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Swachh Survekshan: इंदौर लगातार सातवीं बार देश में अव्वल, स्वच्छ राज्य में मध्य प्रदेश को दूसरा स्थान
Thu, 11 Jan 2024 03:21 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 11 Jan 2024 03:21 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के इंदौर शहर ने लगातार सातवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब हासिल किया है। इंदौर और सुरत को संयुक्त रूप से पुरस्कार दिया गया। वहीं, मध्य प्रदेश को स्वच्छ राज्यों में दूसरा स्थान मिला है।
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राष्ट्रपति से पुरस्कार लेते सीएम डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में इंदौर ने एक बार फिर परचम लहरा दिया है। स्वच्छता सर्वेक्षण के सबसे स्वच्छ शहर में इंदौर और सूरत को संयुक्त रूप से स्थान मिला। इंदौर को सातवीं बार देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब मिला है। इंदौर को गारबेज फ्री सिटी में सेवन स्टार रेटिंग मिली है। दिल्ली के भारत मंडपम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्य मित्र भार्गव को सम्मानित किया। मध्य प्रदेश को सबसे स्वच्छ राज्य की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है। इस बार मध्य प्रदेश महाराष्ट्र से पिछड़ गया है। मध्य प्रदेश एक स्टार रैटिंग, एक फाइव स्टार रैटिंग और 24 थ्री स्टार रैकिंग के साथ दूसरे स्थान पर रहा। तीसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ रहा।
वहीं, कैंटोनमेंट बोर्ड की स्वच्छता रेटिंग में महू को सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट बोर्ड में पहली बार प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं, स्वच्छता सर्वे में भोपाल शहर छठवें से पांचवे स्थान पर हैं। वहीं, इससे पहले शहर वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी स्थान पर आया था। भोपाल शहर ने वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरे स्थान पर स्वच्छता रैकिंग में आया था। अधिकारियों का कहना है कि भोपाल में गीला, सूखा कचरा और मेडिकल वेस्ट समेतकचरे की प्रोसिंग में बहुत काम किया है। कचरे के सेग्रीगेशन में भोपाल इंदौर से पीछे रहा। इंदौर को कचरे के सोर्स सेग्रेशन पैरामीटर में 98 प्रतिशत अंक मिले, जबकि भोपाल को 95 प्रतिशत। वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 की रिपोर्ट के अनुसार पब्लिक टॉयलेट की साफ-सफाई में इंदौर पैरामीटर अनुसार 100 प्रतिशत काम हो रहा है, जबकि भोपाल में पैरामीटर के अनुसार 97 प्रतिशत अंक ही मिले।
कार्यक्रम में भोपाल शहर को स्वच्छ शहरों की सूची में गार्बेज फ्री सिटी में 5 स्टार रेटिंग के साथ पांचवा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश के 15,000 से 20,000 जनसंख्या वाले शहरों में बुधनी को पश्चिम जोन के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में नौरोजाबाद और अमरकंटक को फास्ट मूविंग सिटी श्रेणी में प्रथम और द्वितीय स्थान मिला है। महू ने सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट बोर्ड का खिताब हासिल किया है। प्रदेश में स्वच्छता के प्रयासों से 7 शहरों को वाटर प्लस, 361 शहरों को ओडीएफ++, 3 शहरों को ओडीएफ+ और 7 शहरों को ओडीएफ दर्जा प्राप्त है। प्रदेश में एक 7-स्टार, एक 5-स्टार, 24 3-स्टार और 132 1-स्टार गार्बेज फ्री शहर है। भोपाल शहर के छठवें से पांचवे स्थान पर आने पर नगर निगम कर्मचारियों ने जश्न मनाया। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने ढोल बजाया और कर्मचारियों को मिठाई खिलाई। नगर निगम कर्मचारी बीएमसी कार्यालय के सामने जमकर नाचें।
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सीएम की अपील- स्वच्छता के लिए आपका यह जुनून कभी कम न हो
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने "स्वच्छता सर्वेक्षण में सातवीं बार इंदौर के प्रथम आने पर मध्यप्रदेश और इंदौर वासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा इंदौरवासियों ने पुनः यह सिद्ध कर दिया है कि स्वच्छता न सिर्फ उनकी आदत बन चुकी है, बल्कि अब उनकी सोच में भी स्वच्छता ही है। स्वच्छता की इस सबसे बड़ी उपलब्धि पर मैं समस्त प्रदेशवासियों एवं स्वच्छता के कार्य में लगी पूरी टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं एवं अपील करता हूं कि स्वच्छता के लिए आपका यह जुनून कभी कम न हो। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सदैव कटिबद्ध है।
