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Bhopal news: एम्स में महिला चिकित्सकों के लिए बढ़ाई गई सुरक्षा, अब ड्यूटी रूम में जाने के लिए लेनी होगी अनुमति
Wed, 21 Aug 2024 08:50 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 21 Aug 2024 08:50 PM IST
सार
एम्स प्रबंधन ने रेजिडेंट डॉक्टर्स की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एम्स में अब बिना अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति महिला डॉक्टरों के ड्यूटी रूम में नहीं जा सकेगा।
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एम्स में विरोध प्रदर्शन करते डॉक्टर्स
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या बाद मध्य प्रदेश में भी जूनियर डॉक्टर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राजधानी भोपाल स्थित एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर लगातार काम बंद कर हड़ताल पर हैं। एम्स प्रबंधन अब रेजिडेंट डॉक्टर्स की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एम्स में अब बिना अनुमति कोई भी बाहरी व्यक्ति महिला डॉक्टरों के ड्यूटी रूम में नहीं जा सकेगा। चिकित्सकों के रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन कार्ड बनाए जाएंगे। इसमें संबंधित डॉक्टर का थंब या फेस कार्ड जनरेट किया जाएगा, जिसकी मदद से डॉक्टर अपने ड्यूटी रूम को खोल सकेगा। अगर कोई व्यक्ति डॉक्टर के ड्यूटी रूम में आना भी चाहता है तो इसके लिए डॉक्टर की आरएफआईडी की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा एम्स प्रबंधन कैमरों की संख्या भी बढ़ाने के साथ अन्य सुविधाएं भी शुरू करने जा रहा है।
अस्पताल परिसर के संदिग्ध क्षेत्रों को किया जाएगा चिह्नित
एम्स भोपाल परिसर में ऐसे क्षेत्रों को भी चिह्नित किया जाएगा, जो संदिग्ध क्षेत्र में आते हैं, यहां करीब 150 से अधिक अलार्म लगाए जाएंगे। यह तेज आवाज और सेंसर आधारित होगा, इसमें अगर किसी डॉक्टर पर आपराधिक गतिविधियां होती हैं तो यह अलार्म स्वत: बजने लगेगा। इस पर डॉक्टर की सुरक्षा की जा सकेगी। हालांकि अभी इसे लेकर अभी प्रबंधन ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहा है कि यह किस तरह काम करेगा। इसके अलावा परिसर के अंदर और बाहर अंधेरी जगह पर पर्याप्त रोशनी की सुविधा भी रहेगी।
बढ़ेगी महिला सुरक्षा गार्ड की संख्या
एम्स में जूनियर डॉक्टर ऑन की संख्या 200 से ज्यादा है इनमें ज्यादातर लड़कियां लेकिन महिला गार्ड की बात करें बहुत कम संख्या में देखने को मिलती है। इश्क शिकायत लगातार की जा रही थी अब एम्स प्रबंधन ने महिला गार्ड्स की भर्ती करने के निर्देश दिए। महिला मरीज और डॉक्टर की सुरक्षा के लिए एम्स प्रबंधन महिला गार्डों की तैनाती करेगा। यह गार्ड सुरक्षा के लिहाज से भर्ती होने वाली महिला मरीजों की बारीकी से जांच करेंगी। जिसमें वह देखेंगी कि उक्त मरीज ने किसी प्रकार का हथियार जैसी चीज तो साथ में नहीं रखी है।
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अस्पताल परिसर के संदिग्ध क्षेत्रों को किया जाएगा चिह्नित
एम्स भोपाल परिसर में ऐसे क्षेत्रों को भी चिह्नित किया जाएगा, जो संदिग्ध क्षेत्र में आते हैं, यहां करीब 150 से अधिक अलार्म लगाए जाएंगे। यह तेज आवाज और सेंसर आधारित होगा, इसमें अगर किसी डॉक्टर पर आपराधिक गतिविधियां होती हैं तो यह अलार्म स्वत: बजने लगेगा। इस पर डॉक्टर की सुरक्षा की जा सकेगी। हालांकि अभी इसे लेकर अभी प्रबंधन ज्यादा जानकारी नहीं दे पा रहा है कि यह किस तरह काम करेगा। इसके अलावा परिसर के अंदर और बाहर अंधेरी जगह पर पर्याप्त रोशनी की सुविधा भी रहेगी।
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बढ़ेगी महिला सुरक्षा गार्ड की संख्या
एम्स में जूनियर डॉक्टर ऑन की संख्या 200 से ज्यादा है इनमें ज्यादातर लड़कियां लेकिन महिला गार्ड की बात करें बहुत कम संख्या में देखने को मिलती है। इश्क शिकायत लगातार की जा रही थी अब एम्स प्रबंधन ने महिला गार्ड्स की भर्ती करने के निर्देश दिए। महिला मरीज और डॉक्टर की सुरक्षा के लिए एम्स प्रबंधन महिला गार्डों की तैनाती करेगा। यह गार्ड सुरक्षा के लिहाज से भर्ती होने वाली महिला मरीजों की बारीकी से जांच करेंगी। जिसमें वह देखेंगी कि उक्त मरीज ने किसी प्रकार का हथियार जैसी चीज तो साथ में नहीं रखी है।
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