{"_id":"679cfd44931716c27d0bedc4","slug":"mp-the-state-government-asked-for-the-outstanding-amount-of-rs-17-thousand-crores-from-the-centre-rs-3000-cr-2025-01-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: राज्य सरकार ने केंद्र से बकाया 17 हजार करोड़ मांगे, बजट में सड़क और पुल निर्माण के लिए 3000 करोड़ मिलेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: राज्य सरकार ने केंद्र से बकाया 17 हजार करोड़ मांगे, बजट में सड़क और पुल निर्माण के लिए 3000 करोड़ मिलेंगे
Fri, 31 Jan 2025 10:11 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 31 Jan 2025 10:11 PM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 17 हजार करोड़ रुपये मांगे हैं। बजट में सड़क और पुल निर्माण के लिए, किसानों की योजना और नदी जोड़ा परियोजना के लिए केंद्र सरकार बजट जारी करेगी।
विज्ञापन
केंद्रीय बजट से उम्मीद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार का आम बजट शनिवार को जारी होगा। इसमें मध्य प्रदेश को कई बड़ी सौगातें मिल सकती हैं। इससे पहले प्रदेश सरकार ने केंद्र से 17,000 करोड़ रुपये की देनदारी मांगी है। दरअसल पिछले साल जुलाई में पेश हुए अंतरिम केंद्रीय बजट के अनुसार, एमपी को इस साल कुल 97,000 करोड़ रुपये मिलने थे। अभी तक लगभग 80,000 करोड़ रुपये ही मिले हैं। प्रदेश सरकार ने केंद्र से बाकी राशि जारी करने की मांग की है। वहीं, मध्य प्रदेश को केंद्रीय बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधानों की उम्मीद है, जिनसे राज्य में बुनियादी ढांचे, किसानों और नागरिकों को लाभ होने की संभावना है। केंद्रीय बजट में किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाओं की घोषणा की जा सकती है, जिनमें किसानों की सम्मान निधि में वृद्धि और सड़क-पुल निर्माण के लिए भारी फंडिंग शामिल है।
केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाए जाने की संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश के करीब 80 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, लेकिन अगर राशि दोगुना की जाती है तो एमपी के किसानों को सालाना मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की संभावना है। वर्तमान में यह सीमा 3 लाख रुपये तक है। इससे राज्य के 65 लाख से अधिक किसानों को राहत मिल सकती है। इस कार्ड के माध्यम से मध्यप्रदेश में किसान बिना ब्याज के ऋण प्राप्त करते हैं। यह योजना 1998 में शुरू की गई थी और अब इसे बढ़ाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल और कृषि से जुड़े कार्यों में ज्यादा वित्तीय मदद मिल सकेगी।
सड़कों और पुलों के लिए 3000 करोड़ की फंडिंग
केंद्रीय बजट में राज्य की सड़कें और पुलों के निर्माण के लिए 3000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी जा सकती है। इस राशि से राज्य में नए फ्लाईओवर, सड़कें और पुल बनेंगे। खासकर भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भोपाल में 550 करोड़ रुपये की लागत से चार सड़कें और तीन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इसके अलावा उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए 650 करोड़ रुपये से 11 सड़कें बनाई जाएंगी।
विज्ञापन
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत 2.77 लाख घर
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में अगले एक साल में 2.77 लाख मकान बनाए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना को इस योजना में मर्ज कर दिया है, जिससे लाभार्थियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिल सकेगी। राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 12,000 करोड़ रुपये की उम्मीद है। इस राशि से सड़क निर्माण, फ्लाईओवर और अन्य विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
सिंहस्थ महाकुंभ के लिए स्पेशल पैकेज
मध्यप्रदेश ने केंद्रीय वित्त मंत्री से सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए विशेष पैकेज की भी मांग की है। राज्य सरकार ने इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये का स्पेशल पैकेज मांगते हुए कई प्रस्ताव केंद्र सरकार के सामने रखे हैं, जिसमें उज्जैन और इंदौर क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना है।
विज्ञापन
केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाए जाने की संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो मध्य प्रदेश के करीब 80 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। वर्तमान में किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं, लेकिन अगर राशि दोगुना की जाती है तो एमपी के किसानों को सालाना मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अतिरिक्त, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की संभावना है। वर्तमान में यह सीमा 3 लाख रुपये तक है। इससे राज्य के 65 लाख से अधिक किसानों को राहत मिल सकती है। इस कार्ड के माध्यम से मध्यप्रदेश में किसान बिना ब्याज के ऋण प्राप्त करते हैं। यह योजना 1998 में शुरू की गई थी और अब इसे बढ़ाने की योजना है, जिससे किसानों को फसल और कृषि से जुड़े कार्यों में ज्यादा वित्तीय मदद मिल सकेगी।
विज्ञापन
सड़कों और पुलों के लिए 3000 करोड़ की फंडिंग
केंद्रीय बजट में राज्य की सड़कें और पुलों के निर्माण के लिए 3000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि दी जा सकती है। इस राशि से राज्य में नए फ्लाईओवर, सड़कें और पुल बनेंगे। खासकर भोपाल, जबलपुर और उज्जैन में विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। भोपाल में 550 करोड़ रुपये की लागत से चार सड़कें और तीन फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इसके अलावा उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए 650 करोड़ रुपये से 11 सड़कें बनाई जाएंगी।
विज्ञापन
पीएम आवास योजना 2.0 के तहत 2.77 लाख घर
केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत मध्यप्रदेश में अगले एक साल में 2.77 लाख मकान बनाए जाएंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना आवास योजना को इस योजना में मर्ज कर दिया है, जिससे लाभार्थियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिल सकेगी। राज्य को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 12,000 करोड़ रुपये की उम्मीद है। इस राशि से सड़क निर्माण, फ्लाईओवर और अन्य विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
सिंहस्थ महाकुंभ के लिए स्पेशल पैकेज
मध्यप्रदेश ने केंद्रीय वित्त मंत्री से सिंहस्थ महापर्व 2028 के लिए विशेष पैकेज की भी मांग की है। राज्य सरकार ने इसके लिए 20,000 करोड़ रुपये का स्पेशल पैकेज मांगते हुए कई प्रस्ताव केंद्र सरकार के सामने रखे हैं, जिसमें उज्जैन और इंदौर क्षेत्र को धार्मिक और आध्यात्मिक सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना है।
