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Bhopal: 800 में मिल रही 400 की स्कूल स्वेटर, आंख मूंदे बैठा शिक्षा विभाग, अभिभावक परेशान
Sat, 19 Nov 2022 08:30 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 19 Nov 2022 08:30 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के भोपाल में ठंड बढ़ते ही निजी स्कूलों की मनमानी शुरू हो गई है। किताबों और यूनिफॉर्म के बाद अब गर्म कपड़ों के मामले में भी स्कूलों की मनमानी देखी जा रही है।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
स्कूलों में अभिभावकों को ट्रैक सूट, स्वेटर या ब्लेजर का न तो कलर बताया जा रहा है न डिजाइन। बस उन्हें दुकान का नाम बताया जाता है। जहां से उन्हें यह खरीदना है। हर स्कूल की एक निश्चित दुकान है। उसी दुकान से दोगुना दाम देकर गर्म कपड़े लेना पड़ रहे हैं। स्कूल स्वेटर, ट्रेक सूट और ब्लेजर कमीशन वाली दुकानों पर कई गुना महंगे दामों में मिल रहे हैं।
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स्कूल का मोनो लगने के बाद साधारण ट्रैक सूट की कीमत भी ब्रांडेड कपड़े से भी ज्यादा महंगी हो जाती है। कमीशनखोरी के खेल के चलते मार्केट में किसी दूसरी दुकान पर स्कूली बच्चों के गर्म कपड़े नहीं मिल रहे। इस कारण अभिभावकों को मजबूरन स्कूल द्वारा बताई गई दुकान से ही गर्म कपड़े खरीदना पड़ रहे हैं। स्कूलों और दुकान संचालकों के कमीशन के खेल में अभिभावक की जेब खाली हो रही है।
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पालक महासंघ के अध्यक्ष कमल विश्वकर्मा बताते हैं, स्कूलों द्वारा ट्रैक सूट, ब्लेजर या कोई अन्य गर्म कपड़े खरीदने के लिए एक निश्चत दुकान का नाम बता दिया जाता है, जहां से स्कूल के मोनो लगे गर्म कपड़े दोगुना दाम देकर लेना होते हैं। इस मामले में शिक्षामंत्री, कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा और कार्रवाई की मांग की जाएगी। इधर, भोपाल के जिला शिक्षा अधिकारी नितिन सक्सेना ने कहा, यदि कोई स्कूल निश्चित दुकान से गर्म कपड़े लेने को मजबूर करता है तो शिकायत मिलने पर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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एक भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं...
नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने के साथ ही कलेक्टर ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए थे, जो निश्चित दुकान से किताब, कॉपी, यूनिफॉर्म या अन्य कोई सामने लेने के दबाव अभिभावकों पर बनाते हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग कमेटी बनी है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
यह हैं मुख्य बिंदु...
- बच्चों को ठंड से बचाने के लिए मजबूरी में अभिभावक महंगे दामों में खरीद रहे गर्म कपड़े
- स्कूल शिक्षा विभाग न मॉनिटरिंग कर रहा न कार्रवाई
- स्कूल का मोनो लगने से ब्रांडेड से भी महंगा मिल रहा स्वेटर और ब्लेजर
- हर साल बदल जाता है पट्टी का कलर, ताकि हर साल नया खरीदना पड़े
ऊनी कपड़े, साधारण कीमत, मोनो लगने के बाद
- स्वेटर: 400 से 500, 600 से 800
- ब्लेजर: 800 से 1000, 1300 से 1600
- ट्रैक सूट: 800 से 900, 1400 से 1800
- फुल पैंट, शर्ट और स्वेटर: 1200 से 1400, 1500 से 2000
