{"_id":"6a86648522ea6cb6f40de925","slug":"mp-weather-update-monsoon-gains-momentum-again-flood-like-conditions-in-east-alerts-issued-in-several-distr-2026-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP Weather Update: मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, पूर्वी हिस्से में बाढ़ जैसे हालात, कई जिलों में अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP Weather Update: मानसून ने फिर पकड़ी रफ्तार, पूर्वी हिस्से में बाढ़ जैसे हालात, कई जिलों में अलर्ट
Thu, 20 Aug 2026 07:51 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Thu, 20 Aug 2026 07:51 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। पूर्वी हिस्से में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह जलभराव व संपर्क टूटने की स्थिति बनी है। टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में बारिश का अलर्ट है। अगले 4 दिन बारिश का असर बढ़ने के संकेत हैं।
विज्ञापन
मानसून ने पकड़ी रफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। इस बार बारिश का सबसे ज्यादा असर प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सागर और दमोह में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 8 इंच तक पानी गिर सकता है। इसके साथ ही दतिया, भिंड, निवाड़ी, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, कटनी, मैहर और सतना में भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार बारिश का मिजाज लगातार बदलता रहेगा। 19 अगस्त को विंध्य और महाकौशल में भारी से अति भारी बारिश हुई। अब 20 से 24 अगस्त के बीच बारिश का प्रभाव मध्य और पश्चिमी मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने के संकेत हैं।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, कई इलाकों में जलभराव
पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। सतना के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी बढ़ गया। पहाड़ी से पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। सुरक्षा के मद्देनजर चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाएं बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। सतना जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिंडोरी के तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफन गए। 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र में कई गांवों में पानी भर गया, उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के तीन गेट करीब 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
ये भी पढ़ें: Indore News: इंदौर में भर्ती स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत, उज्जैन से इलाज के लिए आई थी इंदौर
विज्ञापन
प्रदेश में 23 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 12% पीछे
मध्यप्रदेश में 1 जून से अब तक करीब 583.4 मिलीमीटर यानी 23 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 663.7 मिलीमीटर यानी करीब 26.1 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अभी करीब 3.1 इंच यानी 12 प्रतिशत बारिश कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
39 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
प्रदेश के 39 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कमी करीब 19 प्रतिशत तक पहुंची है। इनमें 18 जिलों में बारिश 4 से 58 प्रतिशत तक कम है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून की कमी अब तक पूरी नहीं
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश ने रफ्तार पकड़ी और महीने का कोटा पूरा हुआ, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक की स्थिति बनी। अगस्त में मानसून ने दोबारा जोर पकड़ा और अब महीने के आखिरी हिस्से में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश का दौर तेज हुआ है। इसके बावजूद सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य से पीछे है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।
विज्ञापन
बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें, कई इलाकों में जलभराव
पूर्वी मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। सतना के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के बाद चित्रकूट की गुप्त गोदावरी में पानी बढ़ गया। पहाड़ी से पानी गुफाओं के ऊपर से बहने लगा। सुरक्षा के मद्देनजर चित्रकूट नगर परिषद ने दोनों गुफाएं बंद कर पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। सतना जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिंडोरी के तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफन गए। 12 से ज्यादा गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। पन्ना के बृजपुर क्षेत्र में कई गांवों में पानी भर गया, उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला बांध के तीन गेट करीब 4 मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Indore News: इंदौर में भर्ती स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत, उज्जैन से इलाज के लिए आई थी इंदौर
विज्ञापन
प्रदेश में 23 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से 12% पीछे
मध्यप्रदेश में 1 जून से अब तक करीब 583.4 मिलीमीटर यानी 23 इंच बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 663.7 मिलीमीटर यानी करीब 26.1 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अभी करीब 3.1 इंच यानी 12 प्रतिशत बारिश कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
39 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
प्रदेश के 39 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कमी करीब 19 प्रतिशत तक पहुंची है। इनमें 18 जिलों में बारिश 4 से 58 प्रतिशत तक कम है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के 21 जिलों में भी सामान्य से 5 से 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
जून की कमी अब तक पूरी नहीं
इस मानसून सीजन में जून की कम बारिश का असर अब भी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश ने रफ्तार पकड़ी और महीने का कोटा पूरा हुआ, लेकिन इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक की स्थिति बनी। अगस्त में मानसून ने दोबारा जोर पकड़ा और अब महीने के आखिरी हिस्से में सक्रिय सिस्टम के कारण बारिश का दौर तेज हुआ है। इसके बावजूद सीजन की कुल बारिश अभी सामान्य से पीछे है। प्रदेश में पूरे मानसून सीजन में औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 38 से 39 इंच रहता है।