जनता ने पीएम के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार किया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि आज मध्यप्रदेश के लिए गौरव का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का देश में स्वच्छता का अभियान था, वो मध्यप्रदेश में साकार हुआ है। एक बार फिर इंदौर स्वच्छता में सिरमौर बना है। आज सातवीं बार देश ने देश में अव्वल रहा है। शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, स्वच्छता मित्रों, अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मन में मोदी ये केवल जुमला नहीं है ये मध्यप्रदेश ने सिद्ध कर दिया है। मध्यप्रदेश की जनता ने मोदी जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार किया है। जनता की जागरूकता के बिना इस तरह के परिणाम संभव नहीं है। इसलिए प्रदेश की जनता को भी बधाई और धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा भोपाल को भी स्वच्छता में पांचवा स्थान मिला है, इसके लिए भोपाल महापौर मालती राय और भोपालवासियों को बधाई।
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वहीं, कैंटोनमेंट बोर्ड की स्वच्छता रेटिंग में महू को सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट बोर्ड में पहली बार प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं, स्वच्छता सर्वे में भोपाल शहर छठवें से पांचवे स्थान पर हैं। वहीं, इससे पहले शहर वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरी स्थान पर आया था। भोपाल शहर ने वर्ष 2017 और 2018 में लगातार दो साल देश में दूसरे स्थान पर स्वच्छता रैकिंग में आया था। अधिकारियों का कहना है कि भोपाल में गीला, सूखा कचरा और मेडिकल वेस्ट समेतकचरे की प्रोसिंग में बहुत काम किया है। कचरे के सेग्रीगेशन में भोपाल इंदौर से पीछे रहा। इंदौर को कचरे के सोर्स सेग्रेशन पैरामीटर में 98 प्रतिशत अंक मिले, जबकि भोपाल को 95 प्रतिशत। वहीं, स्वच्छता सर्वेक्षण-2023 की रिपोर्ट के अनुसार पब्लिक टॉयलेट की साफ-सफाई में इंदौर पैरामीटर अनुसार 100 प्रतिशत काम हो रहा है, जबकि भोपाल में पैरामीटर के अनुसार 97 प्रतिशत अंक ही मिले।
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कार्यक्रम में भोपाल शहर को स्वच्छ शहरों की सूची में गार्बेज फ्री सिटी में 5 स्टार रेटिंग के साथ पांचवा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश के 15,000 से 20,000 जनसंख्या वाले शहरों में बुधनी को पश्चिम जोन के सबसे स्वच्छ शहर का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। एक लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में नौरोजाबाद और अमरकंटक को फास्ट मूविंग सिटी श्रेणी में प्रथम और द्वितीय स्थान मिला है। महू ने सबसे स्वच्छ कैंटोनमेंट बोर्ड का खिताब हासिल किया है। प्रदेश में स्वच्छता के प्रयासों से 7 शहरों को वाटर प्लस, 361 शहरों को ओडीएफ++, 3 शहरों को ओडीएफ+ और 7 शहरों को ओडीएफ दर्जा प्राप्त है। प्रदेश में एक 7-स्टार, एक 5-स्टार, 24 3-स्टार और 132 1-स्टार गार्बेज फ्री शहर है। भोपाल शहर के छठवें से पांचवे स्थान पर आने पर नगर निगम कर्मचारियों ने जश्न मनाया। नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने ढोल बजाया और कर्मचारियों को मिठाई खिलाई। नगर निगम कर्मचारी बीएमसी कार्यालय के सामने जमकर नाचें।
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सीएम की अपील- स्वच्छता के लिए आपका यह जुनून कभी कम न हो
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने "स्वच्छता सर्वेक्षण में सातवीं बार इंदौर के प्रथम आने पर मध्यप्रदेश और इंदौर वासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा इंदौरवासियों ने पुनः यह सिद्ध कर दिया है कि स्वच्छता न सिर्फ उनकी आदत बन चुकी है, बल्कि अब उनकी सोच में भी स्वच्छता ही है। स्वच्छता की इस सबसे बड़ी उपलब्धि पर मैं समस्त प्रदेशवासियों एवं स्वच्छता के कार्य में लगी पूरी टीम, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बधाई देता हूं एवं अपील करता हूं कि स्वच्छता के लिए आपका यह जुनून कभी कम न हो। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने के लिए मध्यप्रदेश सदैव कटिबद्ध है।
जनता ने पीएम के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार किया
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि आज मध्यप्रदेश के लिए गौरव का दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का देश में स्वच्छता का अभियान था, वो मध्यप्रदेश में साकार हुआ है। एक बार फिर इंदौर स्वच्छता में सिरमौर बना है। आज सातवीं बार देश ने देश में अव्वल रहा है। शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, स्वच्छता मित्रों, अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मन में मोदी ये केवल जुमला नहीं है ये मध्यप्रदेश ने सिद्ध कर दिया है। मध्यप्रदेश की जनता ने मोदी जी के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार किया है। जनता की जागरूकता के बिना इस तरह के परिणाम संभव नहीं है। इसलिए प्रदेश की जनता को भी बधाई और धन्यवाद देता हूं। उन्होंने कहा भोपाल को भी स्वच्छता में पांचवा स्थान मिला है, इसके लिए भोपाल महापौर मालती राय और भोपालवासियों को बधाई।
