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एमपी: मुंबई में सरकार की 117 साल पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग बेचने की तैयारी, कीमत सैकड़ों करोड़ होने का अनुमान

Fri, 23 Oct 2026 11:48 AM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Anand Pawar Updated Fri, 23 Oct 2026 11:48 AM IST
सार

मध्यप्रदेश सरकार मुंबई के कोलाबा इलाके में स्थित 117 साल पुरानी एडवर्ड विला के जरिए राजस्व जुटाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए लेनदेन सलाहकार नियुक्त किया जा रहा है, जो संपत्ति के बचे हुए लीज अधिकारों की बिक्री या हस्तांतरण का तरीका तय करने में मदद करेगा; इसकी संभावित कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

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MP Plans to Monetise 117-Year-Old Heritage Villa in Mumbai, Property Valued at Hundreds of Crores
वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश सरकार अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए मुंबई में स्थित अपनी 117 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत एडवर्ड विला से कमाई करने की तैयारी कर रही है। सरकार ने इस संपत्ति के व्यावसायिक इस्तेमाल और इसके पट्टे के बचे हुए अधिकारों को बेचने या हस्तांतरित करने की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। इसके लिए लेनदेन सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बताया गया है कि पिछले एक सप्ताह में नौ कंपनियों ने इस काम के लिए रुचि दिखाई है। मुंबई के पॉश इलाके कोलाबा में स्थित एडवर्ड विला का इस्तेमाल फिलहाल मध्यप्रदेश सरकार वीवीआईपी गेस्ट हाउस के रूप में करती है। संपत्ति की कीमत अधिक होने के साथ ही इसके कानूनी, वित्तीय और व्यावसायिक पहलू जटिल हैं। इसलिए सरकार एक विशेषज्ञ सलाहकार नियुक्त करना चाहती है, जो संपत्ति के व्यावसायिक मूल्य का आकलन करने के साथ सौदे का तरीका तय करने और बोली प्रक्रिया पूरी कराने में मदद करेगा।
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कोलाबा जैसे महंगे इलाके में है संपत्ति
एडवर्ड विला दक्षिण मुंबई के कोलाबा क्षेत्र में कैप्टन प्रकाश पेठे मार्ग पर स्थित है। यह इलाका मुंबई के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र नरीमन पॉइंट के नजदीक है। इमारत का निर्माण वर्ष 1909 में हुआ था। यह नौसेना छावनी क्षेत्र में स्थित है और इसे ऐतिहासिक महत्व वाली संपत्ति माना जाता है। रियल एस्टेट विशेषज्ञों के मुताबिक, इस इलाके में करीब 1,000 वर्गफीट के दो बेडरूम वाले फ्लैट की कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। इसी वजह से एडवर्ड विला की संभावित कीमत भी कई सौ करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, वास्तविक मूल्यांकन संपत्ति की शेष लीज अवधि, विरासत संबंधी नियमों और कानूनी विवादों सहित कई पहलुओं पर निर्भर करेगा। 
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12,581 वर्गफीट का प्लॉट, 2035 तक लीज
मध्यप्रदेश सरकार के उपक्रम प्रोविडेंट इन्वेस्टमेंट कंपनी लिमिटेड (पीआईसीएल) की ओर से जारी रुचि आमंत्रण दस्तावेज के अनुसार, संपत्ति का कुल भूखंड 1,168.90 वर्गमीटर यानी करीब 12,581 वर्गफीट है। भवन का कुल निर्मित क्षेत्र 1,246.07 वर्गमीटर है। इसमें भूतल, पहली और दूसरी मंजिल शामिल हैं। यह जमीन बृहन्मुंबई महानगरपालिका से 30 साल की लीज पर ली गई है। यह अवधि 13 नवंबर 2012 से 13 नवंबर 2035 तक है। दस्तावेज के अनुसार, इसका सालाना लीज किराया 13.71 लाख रुपये है। इससे पहले संपत्ति की मूल 99 साल की लीज 11 मार्च 1911 से शुरू हुई थी, जो 2005 में समाप्त हो गई थी। 

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सलाहकार तय करेगा सौदे का तरीका
सरकार जिस सलाहकार को नियुक्त करेगी, वह संपत्ति की व्यावसायिक संभावनाओं का आकलन करेगा। साथ ही यह भी सुझाएगा कि लीज के बचे हुए अधिकारों को किस तरह बेचना, सौंपना या हस्तांतरित करना उचित होगा। सलाहकार बोली प्रक्रिया, जरूरी सरकारी मंजूरियों, कानूनी अनुपालन और दस्तावेजों से जुड़े मामलों में भी मार्गदर्शन देगा। प्रस्तावित सौदा संपत्ति की मौजूदा स्थिति और उससे जुड़े अधिकारों के आधार पर किया जाएगा। इसमें पहले से मौजूद अधिकारों, हितों और संभावित कानूनी देनदारियों को भी ध्यान में रखना होगा। अधिकारियों के अनुसार, खरीदार को लीज की शर्तों, इमारत की विरासत संबंधी स्थिति और लंबित कानूनी मामलों का आकलन करने के बाद ही सौदे की व्यावसायिक उपयोगिता तय करनी होगी। अंतिम सौदे का स्वरूप सलाहकार की सिफारिशों और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद तय होगा। फिलहाल सरकार ने सलाहकार नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। संपत्ति की अंतिम कीमत और सौदे की शर्तें अभी तय नहीं हुई हैं।
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