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MP News: नई शराब नीति में दिखा उमा का विरोध, प्रदेश के सभी अहाते और शॉप बार होंगे बंद
Sun, 19 Feb 2023 10:37 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 19 Feb 2023 10:37 PM IST
सार
कैबिनेट की बैठक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि शराब को हतोत्साहित करने की दिशा में मुख्यमंत्री जी लगातार आगे बढ़ रहै हैं। गृहमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी शराब के अहाते बंद किए जा रहे हैं।
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गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश की 2023-24 की नई शराबनीति को रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। नई शराब नीति में सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की मांगों को पूरा किया है। सरकार ने प्रदेश के सभी अहाते और शॉप बार बंद करने का निर्णय लिया है। इनकी संख्या करीब 2611 है। नई शराब नीति 1 अप्रैल 2023 से लागू होगी।
कैबिनेट की बैठक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया को बताया कि शराब को हतोत्साहित करने की दिशा में मुख्यमंत्री लगातार आगे बढ़ रहे हैं। 2010 से आज तक मध्य प्रदेश के अंदर कोई नई शराब की दुकान नहीं खोली गई। जबकि कई बंद की गईं। नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान प्रदेश में 64 दुकानें बंद की गईं। इस वर्ष भी आबकारी नीति में शराब को हतोत्साहित किया गया है। बता दें कि प्रदेश में 2022-23 में आबकारी विभाग ने 13500 करोड़ राजस्व का अनुमान लगाया था, जिसमें से जनवरी 2023 तक 9000 करोड़ के करीब राजस्व मिल चुका है। नई शराब नीति 1 अप्रैल 2023 से लागू होगी।
नई शराबनीति में ये रहेगा खास
इस बार अहाते बंद होने से सरकार की आय में कमी आना निश्चित है।
उमा भारती की चेतावनी का दिखा असर
बता दें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने नई शराबनीति को लेकर सरकार को चेतावनी दी थी। उमा ने तीन दिन भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित मंदिर में प्रवास भी किया था। उमा ने शिवराज सरकार को नई शराब नीति के लिए सुझाव दिए थे। इसमें अहाते बंद करने, धार्मिक, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास से शराब दुकानों की दूरी का दायरा बढ़ाने, शराब दुकानों के आगे उससे होने वाले दुष्परिणामों के होर्डिंग लगाने समेत अन्य सुझाव शामिल थे। उमा के तेवर से प्रदेश की नई शराब नीति पर सरकार निर्णय नहीं ले पा रही थी। अब सरकार ने उमा भारती की मांगों को मानते हुए नई शराबनीति लागू की है।
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कैबिनेट की बैठक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया को बताया कि शराब को हतोत्साहित करने की दिशा में मुख्यमंत्री लगातार आगे बढ़ रहे हैं। 2010 से आज तक मध्य प्रदेश के अंदर कोई नई शराब की दुकान नहीं खोली गई। जबकि कई बंद की गईं। नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान प्रदेश में 64 दुकानें बंद की गईं। इस वर्ष भी आबकारी नीति में शराब को हतोत्साहित किया गया है। बता दें कि प्रदेश में 2022-23 में आबकारी विभाग ने 13500 करोड़ राजस्व का अनुमान लगाया था, जिसमें से जनवरी 2023 तक 9000 करोड़ के करीब राजस्व मिल चुका है। नई शराब नीति 1 अप्रैल 2023 से लागू होगी।
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नई शराबनीति में ये रहेगा खास
- प्रदेश के सभी शराब के अहाते बंद किए जा रहे हैं। अब कोई अहाता प्रदेश में चालू नहीं रहेगा।
- सभी शॉप बार भी बंद किए जा रहे हैं। मदिरा दुकानों में बैठ कर पीने की अनुमति नहीं होगी।
- धार्मिक संस्थान, गर्ल्स हॉस्टल और सभी प्रकार की शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शराब की दुकानों का दायरा 50 मीटर से बढ़ाकर 100 मीटर किया जा रहा है।
- इससे प्रदेश की करीब 200 के करीब दुकानें प्रभावित होंगी। अभी प्रदेश में 3608 शराब की दुकानें हैं।
- शराब पीकर वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने के प्रावधान कड़े करना भी तय किया है। शराब के नशे में खतरनाक तरीके से वाहन चलाने वालों की सजा को भी बढ़ाने पर विचार किया गया है।
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| साल | शराब से हुई आय |
| 2018-19 | 9507 |
| 2019-20 | 10,773 |
| 2020-21 | 9520 |
| 2021-22 | 10,380 |
| 2022-23 | 13,255 (अनुमान) |
उमा भारती की चेतावनी का दिखा असर
बता दें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने नई शराबनीति को लेकर सरकार को चेतावनी दी थी। उमा ने तीन दिन भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित मंदिर में प्रवास भी किया था। उमा ने शिवराज सरकार को नई शराब नीति के लिए सुझाव दिए थे। इसमें अहाते बंद करने, धार्मिक, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास से शराब दुकानों की दूरी का दायरा बढ़ाने, शराब दुकानों के आगे उससे होने वाले दुष्परिणामों के होर्डिंग लगाने समेत अन्य सुझाव शामिल थे। उमा के तेवर से प्रदेश की नई शराब नीति पर सरकार निर्णय नहीं ले पा रही थी। अब सरकार ने उमा भारती की मांगों को मानते हुए नई शराबनीति लागू की है।
