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सरप्लस बिजली पर सवाल: बार-बार क्यों गुल हो रही बिजली?, लालटेन लेकर पावर मैनेजमेंट कंपनी पहुंचे रहवासी
Wed, 23 Sep 2026 05:52 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Wed, 23 Sep 2026 05:52 PM IST
सार
सरप्लस बिजली के दावे के बीच रहवासियों ने भोपाल में बार-बार बिजली गुल होने, लो-वोल्टेज और वोल्टेज उतार-चढ़ाव का मुद्दा उठाया। कांग्रेस नेता रहवासियों के साथ लालटेन लेकर बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचकर स्वतंत्र जांच और व्यवस्था में सुधार की मांग की।
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लालटेन लेकर मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय पहुंचे लोग
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में बिजली की उपलब्धता को लेकर सरकार के सरप्लस के दावों के बीच कांग्रेस ने राजधानी में बार-बार हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी रहवासियों के साथ बुधवार को लालटेन लेकर मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने प्रबंध संचालक विशेष गढ़पाले को शिकायत पत्र भेजकर बिजली व्यवस्था में सुधार और अघोषित कटौती पर कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि भोपाल के अरेरा कॉलोनी समेत कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव से उपभोक्ता परेशान हैं। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में बिजली पर्याप्त होने का दावा किया जा रहा है, तो उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
स्मार्ट मीटर पर बिल, सप्लाई में कटौती का आरोप
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली के बिल चुका रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्बाध बिजली नहीं मिल रही। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिन हो या रात, कई इलाकों में बिना पूर्व सूचना बिजली बंद हो जाती है। लो-वोल्टेज और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बिजली व्यवस्था का यह हाल है तो प्रदेश के दूसरे हिस्सों की स्थिति पर भी सवाल उठता है।
कांग्रेस ने मांगी बिजली व्यवस्था की जांच
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि समय पर बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलना चाहिए। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने अरेरा कॉलोनी में विद्युत भार और कनेक्शनों की तकनीकी जांच की मांग की। उन्होंने आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार की भी जांच की मांग रखी।
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10 नंबर मार्केट के रहवासियों की परेशानी का मुद्दा उठाया
स्थानीय रहवासी राजवीर सिंह ने कहा कि 10 नंबर मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती से दुकानदारों और रहवासियों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली के बार-बार आने-जाने से घरेलू और
व्यावसायिक उपकरणों को नुकसान का खतरा भी रहता है। हरीश चौबे ने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि मेंटेनेंस या तकनीकी खराबी के कारण बिजली बंद की जानी है तो उपभोक्ताओं को पहले सूचना दी जानी चाहिए।
यह भी पढ़ें-एमपी में अभी बाकी है मानसून की आखिरी बारिश: 26 सितंबर तक बरसेंगे बादल, आज तीन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस ने भोपाल की बिजली व्यवस्था की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने के साथ प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय दल गठित करने की मांग की है। पार्टी ने खराब और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, केबल और फीडर की जांच, लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान और मेंटेनेंस के दौरान पूर्व सूचना अनिवार्य करने की मांग भी रखी। विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और अघोषित कटौती जारी रही तो कांग्रेस जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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स्मार्ट मीटर पर बिल, सप्लाई में कटौती का आरोप
विवेक त्रिपाठी ने कहा कि उपभोक्ता नियमित रूप से बिजली के बिल चुका रहे हैं, लेकिन उन्हें निर्बाध बिजली नहीं मिल रही। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिन हो या रात, कई इलाकों में बिना पूर्व सूचना बिजली बंद हो जाती है। लो-वोल्टेज और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि राजधानी में बिजली व्यवस्था का यह हाल है तो प्रदेश के दूसरे हिस्सों की स्थिति पर भी सवाल उठता है।
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कांग्रेस ने मांगी बिजली व्यवस्था की जांच
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि समय पर बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलना चाहिए। जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने अरेरा कॉलोनी में विद्युत भार और कनेक्शनों की तकनीकी जांच की मांग की। उन्होंने आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों और व्यावसायिक बिजली कनेक्शनों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले अतिरिक्त भार की भी जांच की मांग रखी।
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10 नंबर मार्केट के रहवासियों की परेशानी का मुद्दा उठाया
स्थानीय रहवासी राजवीर सिंह ने कहा कि 10 नंबर मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में बार-बार बिजली कटौती से दुकानदारों और रहवासियों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिजली के बार-बार आने-जाने से घरेलू और
व्यावसायिक उपकरणों को नुकसान का खतरा भी रहता है। हरीश चौबे ने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि मेंटेनेंस या तकनीकी खराबी के कारण बिजली बंद की जानी है तो उपभोक्ताओं को पहले सूचना दी जानी चाहिए।
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पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस ने भोपाल की बिजली व्यवस्था की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने के साथ प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय दल गठित करने की मांग की है। पार्टी ने खराब और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, केबल और फीडर की जांच, लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान और मेंटेनेंस के दौरान पूर्व सूचना अनिवार्य करने की मांग भी रखी। विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और अघोषित कटौती जारी रही तो कांग्रेस जनता के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
