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एम्स में 260 आउटसोर्स कर्मचारियों के हटाने पर हंगामा: मुख्य गेट पर धरना,विरोध के बाद सेवा समाप्ति का आदेश वापस
Thu, 01 Oct 2026 05:56 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Thu, 01 Oct 2026 05:56 PM IST
सार
भोपाल एम्स में करीब 260 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में मुख्य गेट पर प्रदर्शन हुआ। हाउसकीपिंग और वार्ड बॉय समेत प्रभावित कर्मचारियों ने नौकरी बहाल करने की मांग की। विरोध के बाद एम्स प्रबंधन ने सेवा समाप्ति और ट्रांसफर से जुड़े आदेश वापस लेने का फैसला लिया। प्रबंधन के आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने धरना खत्म कर दिया।
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एम्स के कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल एम्स में करीब 260 आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने के मामले ने बुधवार रात से गुरुवार तक हंगामा खड़ा कर दिया। हाउसकीपिंग, वार्ड बॉय समेत कई कर्मचारियों के नाम सेवा समाप्ति की सूची में होने की बात सामने आने के बाद कर्मचारियों ने एम्स के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों का आरोप था कि उन्हें बिना कारण बताए नौकरी से हटाने का फैसला लिया गया। बताया गया कि कर्मचारियों की सूची बुधवार रात करीब 9 बजे जारी की गई थी। इसके बाद एमजी सोलंकी कंपनी से जुड़े कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने एजेंसी और एम्स प्रबंधन से नौकरी से हटाने के फैसले का आधार बताने और रोजगार बहाल करने की मांग की।
विरोध के बाद एम्स ने लिया फैसला वापस
कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद एम्स प्रबंधन ने करीब 260 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्ति और ट्रांसफर से संबंधित आदेश वापस लेने की बात कही। इसके बाद हाउसकीपिंग, वार्ड बॉय समेत प्रभावित अन्य कर्मचारियों की बहाली का रास्ता साफ हुआ। मध्यप्रदेश ठेका मजदूर कांग्रेस इंटक के अध्यक्ष केके नेमा के मुताबिक, कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में धरना चल रहा था। प्रबंधन की ओर से मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद धरना खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि करीब 260 कर्मचारियों को नोटिस दिए गए थे और आश्वासन दिया गया है कि उन्हें नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों के निराकरण का भी आश्वासन मिला है।
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एम्स बोला- गलतफहमी दूर की, सेवाएं निर्बाध
एम्स भोपाल ने अपने प्रेस नोट में कहा कि अस्पताल में मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को हुई कुछ गलतफहमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका निराकरण किया।एम्स प्रशासन के मुताबिक, उसके त्वरित प्रयासों से मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी हैं। प्रशासन ने कहा कि वह मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ अपने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ सहयोगात्मक संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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विरोध के बाद एम्स ने लिया फैसला वापस
कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद एम्स प्रबंधन ने करीब 260 आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा समाप्ति और ट्रांसफर से संबंधित आदेश वापस लेने की बात कही। इसके बाद हाउसकीपिंग, वार्ड बॉय समेत प्रभावित अन्य कर्मचारियों की बहाली का रास्ता साफ हुआ। मध्यप्रदेश ठेका मजदूर कांग्रेस इंटक के अध्यक्ष केके नेमा के मुताबिक, कर्मचारियों को हटाए जाने के विरोध में धरना चल रहा था। प्रबंधन की ओर से मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद धरना खत्म कर दिया गया। उन्होंने कहा कि करीब 260 कर्मचारियों को नोटिस दिए गए थे और आश्वासन दिया गया है कि उन्हें नौकरी से नहीं हटाया जाएगा। कर्मचारियों से जुड़े अन्य मुद्दों के निराकरण का भी आश्वासन मिला है।
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एम्स बोला- गलतफहमी दूर की, सेवाएं निर्बाध
एम्स भोपाल ने अपने प्रेस नोट में कहा कि अस्पताल में मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को हुई कुछ गलतफहमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए और कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका निराकरण किया।एम्स प्रशासन के मुताबिक, उसके त्वरित प्रयासों से मरीजों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी हैं। प्रशासन ने कहा कि वह मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ अपने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ सहयोगात्मक संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
