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MP News: तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास विभाग ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने में अग्रणी, शतप्रतिशत डिजिटल हुआ
Sat, 09 Nov 2024 10:08 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 09 Nov 2024 10:08 PM IST
सार
तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के सचिव रघुराज राजेंद्रन ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली में अब मंत्री स्तर तक सभी फाइलें और दस्तावेज डिजिटल प्रारूप में संचालित होंगे, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी और भी गति आएगी।
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मंत्रालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने डिजिटल कार्यप्रणाली में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू करने की उपलब्धि हासिल की है। तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के सचिव रघुराज राजेंद्रन ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली में अब मंत्री स्तर तक सभी फाइलें और दस्तावेज डिजिटल प्रारूप में संचालित होंगे, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी और भी गति आएगी। इसमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित होगी।
सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 जनवरी 2025 से मंत्रालय में मैनुअल फाइलों का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली के लागू हो जाने से कागज की खपत में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। सरकार की यह पहल राज्य में न केवल आधुनिक प्रशासनिक बदलाव लाएगी, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगी।
ई-ऑफिस प्रणाली से फाइलों की डिजिटल रूप में निगरानी की जाएगी, जिससे कार्य में देरी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। इस प्रणाली के लागू होने से मंत्रालय स्तर पर फाइलों का संचालन अधिक सुगम और तेज होगा। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने यह पहल कर अन्य विभागों के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे राज्य में कागज के उपयोग में भारी कमी आएगी। ई-ऑफिस प्रणाली को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण में मंत्रालय स्तर पर एक जनवरी से कार्यान्वयन होगा, दूसरे चरण में संचालनालयों में, और तीसरे चरण में जिलों में इसे अपनाया जाएगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि इस नई प्रणाली को सुगमता से अपनाया जा सके।
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सरकार ने निर्णय लिया है कि 1 जनवरी 2025 से मंत्रालय में मैनुअल फाइलों का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली के लागू हो जाने से कागज की खपत में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी। सरकार की यह पहल राज्य में न केवल आधुनिक प्रशासनिक बदलाव लाएगी, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी सहायक सिद्ध होगी।
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ई-ऑफिस प्रणाली से फाइलों की डिजिटल रूप में निगरानी की जाएगी, जिससे कार्य में देरी करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी। इस प्रणाली के लागू होने से मंत्रालय स्तर पर फाइलों का संचालन अधिक सुगम और तेज होगा। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग ने यह पहल कर अन्य विभागों के लिए एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
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पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे राज्य में कागज के उपयोग में भारी कमी आएगी। ई-ऑफिस प्रणाली को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है, जिसमें पहले चरण में मंत्रालय स्तर पर एक जनवरी से कार्यान्वयन होगा, दूसरे चरण में संचालनालयों में, और तीसरे चरण में जिलों में इसे अपनाया जाएगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑफिस के माध्यम से प्रशिक्षण के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि इस नई प्रणाली को सुगमता से अपनाया जा सके।
