फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Nelson Mandela Day 2025 Bhopal Jail Organizes Workshop to empower Women Prisoners MP News in Hindi

नेल्सन मंडेला दिवस: भोपाल की सेंट्रल जेल में परिवर्तनकारी पहल, विशेष कार्यशाला में महिला बंदियों ने लिया भाग

Tue, 22 Jul 2025 05:00 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 22 Jul 2025 05:00 PM IST
सार

MP: राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव सुरेश तोमर ने कहा कि यह प्रयास अन्य जेलों तक बढ़ाया जाएगा। जेल अधीक्षक राकेश भंगरे ने इस पहल की सराहना की, इसे सुधार की दिशा में ठोस कदम बताया।

विज्ञापन
Nelson Mandela Day 2025 Bhopal Jail Organizes Workshop to empower Women Prisoners MP News in Hindi
महिला बंदियों को सम्मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेल्सन मंडेला दिवस की पूर्व संध्या पर भोपाल की सेंट्रल जेल में एक परिवर्तनकारी पहल सामने आई, जिसे मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग और तिनका तिनका फाउंडेशन ने मिलकर आयोजित किया। इस एक दिवसीय विशेष कार्यशाला में 115 महिला बंदियों ने भाग लिया, जिसमें से 50 को मीडिया, संप्रेषण और व्यक्तित्व विकास पर आधारित विशेष सत्र के लिए चुना गया।
विज्ञापन


कार्यशाला का उद्देश्य था बंदियों की संवादात्मक जरूरतों को समझना और उन्हें अपनी भावनाओं, सपनों और पछतावे को शब्दों और रंगों में पिरोने का मंच देना। टीवी, अखबारों और पेंटिंग्स की सहायता से उन्होंने अपनी पहचान और आत्म-खोज को अभिव्यक्त किया। इसी सिलसिले में 35 वर्षीया अंजनी जो ट्रांसजेंडर समुदाय की सदस्य हैं। उनकी चित्रकला में फैशन डिजाइनर बनने की आकांक्षा उजागर हुई। उन्होंने कहा कि बाहर हम भेदभाव सहते हैं, लेकिन जेल के भीतर मैंने सीखने की आजादी पाई है।
विज्ञापन


रजनी की यात्रा: चुप्पी से सुकून तक
वहीं, 62 वर्षीय रजनी 2005 में जेल आईं। उन्होंने जेल में रहकर पढ़ना-लिखना सीखा और जीवन को नया अर्थ दिया। उनकी तुलसी के पौधे और चंद्रमा की चित्रकला उनकी आस्था और शांति की कहानी कहती है। अशिक्षित महिला बंदियों ने भी आत्मविश्वास के साथ भाग लिया। बंदी रमी ने कहा कि जेल में मेरा सबसे अच्छा दिन था। राज्य महिला आयोग के सदस्य सचिव सुरेश तोमर ने कहा कि यह प्रयास अन्य जेलों तक बढ़ाया जाएगा। जेल अधीक्षक राकेश भंगरे ने इस पहल की सराहना की, इसे सुधार की दिशा में ठोस कदम बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: पहले पति फिर बेटे की मौत, छह महीने में उड़ा परिवार, पुलिस नहीं कर सकी खुलासा, दर-दर भटक महिला


तिनका तिनका फाउंडेशन: जेल में पत्रकारिता का प्रवेश द्वार
तिनका तिनका की संस्थापक और लेडी श्रीराम कॉलेज की पत्रकारिता विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वर्तिका नंदा ने कहा कि हम खाली समय को उद्देश्यपूर्ण बनाकर मानसिक स्वास्थ्य का समर्थन करते हैं। हम जेलों में अनूठे प्रयोग कर बंदियों की जिंदगी में बेहतरी लाने और उन्हें समाज में बेहतर इंसान के तौर पर लौटने में मदद कर कर रहे हैं। 

मध्य प्रदेश की जेलों पर महत्वपूर्ण दस्तावेज
तिनका तिनका फाउंडेशन ने वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश की जेलों पर केंद्रित कॉफी टेबल बुक 'तिनका तिनका मध्य प्रदेश' का प्रकाशन किया था। वर्ष 2020 में ICSSR ने प्रो. नंदा के उस शोध को उत्कृष्ट घोषित किया, जिसमें जेल बंदियों की संवाद संबंधी आवश्यकताओं पर जोर दिया गया था। इस कार्यक्रम में डीआईजी जेल एम. आर. पटेल और आनंद विभाग के निदेशक प्रवीण गंगराड़े भी शामिल हुए थे।"
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed