फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Valve implantation will start soon in AIIMS Bhopal

MP News: एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगा वाल्व इंप्लांटेशन, सर्जरी विभाग में मरीजों हो रही स्क्रीनिंग

Sun, 19 May 2024 09:23 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Sun, 19 May 2024 09:23 PM IST
सार

MP News: एम्स भोपाल में हृदय से पीड़ित मरीजों के वाल्व इंप्लांटेशन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके लिए तीन मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

विज्ञापन
Valve implantation will start soon in AIIMS Bhopal
एम्स भोपाल में जल्द शुरू होगा वाल्व इंप्लांटेशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी स्थित एम्स भोपाल मरीजों की सुविधा के लिए नए-नए प्रयोग किया जा रहे हैं अस्पताल में कई नई तकनीक को शुरू किया गया है। और कई प्रक्रिया में है। अब जल्द ही यहां हृदय के वाल्व बदलना शुरू किया जाएगा। खास बात यह है कि एम्स मध्य भारत का पहला सरकारी अस्पताल होगा, जहां हृदय के वाल्व  बिना चीरा लगाए ही बदला जाएगा। इस प्रक्रिया में मात्र आधे घंटे का समय लगेगा। मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। यहां तीन मरीजों की कार्डियक सर्जरी विभाग में स्क्रीनिंग को जा रही है। 

विज्ञापन


इसलिए किया जाता है वाल्व इंप्लांटेशन
हार्ट में चार चैंबर होते हैं। सभी चैंबर में खून का बहाव होने पर वाल्व खुलते हैं, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि खून सही दिशा में और सही मात्रा में पहुंच रहा है या नहीं। वाल्व खराब होने पर यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है, जिससे समस्याएं बढ़ती हैं। कुछ बच्चों में यह स्थिति जन्मजात होती है। वहीं इसकी अन्य वजह जेनेटिक, इन्फेक्शन और ज्यादा उम्र भी हो सकती है। चिकित्सकों का कहना है कि हार्ट वाल्व की समस्या से ग्रसित ऐसे मरीज जिनकी आयु ज्यादा है और उन्हें अन्य बीमारियां हैं, ऐसे मरीजों में पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी में बड़ा चीरा लगाने पर खून ज्यादा निकलता है। वहीं अन्य बीमारी होने से इनकी इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। आपरेशन से अन्य अंगों के खराब होने व इंफेक्शन का खतरा पैदा होता है, जिससे मौत तक हो जाती है।
विज्ञापन


मरीज को किसी भी इलाज के लिए ना जाना पड़े बाहर
एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि एम्स आने वाले मरीजों को किसी भी बीमारी के इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े यही हमारा लक्ष्य है। कार्डियक सर्जरी विभाग भी लगातार काम कर रहा है। प्रदेश के बाहर से भी लोग यहां इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में हम उन्हें नई तकनीक की मदद से बेहतर इलाज देने की कोशिश कर रहे हैं। कार्डियक विभाग को नई मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जो काफी कारगर साबित हो रही हैं। कार्डियक विभाग बच्चों की जन्मजात बीमारियों के लिए भी काम रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed