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MP News: 24 दिन में कांग्रेस की तिकड़ी के प्रदेश में तीन ग्रैंड शो, भाजपा और सिंधिया को घेरने का रोडमैप तैयार
Thu, 20 Jul 2023 08:48 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 20 Jul 2023 08:48 PM IST
सार
कांग्रेस ने सबसे पहले एमपी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की रैली की तैयारी की है। उनकी शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे ग्वालियर में रैली है। इसके बाद 8 अगस्त को राहुल गांधी की रैली शहडोल में और 13 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली सागर में है।
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कांग्रेस के दिग्गजों की रैली
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश में कांग्रेस अब जी जान से चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पार्टी अपने दिग्गज नेताओं को ग्रैंड शो की प्लानिंग एक खास रणनीति के तहत कर रही है। प्रियंका गांधी जबलपुर से चुनावी अभियान की आगाज कर चुकी हैं। अब कांग्रेस ने अपने तीन दिग्गज नेताओं के लिए 24 दिन के अंदर प्रदेश में तीन ग्रैंड शो की प्लानिंग की है। तीनों दिग्गजों की सभाओं के जरिए कांग्रेस ने भाजपा और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने का पूरा रोडमैप तैयार कर लिया है।
कांग्रेस ने सबसे पहले एमपी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की रैली की तैयारी की है। उनकी शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे ग्वालियर में रैली है। इसके बाद 8 अगस्त को राहुल गांधी की रैली शहडोल में और 13 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली सागर में है।
सिंधिया को ललकारने आ रही प्रियंका
दरअसल, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से गिर गई थी। प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेता उस पल को भूले नहीं हैं। इसलिए आगामी चुनाव में कांग्रेस ने पूरी तैयारी सिंधिया को उनके घर में मात देने की की है। इसका आगाज शुक्रवार से हो रहा है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में विशाल रैली करेंगी। साथ ही रानी लक्ष्मी बाई की समाधि पर श्रद्धांजिल अर्पित करेंगी और सिंधिया परिवार के दुखती नब्ज पर हाथ डालेगी। सिंधिया परिवार पर रानी लक्ष्मीबाई से गद्दारी के आरोप लगते रहे हैं। कांग्रेस में रहने के दौरान भाजपा भी इसी बहाने सिंधिया को घेरती थी। अब कांग्रेस के लोग उन्हें उसी मुद्दे पर निशाने पर लेते हैं। कांग्रेस ने इसके लिए पूरी तैयारी की है। पार्टी ने कहा कि प्रियंका गांधी वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि की चरण धूलि माथे से लगाकर गद्दारों से संघर्ष और देशभक्ति का संदेश देंगी।
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प्रियंका की रैली से कांग्रेस को क्या फायदा
कांग्रेस को इस चुनाव में ग्वालियर-चंबल अंचल की 34 सीटों से काफी उम्मीद है। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को इस इलाके में अच्छी सफलता मिली थी। कांग्रेस की कोशिश है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बिना फिर से उसी प्रदर्शन को दोहराएं। इस दिशा में पहली सफलता कांग्रेस को निकाय चुनाव में मिल गई है। ग्वालियर-मुरैना में वह महापौर का चुनाव जीत चुकी है। अब उस इलाके के दलित, ओबीसी और सवर्ण वोटरों को साध कर विधानसभा चुनाव जीतने की तैयारी कर रही है। प्रियंका के आने के बाद उस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा।
कांग्रेस का ढाई लाख लोगों को जुटाने का दावा
