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MP Weather Today: एमपी में कड़ाके की ठंड का कहर, न्यूनतम पारा 4 डिग्री पर पहुंचा, शीतलहर से ठिठुरा मध्यप्रदेश

Sat, 06 Dec 2025 07:01 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Sat, 06 Dec 2025 07:01 PM IST
सार

उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के चलते मध्यप्रदेश में ठंड फिर तेज हो गई है। न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे कई जिलों में शीतलहर का असर बना हुआ है। ठंडी हवाओं और गिरते पारे के कारण सुबह-शाम ठिठुरन बढ़ गई है।

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MP Weather Today: Cold winds from the north have increased the chill in Madhya Pradesh, with the minimum tempe
मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में सर्दी ने तीखा रूप ले लिया है। उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं के असर से प्रदेश के कई इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार राज्य में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे आम जनजीवन पर असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहा, लेकिन रात का तापमान तेजी से लुढ़का है। शहडोल संभाग के कल्याणपुर में राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा उमरिया, पचमढ़ी, रीवा और राजगढ़ जैसे इलाकों में भी पारा 5 डिग्री के आसपास रहा। उमरिया में 4.8 डिग्री.राजगढ़ में 5 डिग्री, रीवा में 5.4 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 5.7 डिग्री और खजुराहो में 6.4 डिग्री, रायसेन में 7.4 डिग्री, दमोह-सतना में 7.5 डिग्री, मंडला में 8 डिग्री, मलाजखंड में 8.1 डिग्री, दतिया में 8.3 डिग्री, गुना में 8.4 डिग्री, बैतूल में 8.5 डिग्री, सीधी में 8.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8.8 डिग्री, धार में 9.1 डिग्री, श्योपुर, सिवनी-नरसिंहपुर में 9.4 डिग्री, सागर में 9.9 डिग्री रहा। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में सबसे कम 6.2 डिग्री, भोपाल में 8.2 डिग्री, ग्वालियर में 7.6 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री और जबलपुर में पारा 7.8 डिग्री दर्ज किया गया।

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शीतलहर का दायरा बढ़ा
मौसम विभाग के मुताबिक भोपाल, राजगढ़, सीहोर, शाजापुर और शहडोल जिलों में शीतलहर का प्रभाव देखा गया है, जबकि इंदौर और सिवनी में तीव्र शीतलहर जैसी स्थिति बनी हुई है। कई जिलों में दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे पूरे दिन ठिठुरन महसूस की जा रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान भी 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। मलाजखंड, अमरकंटक और चित्रकूट जैसे इलाकों में दिन का पारा सबसे कम रहा, जिससे सर्दी का असर और बढ़ गया। ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण सुबह और रात के समय कंपकंपी बढ़ गई है। कई इलाकों में कोहरा छाने से दृश्यता भी कम हो रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम सतर्क रहने और ठंड से बचाव के जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है।
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आने वाले दिनों में और गिरेगा पारा
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से ठंड का असर और तेज होने की संभावना है।

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दिसंबर में भी पड़ेगी कड़ी ठंड
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस बार ठंड का दौर लंबा और अधिक प्रभावी रहेगा। भोपाल में नवंबर महीने की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, जबकि इंदौर में 25 वर्षों में सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। इसी तरह दिसंबर में भी ठंड नए रिकॉर्ड बना सकती है।

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नवंबर पहले ही बना चुका है रिकॉर्ड
भोपाल में इस बार नवंबर में लगातार 15 दिन तक शीतलहर का असर रहा, जो साल 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक लुढ़क गया था, जो अब तक का सबसे कम स्तर रहा। इससे पहले 1941 में पारा 6.1 डिग्री तक गिरा था। वहीं इंदौर में भी तापमान 6.4 डिग्री तक पहुंचा, जो पिछले 25 साल में सबसे ठंडी रात रही। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर भारत में नवंबर की शुरुआत से ही बर्फबारी शुरू हो गई थी, जिसकी वजह से ठंडी हवाओं का असर मध्यप्रदेश में तेजी से देखने को मिला। हालांकि नवंबर के अंतिम दिनों में हवाओं की दिशा बदलने से कुछ राहत भी मिली।


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दिसंबर-जनवरी सबसे ज्यादा सर्द
मौसम विभाग का कहना है कि जैसे मानसून के दौरान जुलाई और अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही शीत ऋतु में दिसंबर और जनवरी सबसे ज्यादा ठंडे रहते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से सबसे अधिक ठंडी हवाएं प्रदेश में प्रवेश करती हैं। पिछले 10 वर्षों के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर दिसंबर में मावठा गिरने से दिन की ठंड भी बढ़ जाती है।




 
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