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National Herald: नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव का आरोप, देश को गुमराह करने की साजिश

Mon, 21 Apr 2025 07:13 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 21 Apr 2025 07:13 PM IST
सार

National Herald:नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होने कहा कि कहा कि मीडिया में भाजपा और सरकार द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है।

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National Herald: Congress national general secretary alleges conspiracy to mislead the country in National Her
पीसीसी में प्रेसवार्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कुमारी शैलजा ने भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होने कहा कि कहा कि मीडिया में भाजपा और सरकार द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। भाजपा, आरएसएस का मानना है कि एक बात को तब तक बोलते रहो, जब तक लोग सच न मान लें। कितना भी गलत बोलेंगे लोग आखिरकार उसे सच मानने लग जाएंगे। कुछ बातें ऐसी हैं जिनको लेकर ये सालों से लगे हैं फिर भी निचोड़ नहीं निकल रहा। इनका प्रयास लोगों के असली मुद्दे जो आम नागरिक की जिन्दगी को छूते हैं उन सब बातों से ध्यान हटाएं।
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जानबूझकर बनाया जा रहा निशाना
उन्होने ने कहा कि आर्थिक संकट, लोगों के मुद्दों और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों अमेरिका, चीन और बांग्लादेश से ध्यान भटकाने के लिए उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। यह कानूनी प्रतिशोध के अलावा कुछ और नहीं है। अगर कोई कंपनी कर्ज से छुटकारा पाना चाहती है तो वह एक नई कंपनी बनाती है और उस कर्ज को नई कंपनी में ट्रांसफर करती है। कंपनी कानून के मुताबिक यह कानूनन सही है। जब पैसा ही नहीं है तो इसमें लॉन्ड्रिंग कहां है? अगर कोई अपराध हुआ है तो वह दो मास्टरमाइंड ने किया है, मोदी जी और अमित शाह, जिन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा प्रचार करके कानून का दुरुपयोग किया है।
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जनता का ध्यान भटकाने और देश को गुमराह करने की साजिश
कुमारी शैलजा ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामला देश के सामने मौजूद ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने और देश को गुमराह करने के लिए भाजपा की साजिश है। ये सरासर एक राजनीतिक प्रतिशोध है। सोनिया गांधी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ ED द्वारा दायर आरोपपत्र कुछ और नहीं बल्कि जनता का ध्यान बेरोजगारी, गिरती GDP और सामाजिक अशांति से भटकाने, जनता को भ्रमित करने और बरगलाने के लिए गढ़ा गया एक झूठ है।

भय फैलाने की राजनीति
कुमारी शैलजा ने कहा कि चुनिंदा न्याय कुछ और नहीं बल्कि राजनीतिक ठगी है। प्रवर्तन निदेशालय को जवाब देना चाहिए कि एजेंसी ने NDA के किसी सहयोगी या भाजपा नेता को क्यों नहीं हुआ। यह बदले की राजनीति, धमकी, उत्पीड़न और भय फैलाने की राजनीति है। हमें कितना भी चुप कराने की कोशिश करें, हम चुप नहीं होंगे। जो दूसरों को डराने की कोशिश करते हैं, वे खुद डरे हुए हैं। यह एक राजनीतिक साजिश है और कांग्रेस पार्टी इसका डटकर सामना करेगी।

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 नेशनल हेराल्ड को लेकर ये बातें भी कहीं