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के स्वागत की बड़ी तैयारी की है। ग्वालियर में प्रियंका और कमलनाथ के बैनर पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि जनसभा में ढाई लाख से अधिक की संख्या में लोग शामिल होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी नेताओं को रैली को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस ने 10 हजार बसों से ग्वालियर के मेला ग्राउंड में कार्यकर्ता पहुंचाने की तैयारी की है। पांच हजार ट्रैक्टर से किसान आएंगे।
आदिवासियों को साधने आ रहे राहुल गांधी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदिवासी बाहुल इलाकों में अपनी रैलियों से लगातार आदिवासी वोटरों को साधने में जुटे है। पिछले दिनों शहडोल में आदिवासी बहनों से मुलाकात कर उनसे बात की थी। अब इसी आदिवासी बाहुल इलाके में राहुल गांधी आ रहे हैं। 8 अगस्त को शहडोल के ब्यौहारी में सभा कर आदिवासी वोटरों को लुभाएंगे। राहुल के पास खासकर आदिवासियों पर हाल ही में हुए अत्याचार के मुद्दे है। इसमें सीधी पेशाब कांड से लेकर इंदौर में दो आदिवासी युवकों की पिटाई तक का मामला है। कांग्रेस इसे जोर शोर से भुनाने में जुटी है। राहुल अपनी रैली से आदिवासियों को यह बताने की भरपूर कोशिश करेंगे कि हम आपके हितैशी है। इसके जरिए शहडोल, अनुपपूर, डिंडौरी, मंडला समेत इस इलाके में आने वाली अन्य आदिवासी बाहुल सीटों पर उनकी नजर होंगी। प्रदेश में 47 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित है। इनमें से अधिकांश सीटें इसी क्षेत्र में है।
दलित वोटों को जोड़ने आ रहे हैं खरगे
बुंदेलखंड में दलितों की आबादी बहुत है। भाजपा ने वोटरों को लुभाने के लिए सागर में बड़ा दांव चला है। सागर में सरकार 100 करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास जी का मंदिर बनवा रही है। इसके लिए भाजपा ने राम मंदिर की तर्ज पर एक अभियान चलाया है। जिसके तहत मंदिर बनाने के लिए हर व्यक्ति कुछ ना कुछ दान करें। ऐसे में कांग्रेस से दलित वोटर उस इलाके से छिंटक सकते हैं। इसे भांपते हुए कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को उस इलाके में उतार दिया है। खरगे 13 अगस्त को वहां विशाल रैली करेंगे। इससे पहले आदिवासी के घर तोड़ने के मामले में दिग्विजय सिंह सागर में डेरा जमा चुके हैं। अपनी मांग पूरी कराने के लिए दिग्विजय सिंह ने सागर के कलेक्टर और एसपी को जमीन पर बैठा दिया था। साथ ही मंत्री भूपेंद्र सिंह से वह लगातार इस इलाके में लोहा ले रहे हैं। अब खरगे को वहां उतारकर कांग्रेस भाजपा के दलित वोटों में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
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कांग्रेस ने सबसे पहले एमपी में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की रैली की तैयारी की है। उनकी शुक्रवार को सुबह 11.30 बजे ग्वालियर में रैली है। इसके बाद 8 अगस्त को राहुल गांधी की रैली शहडोल में और 13 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली सागर में है।
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सिंधिया को ललकारने आ रही प्रियंका
दरअसल, मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से गिर गई थी। प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के नेता उस पल को भूले नहीं हैं। इसलिए आगामी चुनाव में कांग्रेस ने पूरी तैयारी सिंधिया को उनके घर में मात देने की की है। इसका आगाज शुक्रवार से हो रहा है। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में विशाल रैली करेंगी। साथ ही रानी लक्ष्मी बाई की समाधि पर श्रद्धांजिल अर्पित करेंगी और सिंधिया परिवार के दुखती नब्ज पर हाथ डालेगी। सिंधिया परिवार पर रानी लक्ष्मीबाई से गद्दारी के आरोप लगते रहे हैं। कांग्रेस में रहने के दौरान भाजपा भी इसी बहाने सिंधिया को घेरती थी। अब कांग्रेस के लोग उन्हें उसी मुद्दे पर निशाने पर लेते हैं। कांग्रेस ने इसके लिए पूरी तैयारी की है। पार्टी ने कहा कि प्रियंका गांधी वीरांगना लक्ष्मीबाई की समाधि की चरण धूलि माथे से लगाकर गद्दारों से संघर्ष और देशभक्ति का संदेश देंगी।
