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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP Politics: Minister Hardeep Singh now refrains from putting 'G' in ahead of Kamal Nath's name.

MP Politics: कमलनाथ के नाम के आगे जी लगाने से मंत्री हरदीप सिंह को परहेज, बोले- वे सिख दंगों के आरोपी हैं

Sat, 16 Sep 2023 02:19 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sat, 16 Sep 2023 02:19 PM IST
सार

MP Politics: भाजपा की ओर से सिखा समाज से आने वाले मंत्री हरदीप सिंह डंग, प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा और प्रवक्ता नेहा बग्गा ने प्रेस वार्ता लेकर सिख दंगों पर अपनी बात रखी।

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MP Politics: Minister Hardeep Singh now refrains from putting 'G' in ahead of Kamal Nath's name.
मंत्री हरदीप सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कभी पीसीसी चीफ कमलनाथ के नेतृत्व में काम करने वाले वर्तमान में भाजपा सरकार के मंत्री हरदीप सिंह डंग को आज नाथ के नाम के आगे जी लगाने से परहेज हो गया है। डंग ने कहा कि कमलनाथ के नाम के आगे जी क्या लगाऊं, वे सिख दंगों के आरोपी हैं। दरअसल, आज गुरु ग्रंथ साहिब के पहले प्रकाश पर के अवसर पर भाजपा ने एक बार फिर सिख दंगों का मुद्दा उठाया। भाजपा की ओर से सिखा समाज से आने वाले मंत्री हरदीप सिंह डंग, प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा और प्रवक्ता नेहा बग्गा ने प्रेस वार्ता लेकर सिख दंगों पर अपनी बात रखी। दम ने कहा कि कमलनाथ सिख दंगों के आरोपी हैं बावजूद उसके कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया हुआ है। वही प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने आमजन से अपील की कि वह आगे आने वाले विधानसभा चुनाव में ऐसे लोगों को वोट ना दें जो सिख दंगों के आरोपी हैं। वार्ता में प्रवक्ता नेहा बग्गा ने भी कमलनाथ पर जमकर हमला बोला। 
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कुछ लोग कर रहे नाथ की चमचागिरी
सिख समाज द्वारा कमलनाथ से मुलाकात कर आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट मांगने के सवाल पर डंग ने कहा कि कुछ लोग कमलनाथ की चम्मचगिरी कर रहे हैं। सिख दंगों के आरोपी कमलनाथ से टिकट नहीं लेना चाहिए। सिख दंगों के पीड़ितों को मुआवजा दिए जाने की मांग पर सरकार इस पर विचार कर रही है। गौतललब है कि कुछ दिन पहले सिख समाज का एक प्रतिनिधिमंडल कमलनाथ से मिला था प्रतिनिधिमंडल ने नाक से विधानसभा चुनाव में सिख समाज को टिकट दिए जाने की मांग की थी। 
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ऐसे हुए थे दंगे
1984 के सिख-विरोधी दंगे भारतीय सिखों के विरुद्ध दंगे थे जो इंदिरा गाँधी के हत्या के बाद हुए थे। इन्दिरा गांधी की हत्या उन्हीं के अंगरक्षकों ने कर दी थी जो कि सिख थे। सरकार का कहना है कि दिल्ली में लगभग 2,800 सिख मारे गए और देश भर में 3,350 सिख मारे गए, जबकि स्वतंत्र स्रोतों का अनुमान है कि देश भर में मरने वालों की संख्या लगभग 8,000–17,000 है।
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