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भोपाल में पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेपटरी: EV बसों का इंतजार, सिर्फ 60 बसों पर टिका सिस्टम,गर्मी में सफर बना मुश्किल
Fri, 03 Apr 2026 08:31 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 03 Apr 2026 08:31 PM IST
सार
राजधानी भोपाल में सिटी बसों की भारी कमी और इलेक्ट्रिक बस सेवा में देरी से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम चरमरा गया है। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
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सिटी बसें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल में इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार अभी भी जारी है, वहीं दूसरी ओर पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बदहाल स्थिति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी बढ़ते ही हालात और खराब हो गए हैं। शहर में केवल 60 सिटी बसें ही संचालित हो रही हैं, जिससे रोजाना सफर करना लोगों के लिए चुनौती बन गया है। दो साल पहले तक भोपाल की सड़कों पर करीब 350 बीसीएलएल बसें दौड़ती थीं, लेकिन अब यह संख्या घटकर महज 60 रह गई है। यानी करीब 83 फीसदी बसें सड़कों से गायब हो चुकी हैं, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था लगभग ठप हो गई है।
बस स्टॉप पर भीड़, घंटों इंतजार
बोर्ड ऑफिस, रेलवे स्टेशन, न्यू मार्केट और एम्स जैसे प्रमुख स्टॉप पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। कई रूट्स पर बसों का इंतजार एक-एक घंटे तक करना पड़ रहा है। बसों की कमी का फायदा उठाकर ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। मजबूरी में लोगों को अधिक पैसे खर्च कर सफर करना पड़ रहा है।
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जर्जर बसें, गर्मी में सफर बना जोखिम
जो बसें चल रही हैं, उनकी हालत भी खस्ता है। टूटी सीटें, खराब खिड़कियां और गर्म लोहे-फाइबर से भरी बसों में सफर करना यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। कई बसें तकनीकी खराबी के कारण बीच-बीच में बंद भी रहती हैं। तपते टीन शेड में इंतजार अधिकांश बस स्टॉप पर छाया की समुचित व्यवस्था नहीं है। दोपहर में टीन शेड भट्टी की तरह गर्म हो जाते हैं, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में खड़े रहना पड़ता है।
यह भी पढ़ें-MP बोर्ड रिजल्ट की उलटी गिनती शुरू, 15 अप्रैल के पहले नतीजे संभव, 16 लाख छात्रों को इंतजार
इलेक्ट्रिक बस सेवा, वादे बनाम हकीकत
- मार्च-अप्रैल 2026 तक 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का दावा
- अब तक सड़कों पर नहीं उतरीं बसें
- कस्तूरबा नगर, संत हिरदाराम नगर, आरिफ नगर, कोलार में डिपो निर्माण जारी
- 5 प्रमुख रूट्स पर संचालन की योजना
- 80 हजार यात्रियों को राहत मिलने का दावा
यह भी पढ़ें-मौसम के बदलाव से बढ़ी चिंता, इन 42 जिलों में आंधी-बारिश व ओलों का अलर्ट; रबी की फसल पर संकट
इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार जारी
शहर में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल देरी के कारण लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है। मौजूदा हालात में राजधानी की जनता खराब ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से जूझने को मजबूर है।
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बस स्टॉप पर भीड़, घंटों इंतजार
बोर्ड ऑफिस, रेलवे स्टेशन, न्यू मार्केट और एम्स जैसे प्रमुख स्टॉप पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है। कई रूट्स पर बसों का इंतजार एक-एक घंटे तक करना पड़ रहा है। बसों की कमी का फायदा उठाकर ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं। मजबूरी में लोगों को अधिक पैसे खर्च कर सफर करना पड़ रहा है।
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जर्जर बसें, गर्मी में सफर बना जोखिम
जो बसें चल रही हैं, उनकी हालत भी खस्ता है। टूटी सीटें, खराब खिड़कियां और गर्म लोहे-फाइबर से भरी बसों में सफर करना यात्रियों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। कई बसें तकनीकी खराबी के कारण बीच-बीच में बंद भी रहती हैं। तपते टीन शेड में इंतजार अधिकांश बस स्टॉप पर छाया की समुचित व्यवस्था नहीं है। दोपहर में टीन शेड भट्टी की तरह गर्म हो जाते हैं, जिससे यात्रियों को भीषण गर्मी में खड़े रहना पड़ता है।
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इलेक्ट्रिक बस सेवा, वादे बनाम हकीकत
- मार्च-अप्रैल 2026 तक 100 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने का दावा
- अब तक सड़कों पर नहीं उतरीं बसें
- कस्तूरबा नगर, संत हिरदाराम नगर, आरिफ नगर, कोलार में डिपो निर्माण जारी
- 5 प्रमुख रूट्स पर संचालन की योजना
- 80 हजार यात्रियों को राहत मिलने का दावा
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इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार जारी
शहर में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू होने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मजबूत होने की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल देरी के कारण लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है। मौजूदा हालात में राजधानी की जनता खराब ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से जूझने को मजबूर है।