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प्रियंका की रैली से कांग्रेस को क्या फायदा
कांग्रेस को इस चुनाव में ग्वालियर-चंबल अंचल की 34 सीटों से काफी उम्मीद है। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को इस इलाके में अच्छी सफलता मिली थी। कांग्रेस की कोशिश है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बिना फिर से उसी प्रदर्शन को दोहराएं। इस दिशा में पहली सफलता कांग्रेस को निकाय चुनाव में मिल गई है। ग्वालियर-मुरैना में वह महापौर का चुनाव जीत चुकी है। अब उस इलाके के दलित, ओबीसी और सवर्ण वोटरों को साध कर विधानसभा चुनाव जीतने की तैयारी कर रही है। प्रियंका के आने के बाद उस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेगा।
कांग्रेस का ढाई लाख लोगों को जुटाने का दावा
मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के स्वागत की बड़ी तैयारी की है। ग्वालियर में प्रियंका और कमलनाथ के बैनर पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं। कांग्रेस का दावा है कि जनसभा में ढाई लाख से अधिक की संख्या में लोग शामिल होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी नेताओं को रैली को लेकर अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस ने 10 हजार बसों से ग्वालियर के मेला ग्राउंड में कार्यकर्ता पहुंचाने की तैयारी की है। पांच हजार ट्रैक्टर से किसान आएंगे।
आदिवासियों को साधने आ रहे राहुल गांधी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदिवासी बाहुल इलाकों में अपनी रैलियों से लगातार आदिवासी वोटरों को साधने में जुटे है। पिछले दिनों शहडोल में आदिवासी बहनों से मुलाकात कर उनसे बात की थी। अब इसी आदिवासी बाहुल इलाके में राहुल गांधी आ रहे हैं। 8 अगस्त को शहडोल के ब्यौहारी में सभा कर आदिवासी वोटरों को लुभाएंगे। राहुल के पास खासकर आदिवासियों पर हाल ही में हुए अत्याचार के मुद्दे है। इसमें सीधी पेशाब कांड से लेकर इंदौर में दो आदिवासी युवकों की पिटाई तक का मामला है। कांग्रेस इसे जोर शोर से भुनाने में जुटी है। राहुल अपनी रैली से आदिवासियों को यह बताने की भरपूर कोशिश करेंगे कि हम आपके हितैशी है। इसके जरिए शहडोल, अनुपपूर, डिंडौरी, मंडला समेत इस इलाके में आने वाली अन्य आदिवासी बाहुल सीटों पर उनकी नजर होंगी। प्रदेश में 47 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित है। इनमें से अधिकांश सीटें इसी क्षेत्र में है।
दलित वोटों को जोड़ने आ रहे हैं खरगे
बुंदेलखंड में दलितों की आबादी बहुत है। भाजपा ने वोटरों को लुभाने के लिए सागर में बड़ा दांव चला है। सागर में सरकार 100 करोड़ रुपए की लागत से संत रविदास जी का मंदिर बनवा रही है। इसके लिए भाजपा ने राम मंदिर की तर्ज पर एक अभियान चलाया है। जिसके तहत मंदिर बनाने के लिए हर व्यक्ति कुछ ना कुछ दान करें। ऐसे में कांग्रेस से दलित वोटर उस इलाके से छिंटक सकते हैं। इसे भांपते हुए कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को उस इलाके में उतार दिया है। खरगे 13 अगस्त को वहां विशाल रैली करेंगे। इससे पहले आदिवासी के घर तोड़ने के मामले में दिग्विजय सिंह सागर में डेरा जमा चुके हैं। अपनी मांग पूरी कराने के लिए दिग्विजय सिंह ने सागर के कलेक्टर और एसपी को जमीन पर बैठा दिया था। साथ ही मंत्री भूपेंद्र सिंह से वह लगातार इस इलाके में लोहा ले रहे हैं। अब खरगे को वहां उतारकर कांग्रेस भाजपा के दलित वोटों में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।
