्द: बीना यार्ड रीमॉडलिंग का असर, भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी, श्रीधाम और राज्यरानी शामिल
डीपीआई आयुक्त से मिले, फिर कार्यालय के सामने शुरू किया आंदोलन
अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल डीपीआई आयुक्त से भी मुलाकात कर चुका है। उनके के मुताबिक, अधिकारियों ने मांग पर विचार करने की बात कही थी। अभ्यर्थियों ने इसके बाद कुछ दिन निर्णय का इंतजार किया, लेकिन कोई फैसला सामने नहीं आया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के सामने आंदोलन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि बातचीत और ज्ञापन के बावजूद समाधान नहीं निकलने के कारण आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है।
विज्ञापन
10 दिन से निर्जल अनशन पर नरेंद्र राजपूत
नरेंद्र राजपूत पिछले 10 दिन से निर्जल भूख हड़ताल पर हैं। आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने की बात अभ्यर्थियों ने कही है। राजपूत का कहना है कि यदि रिजल्ट जारी होने के बाद पदवृद्धि का कोई प्रावधान नहीं है तो वर्ष 2022 में किस आधार पर अतिरिक्त पद बढ़ाए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार को पुराने आदेश और नियम सामने रखकर अभ्यर्थियों से बातचीत करनी चाहिए। यदि पदवृद्धि कानूनी रूप से संभव नहीं है तो विभाग अभ्यर्थियों के बीच आकर इसकी स्पष्ट वजह बताए।
विज्ञापन
राहुल गांधी से बातचीत का अभ्यर्थी ने किया दावा
अभ्यर्थियों ने दावा किया कि राहुल गांधी से संपर्क हुआ है और उनसे बातचीत भी हुई है। दावा है कि, राहुल गांधी जल्द आंदोलन स्थल पर आकर अभ्यर्थियों से मुलाकात कर सकते हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी पदवृद्धि के उदाहरण हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश में अलग स्थिति क्यों है, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने अपनी रैंक 5427 बताई और कहा कि 3631 रैंक तक के अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इसी अंतर को देखते हुए अतिरिक्त पद बढ़ाने की मांग की जा रही है।
विज्ञापन
2022 में बढ़े थे 7,500 पद, अब नियम पर सवाल
आंदोलन में शामिल भिंड के वर्ग-3 अभ्यर्थी ने शिक्षक भर्ती की पिछली प्रक्रिया का उदाहरण दिया। उनका कहना है कि वर्ष 2022 में 7,500 पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराई गई थी। अभ्यर्थी के मुताबिक, 26 नवंबर 2022 के दस्तावेज में पद बढ़ाने और दूसरी काउंसलिंग कराने का उल्लेख है। उन्होंने बताया कि उनके एक परिचित का पहली काउंसलिंग में चयन नहीं हुआ था। वह एससी वर्ग से था। बाद में दूसरी काउंसलिंग में उसका चयन हुआ और वर्तमान में वह विदिशा जिले में कार्यरत है। उनका का सवाल है कि जब पिछली भर्ती में अतिरिक्त पद बढ़ाकर दूसरी काउंसलिंग कराई जा सकती थी तो इस बार पदवृद्धि का प्रावधान नहीं होने की बात क्यों कही जा रही है। उनका कहना है कि अभ्यर्थी इसी पुराने आदेश और प्रक्रिया के आधार पर सरकार से चर्चा की मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें-20 सितंबर से 20 ट्रेनें रद्द: बीना यार्ड रीमॉडलिंग का असर, भोपाल-ग्वालियर इंटरसिटी, श्रीधाम और राज्यरानी शामिल
डीपीआई आयुक्त से मिले, फिर कार्यालय के सामने शुरू किया आंदोलन
अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिमंडल डीपीआई आयुक्त से भी मुलाकात कर चुका है। उनके के मुताबिक, अधिकारियों ने मांग पर विचार करने की बात कही थी। अभ्यर्थियों ने इसके बाद कुछ दिन निर्णय का इंतजार किया, लेकिन कोई फैसला सामने नहीं आया। इसके बाद अभ्यर्थियों ने डीपीआई कार्यालय के सामने आंदोलन शुरू कर दिया। उनका कहना है कि बातचीत और ज्ञापन के बावजूद समाधान नहीं निकलने के कारण आंदोलन लगातार आगे बढ़ रहा है।
