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MP Weather: मध्य प्रदेश में दिन में तेज धूप, रात में हल्की ठंडक शुरू, पूर्वी जिलों में हल्की बारिश के आसार
Thu, 09 Oct 2025 07:33 AM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Thu, 09 Oct 2025 07:33 AM IST
सार
मध्यप्रदेश में दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। अगले तीन दिनों तक पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों में दिन में तेज धूप बनी रहेगी। रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में मौसम ने करवट बदल ली है। दिन में तेज धूप और रात में हल्की ठंडक का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले 2-3 दिनों में पूरे प्रदेश से मानसून की औपचारिक विदाई हो सकती है। हालांकि, पूर्वी हिस्सों में अगले तीन दिनों तक कहीं-कहीं बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं।
प्रदेश में कोई सक्रिय वर्षा प्रणाली नहीं
बुधवार को प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 12 जिलों ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और राजगढ़-अशोकनगर के कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है। वर्तमान में प्रदेश में कोई सक्रिय वर्षा प्रणाली नहीं है।
तीन दिन तक धूप-छांव और बूंदाबांदी का मौसम
अगले तीन दिनों तक पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों में दिन में तेज धूप बनी रहेगी। रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। धार, इंदौर और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 17.6 से 17.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि भोपाल में यह 19.6, उज्जैन में 19, ग्वालियर में 22.1 और जबलपुर में 21 डिग्री दर्ज किया गया।
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यह भी पढ़ें-छिंदवाड़ा दौरे पर आ सकते हैं राहुल गांधी, कफ सिरप से बच्चों की मौत पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
मानसून सीजन में कहां कितनी बारिश हुई?
गुना इस सीजन में सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा, जहां 65.6 इंच वर्षा दर्ज की गई। मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक, जबकि श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हुई। दूसरी ओर, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6), खंडवा (32), बड़वानी (33.5) और धार (33.6) सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।
यह भी पढ़ें-कफ सिरप में 486 गुना अधिक जहर,किडनी फेल व ब्रेन सूजन से बच्चों की मौत,तमिलनाडु की जांच में खुलासा
इंदौर संभाग में सितंबर ने संभाली स्थिति
सीजन की शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग में कम बारिश के चलते चिंता बनी हुई थी। सितंबर में हुई अच्छी बारिश के बाद इंदौर ने सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, उज्जैन जिले का कोटा अब भी पूरा नहीं हुआ है। शाजापुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है।
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प्रदेश में कोई सक्रिय वर्षा प्रणाली नहीं
बुधवार को प्रदेश में कहीं भी वर्षा दर्ज नहीं की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के 12 जिलों ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम और राजगढ़-अशोकनगर के कुछ हिस्सों से मानसून लौट चुका है। वर्तमान में प्रदेश में कोई सक्रिय वर्षा प्रणाली नहीं है।
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तीन दिन तक धूप-छांव और बूंदाबांदी का मौसम
अगले तीन दिनों तक पूर्वी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे शहरों में दिन में तेज धूप बनी रहेगी। रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। धार, इंदौर और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 17.6 से 17.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि भोपाल में यह 19.6, उज्जैन में 19, ग्वालियर में 22.1 और जबलपुर में 21 डिग्री दर्ज किया गया।
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मानसून सीजन में कहां कितनी बारिश हुई?
गुना इस सीजन में सबसे अधिक बारिश वाला जिला रहा, जहां 65.6 इंच वर्षा दर्ज की गई। मंडला और रायसेन में 62 इंच से अधिक, जबकि श्योपुर और अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हुई। दूसरी ओर, शाजापुर (28.9 इंच), खरगोन (29.6), खंडवा (32), बड़वानी (33.5) और धार (33.6) सबसे कम बारिश वाले जिले रहे।
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इंदौर संभाग में सितंबर ने संभाली स्थिति
सीजन की शुरुआत में इंदौर और उज्जैन संभाग में कम बारिश के चलते चिंता बनी हुई थी। सितंबर में हुई अच्छी बारिश के बाद इंदौर ने सामान्य बारिश का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि, उज्जैन जिले का कोटा अब भी पूरा नहीं हुआ है। शाजापुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है।
