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MP News: एक क्लिक में पुराने दस्तावेजों का डिजिटल वेरिफिकेशन, राजभवन में BU भोपाल के नए सॉफ्टवेयर का लोकार्पण
Thu, 20 Nov 2025 08:26 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 20 Nov 2025 08:26 PM IST
सार
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल ने छात्र हित में एक बड़ा डिजिटल कदम उठाते हुए पुराने छात्रों के दस्तावेजों के एक क्लिक वेरीफिकेशन सिस्टम की शुरुआत की है। इसका लोकार्पण सोमवार सुबह राजभवन में मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगू भाई पटेल ने किया।
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राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगू भाई पटेल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (BU) भोपाल द्वारा पुराने छात्रों के दस्तावेज़ों के एक क्लिक में डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए विकसित सॉफ्टवेयर का लोकार्पण सोमवार सुबह 10:30 बजे मध्य प्रदेश के राजभवन में किया गया। इसका शुभारंभ राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगू भाई पटेल ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बटन दबाकर किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एसके जैन, अधिकारियों, शिक्षकों, तकनीकी विशेषज्ञों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की उपस्थिति रही।
छात्रों के लिए समय और धन की बचत
कार्यक्रम की शुरुआत में कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने सॉफ्टवेयर की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगी क्योंकि मार्कशीट और अन्य दस्तावेज़ों के वेरिफिकेशन में लगने वाला समय और खर्च दोनों कम होंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार छात्रहित में डिजिटल सुविधाएँ बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है और यह पहल उसी का हिस्सा है।
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यह भी पढ़ें-सिंगापुर के साथ मिलकर MANIT भोपाल करने जा रहा बड़ा शोध, बदलेगा EV चार्जिंग और सोलर सिस्टम का भविष्य
राज्यपाल बोले-अन्य विश्वविद्यालय भी अपना सकेंगे यह तकनीक
इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल ने कहा कि यह सॉफ्टवेयर सिर्फ BU भोपाल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के जरिए छात्र घर बैठे एक क्लिक में अपने दस्तावेजों का डिजिटल वेरिफिकेशन पारदर्शी तरीके से कर सकेंगे, जिससे उनका समय और पैसा बचेगा और अनावश्यक परेशानियां भी कम होंगी। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की डिजिलॉकर और अन्य डिजिटल माध्यमों के उपयोग की भी सराहना की।
यह भी पढ़ें-नगरीय निकायों में AEBAS सिस्टम ने पकड़े हजारों गायब कर्मचारी,हर साल करोड़ों की चपत,अब होगी कार्रवाई
डिजिटल वैल्यूएशन पर भी काम जारी
कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय डिजिटल वैल्यूएशन की दिशा में भी कार्य कर रहा है, ताकि भविष्य में परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जा सके।कार्यक्रम के दौरान राजभवन के अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों से ग्रीन कैंपस, जैव विविधता, योग, कंप्यूटर सेंटर सहित अन्य सामाजिक और शैक्षणिक पहलों पर चर्चा की।
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छात्रों के लिए समय और धन की बचत
कार्यक्रम की शुरुआत में कुलगुरु प्रो. एसके जैन ने सॉफ्टवेयर की विशेषताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित होगी क्योंकि मार्कशीट और अन्य दस्तावेज़ों के वेरिफिकेशन में लगने वाला समय और खर्च दोनों कम होंगे। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय लगातार छात्रहित में डिजिटल सुविधाएँ बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है और यह पहल उसी का हिस्सा है।
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राज्यपाल बोले-अन्य विश्वविद्यालय भी अपना सकेंगे यह तकनीक
इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल ने कहा कि यह सॉफ्टवेयर सिर्फ BU भोपाल ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के जरिए छात्र घर बैठे एक क्लिक में अपने दस्तावेजों का डिजिटल वेरिफिकेशन पारदर्शी तरीके से कर सकेंगे, जिससे उनका समय और पैसा बचेगा और अनावश्यक परेशानियां भी कम होंगी। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की डिजिलॉकर और अन्य डिजिटल माध्यमों के उपयोग की भी सराहना की।
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डिजिटल वैल्यूएशन पर भी काम जारी
कुलगुरु ने बताया कि विश्वविद्यालय डिजिटल वैल्यूएशन की दिशा में भी कार्य कर रहा है, ताकि भविष्य में परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जा सके।कार्यक्रम के दौरान राजभवन के अधिकारियों ने विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों से ग्रीन कैंपस, जैव विविधता, योग, कंप्यूटर सेंटर सहित अन्य सामाजिक और शैक्षणिक पहलों पर चर्चा की।