- 1937 में, पंडित जवाहरलाल नेहरु ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से लड़ने के लिए एक उपकरण के रूप में नेशनल हेराल्ड अखबार शुरु किया, जिसके हिंदी और उर्दू संस्करण नवजीवन और कौमी आवाज़ शीर्षक से प्रकाशित हुए।
इस अखबार के पीछे महात्मा गांधी, सरदार पटेल, पुरुषोत्तम दास टंडन, आचार्य नरेंद्र देव और रफ़ी अहमद किदवई थे।
- अंग्रेजों को इस अखबार से इतना खतरा महसूस हुआ कि उन्होंने 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान नेशनल हेराल्ड पर प्रतिबंध लगा दिया और यह प्रतिबंध 1945 तक चला।
- अखबार का प्रबंधन करने के लिए, 1937-38 में एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) का गठन किया गया था। ऐसी कंपनी लाभांश वितरित नहीं कर सकती, वेतन नहीं दे सकती या शेयरधारकों के लिए लाभ नहीं कमा सकती।
इसके शेयर व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं बेचे जा सकते और अगर हस्तांतरित किए जाते हैं, तो उन्हें केवल किसी अन्य गैर-लाभकारी कंपनी को ही जाना चाहिए। AJL अपनी स्थापना के बाद से लगातार अस्तित्व में है।
- AJL के पास छह शहरों दिल्ली, पंचकूला, मुंबई, लखनऊ, पटना और इंदौर में अचल संपत्तियां हैं, लेकिन केवल लखनऊ में ही इसकी संपत्ति है। अन्य सभी संपत्तियां केवल समाचार पत्र के संचालन के लिए AJL को लीज़ पर दी गई थीं।
- यह आरोप कि AJL के पास हजारों करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है, निराधार है, क्योंकि लीज़ पर दी गई संपत्तियां स्वामित्व वाली संपत्ति नहीं होती हैं।
- भारी वित्तीय घाटे के कारण, AJL और नेशनल हेराल्ड कर्मचारियों के वेतन, VRS बकाया, कर और अन्य देनदारियों का भुगतान नहीं कर सके।
- कांग्रेस पार्टी ने नेशनल हेराल्ड को केवल एक समाचार पत्र नहीं बल्कि भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और कांग्रेस विचारधारा का जीवंत प्रतीक मानते हुए संस्था की रक्षा के लिए 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया
- कानूनी सलाह पर, कांग्रेस ने यंग इंडियन लिमिटेड नामक एक अन्य गैर-लाभकारी कंपनी (कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत धारा 25 कंपनी) बनाई, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, स्वर्गीय मोतीलाल वोरा, स्वर्गीय ऑस्कर फर्नांडीस और सुमन दुबे निदेशक हैं।
- कंपनी ने कांग्रेस पार्टी को 50 लाख रुपये देकर AJL से 90 करोड़ रुपये का लोन लिया। बदले में AJL ने अपने शेयर यंग इंडियन को ट्रांसफर कर दिए।
- कंपनी अधिनियम की धारा 25 के अनुसार कोई भी निदेशक वित्तीय लाभ नहीं उठा सकता न वेतन, न लाभांश, न लाभ।
- 2013 में सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट में केस दायर किया, जिसे उन्होंने 2020 तक जारी रखा। हालांकि, जब उन्होंने मोदी और शाह की आलोचना शुरू की। तो सरकार ने अपना केस शुरु कर दिया।
इससे पहले, 2012 में सुब्रमण्यम स्वामी की चुनाव आयोग में की गई शिकायत खारिज कर दी गई थी। चुनाव आयोग ने फैसला सुनाया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29 (बी) और 29 (सी) के तहत, इस बात पर कोई प्रतिबंध नहीं है कि कोई राजनीतिक दल अपने फंड का इस्तेमाल कैसे कर सकता है।

- कांग्रेस ने आधिकारिक फाइलिंग में लोन की घोषणा की थी और लेन-देन को सार्वजनिक किया था। सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत, जिसे 2012 में चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था, बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगभग तीन वर्षों तक जांच की गई।
- अगस्त 2015 में, ED ने कोई गड़बड़ी नहीं पाई और फाइल बंद कर दी। मोदी सरकार ने तत्कालीन ईडी निदेशक राजन कटोच को हटा दिया और सितंबर 2015 में मामले को फिर से खोल दिया, जो राजनीतिक प्रतिशोध का एक स्पष्ट उदाहरण है।
- 2023 में, प्रवर्तन निदेशालय ने एक अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया, जिसकी पुष्टि 10 अप्रैल 2024 को एक न्यायाधिकरण ने की। तब ED के पास चार्जशीट दाखिल करने के लिए 365 दिन थे। 365वें और अंतिम दिन, 9 अप्रैल 2025 को, ED ने चार्जशीट दाखिल की, जिसे अब सार्वजनिक कर दिया गया है।
- अगर कोई सबूत या वास्तविक गड़बड़ी होती, तो सरकार को आखिरी दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ता।
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