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Veer Savarkar: स्कूल शिक्षा मंत्री बोले- MP में वीर सावरकर भी पढ़ाए जाएंगे, कांग्रेस बोली- शर्मनाक कदम
Thu, 29 Jun 2023 02:11 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 29 Jun 2023 02:11 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में चुनावों से पहले अब विनायक दामोदर सावरकर पर सियासत गरमा गई है। राज्य सरकार स्कूली पाठ्यक्रम में वीर सावरकर को शामिल करने जा रही है। इसे कांग्रेस ने शर्मनाक बताया है।
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वीर सावरकर
- फोटो : SAVARKARSMARAK.COM
विस्तार
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पांच महीने पहले अब विनायक दामोदर सावरकर को लेकर सियासत गरमा गई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम में वीर सावरकर को शामिल करने का फैसला किया है। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस फैसले के पक्ष में कहा कि वीर सावरकर महान क्रांतिकारी थे। उन्हें दो-दो आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इस पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने पलटवार कर कहा कि यह देश के क्रांतिकारियों का अपमान है।
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स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि वीर सावरकर हमारे उन महान क्रांतिकारियों में से है, जिन्हें एक जन्म में दो-दो आजीवन कारावास की सजा हुई है। वीर सावरकर ने ही 1857 के आंदोलन को स्वतंत्रता संग्राम कहा। नहीं तो इससे पहले 1957 के आंदोलन को गदर ही लिखा जाता था। दुर्भाग्य से कांग्रेस की सरकारों ने भारत के महान क्रांतिकारियों को इतिहास में जगह नहीं दी। विदेशी आक्रांताओं को महान लिखा गया। देशभक्तों को महान नहीं लिखा गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 अब भारत केंद्रीत शिक्षा पर काम कर रही है। इस वजह से अब देश के लिए काम करने वाले ही देश के हीरो बनेंगे। हम बच्चों को उनके बारे में पढ़ाने का काम करेंगे। इसलिए हम कई महापुरुषों की जीवनी नए सिलेबस में जोड़ेगे। मुख्यमंत्री के कहे अनुसार गीता के संदेश, भगवान परशुराम, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु ऐसे सभी महापुरुषों को हम पाठ्यक्रम में सम्मलित करेंगे। ऐसे ही सावरकर जी भी महान क्रांतिकारी थे। उनका जीवन भी हमारे बच्चों तक पहुंचना चाहिए। इस वजह से किताबों के नए सिलेबस में उन्हें भी सम्मलित किया जाएगा।
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किताब बांटने पर प्रचार्य को किया था निलंबित
परमार ने कहा कि 2018 में कुछ समय के लिए कमलनाथ जी की सरकार बनी थी। उस दौरान एक स्कूल में वीर सावरकार जी की किताब को स्कूल में बांटने पर प्राचार्य को निलंबित कर दिया गया था। कांग्रेस के लोग हमारे देश के क्रांतिकारियों को बच्चों तक पहुंचाना नहीं चाहते। उन्होंने अपनी सरकार में यह करके दिखाया है। भाजपा सरकार की नीति है कि हम ऐसे सभी क्रांतिकारियों को सम्मिलित करेंगे।
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कांग्रेस बोली- यह क्रांतिकारियों का अपमान
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वीर सावरकर को किस हैसियत से शामिल करना चाहते हैं? यह बड़ा सवाल है और अफसोसजनक भी है। सावरकर के माफी मांगने के कई पत्र हमने पढ़े हैं, जो सोशल मीडिया पर आ चुके है। ऐसे व्यक्ति को क्रांतिकारी बताकर सिलेबस में जोड़ना शर्मनाक है और यह तो फ्रीडम फाइटर की तौहीन है। हम देश को चाहने वाले लोग हैं। वह भाजपा के मार्गदर्शक है, यह बात ही शर्मनाक है। हम तो इसका विरोध करेंगे। देश के लिए लड़ने वाले क्रांतिकारियों का इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए न कि माफी मांगने वाले का।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान
मध्यप्रदेश में वीर सावरकर शिक्षा के सिलेबर्स में क्यों नहीं पढ़ाने चाहिए। वीर सावरकर काले पानी में रहे और 2-2 जन्मों की सजा हुई। देश के लिए सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सेल्यूलर जेल में जब जाकर देखते हैं, किस तरह के सेल में सावरकर रहते थे। उनके दूसरे भाई भी उसी जेल में बंद रहे थे, ऐसे लोगों की जीवनी क्यों नहीं पढ़ाई जाए। बिल्कुल पढ़ाई जाएगी, जो उत्कृष्ट देशभक्त रहे हैं।
