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MP Weather: पचमढ़ी में 5.8 डिग्री पहुंचा पारा, भोपाल-इंदौर में पारा 10 डिग्री से नीचे, लगातार चल रही शीतलहर
Fri, 21 Nov 2025 06:22 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 21 Nov 2025 06:22 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में नवंबर की ठंड इस बार रिकॉर्ड तोड़ साबित हो रही है। गुरुवार-शुक्रवार की रात पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री तक लुढ़क गया, जबकि भोपाल और इंदौर सहित अधिकांश शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे बना रहा। कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा और विजिबिलिटी भी कम होती दिखाई दी, जिससे प्रदेश भर में शीतलहर का असर और तेज महसूस हुआ।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में सर्दी लगातार तीखी होती जा रही है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान गिरकर 5.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम पारा है। नर्मदापुरम में घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता 500 से 1000 मीटर के बीच दर्ज की गई। भोपाल और इंदौर में भी रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, रात में भोपाल में तापमान 9.6 डिग्री, इंदौर में 8.4 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 11.5 डिग्री और जबलपुर में 11.1 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा नौगांव में 8.5 डिग्री, खरगोन में 8.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 9 डिग्री और खंडवा में 9.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। ज्यादातर जिलों में ठंड का असर और बढ़ गया है।
दस दिनों से शीतलहर की स्थिति बनी
6 नवंबर से ही प्रदेश में तेज ठंड का दौर शुरू हो गया था। खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तापमान लगातार नीचे जा रहा है। राजधानी भोपाल में पिछले दस दिनों से शीतलहर की स्थिति बनी हुई है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही रहने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
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यह भी पढ़ें- एक क्लिक में पुराने दस्तावेजों का डिजिटल वेरिफिकेशन, राजभवन में BU भोपाल के नए सॉफ्टवेयर का लोकार्पण
नवंबर की शुरुआत से ही ठंड ने पकड़ा जोर
आमतौर पर नवंबर के दूसरे सप्ताह में सर्दी तेज होती है, लेकिन इस बार पहली ही तारीखों से पारा लगातार लुढ़क रहा है। भोपाल में नवंबर की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि इंदौर में 25 साल बाद इतनी ठंडी रातें दर्ज की जा रही हैं। अगले दो दिन तक प्रदेश में शीतलहर का असर रहेगा, उसके बाद थोड़ी राहत की संभावना है।
यह भी पढ़ें- RGPV की NAAC ग्रेडिंग पर बड़ा विवाद, SSR रिपोर्ट में गड़बड़ियों के आरोप, कुलपति ने भेजा इस्तीफा
कल से सक्रिय होगा लो प्रेशर एरिया
22 नवंबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव तंत्र बनने की संभावना है। इससे पहले अगले 48 घंटों तक प्रदेश को कड़ी ठंड का सामना करना पड़ेगा। पिछले एक दशक में नवंबर में ठंड के साथ बरसात का ट्रेंड बना हुआ है। इस बार भी मौसम उसी पैटर्न को दोहरा रहा है। अक्टूबर में औसत से ढाई गुना ज्यादा यानी 121% वर्षा दर्ज हुई है।2.8 इंच पानी गिरा, जबकि सामान्य औसत 1.3 इंच है।
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दस दिनों से शीतलहर की स्थिति बनी
6 नवंबर से ही प्रदेश में तेज ठंड का दौर शुरू हो गया था। खासकर मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तापमान लगातार नीचे जा रहा है। राजधानी भोपाल में पिछले दस दिनों से शीतलहर की स्थिति बनी हुई है और अगले दो दिन भी हालात ऐसे ही रहने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार के लिए इंदौर, भोपाल, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में शीतलहर की चेतावनी जारी की है।
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22 नवंबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव तंत्र बनने की संभावना है। इससे पहले अगले 48 घंटों तक प्रदेश को कड़ी ठंड का सामना करना पड़ेगा। पिछले एक दशक में नवंबर में ठंड के साथ बरसात का ट्रेंड बना हुआ है। इस बार भी मौसम उसी पैटर्न को दोहरा रहा है। अक्टूबर में औसत से ढाई गुना ज्यादा यानी 121% वर्षा दर्ज हुई है।2.8 इंच पानी गिरा, जबकि सामान्य औसत 1.3 इंच है।
