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भोपाल मेट्रो पर नया विवाद: कब्रिस्तान के नीचे टनल निर्माण पर बढ़ी सियासत, अब हिंदू संगठनों ने दी चेतावनी

Mon, 11 May 2026 06:06 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 11 May 2026 06:06 PM IST
सार

भोपाल मेट्रो का अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट अब कानूनी और धार्मिक विवाद में घिर गया है। कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो लाइन निकालने के विरोध में वक्फ बोर्ड में मामला चल रहा है, जबकि हिंदू संगठनों ने धार्मिक स्थलों को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि केवल हिंदू धर्मस्थलों पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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New Controversy Over Bhopal Metro: Politics Heats Up Over Tunnel Construction Beneath Cemetery; Hindu Organiza
भोपाल मेट्रो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल मेट्रो का अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट अब धार्मिक और कानूनी विवादों के घेरे में आ गया है। भोपाल टॉकीज इलाके में पुराने कब्रिस्तान के नीचे से प्रस्तावित मेट्रो लाइन को लेकर वक्फ बोर्ड में सुनवाई चल रही है, वहीं अब हिंदू संगठनों ने भी इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। मामले में मध्यप्रदेश वक्फ अधिकरण ने सुनवाई के लिए 14 मई की तारीख तय की है। इस दौरान मेट्रो प्रबंधन अपना पक्ष रखेगा। दूसरी ओर हिंदू संगठनों का कहना है कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए।
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सिर्फ हिंदू धर्मस्थलों पर कार्रवाई क्यों?
हिंदू उत्सव समिति व संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यदि कब्रिस्तान और अन्य धर्मस्थलों को विकास कार्य में बाधक मानने के बावजूद नहीं हटाया जा रहा, तो हिंदू धर्मस्थलों को भी हटाने नहीं दिया जाएगा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज और उनके जनप्रतिनिधियों द्वारा कब्रिस्तान के मुद्दे पर विरोध किया जा रहा है, जिससे यह संदेश जा रहा है कि प्रशासन केवल हिंदू धर्मस्थलों पर कार्रवाई करने में तत्पर रहता है, जबकि अन्य धर्मस्थलों के मामलों में पीछे हट जाता है।तिवारी ने कहा कि विकास कार्यों को लेकर निर्णय सरकार और प्रशासन लेते हैं, न कि कोई विधायक। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या अब यह तय विधायक करेंगे कि भोपाल में मेट्रो की जरूरत है या नहीं?
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विकास कार्य में हिंदू समाज हमेशा सहयोगी
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि हिंदू समाज हमेशा से विकास कार्यों में सहयोग करता आया है, लेकिन यदि धार्मिक स्थलों को समुदाय के आधार पर अलग-अलग नजरिए से देखा जाएगा तो इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केवल हिंदू धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई की गई तो हिंदू उत्सव समिति इसका विरोध करेगी।

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कब्रिस्तान के नीचे सुरंग निर्माण पर आपत्ति
विवाद भोपाल टॉकीज क्षेत्र के उस हिस्से को लेकर है, जहां से अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन प्रस्तावित है। कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में याचिका दायर कर निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है।
याचिका में कहा गया है कि प्रस्तावित लाइन मासूमा तकिया अम्मनशाह, मस्जिद नूरानी, मुल्लाशाह सहित कई पंजीकृत वक्फ कब्रिस्तानों के नीचे से गुजर रही है। समिति का दावा है कि यह शहर के सबसे पुराने और ऐतिहासिक कब्रिस्तानों में शामिल हैं, जहां हजारों कब्रें मौजूद हैं।


नारियलखेड़ा की जमीन पर भी विवाद
मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर दूसरा विवाद नारियलखेड़ा इलाके की वक्फ जमीन को लेकर सामने आया है। आरोप है कि यहां बिना अनुमति निर्माण गतिविधियां शुरू की गईं। इस मामले को भी वक्फ अधिकरण में चुनौती दी गई है।

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24 मीटर नीचे बन रही है मेट्रो सुरंग
भोपाल मेट्रो के अंडरग्राउंड कॉरिडोर के तहत करीब 3.39 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जानी है। टनल बोरिंग मशीन के जरिए जमीन के लगभग 24 मीटर नीचे खुदाई का काम शुरू हो चुका है। इसी रूट पर दो अंडरग्राउंड स्टेशन भी प्रस्तावित हैं।

 
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