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MP News: सुरजेवाला का आरोप- ओंकारेश्वर की बाढ़ प्रशासन निर्मित आपदा, मकानों को पहुंचे नुकसान का मुआवजा दें
Mon, 18 Sep 2023 08:34 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 18 Sep 2023 08:34 PM IST
सार
सुरजेवाला ने कहा कि शिवराज सरकार को तत्काल इस कुशासन के लिए जनता से माफी मांगना चाहिए और मकानों को हुये नुकसान का संपूर्ण मुआवजा अविलंब पीड़ित परिवारों को देना चाहिए।
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रणदीप सुरजेवाला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले आरोप प्रत्यारोप तेज होते जा रहे है। इसी कड़ी में सोमवार को कांग्रेस नेता और प्रदेश चुनाव प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने ओंकारेश्वर की बाढ़ को लेकर शिवराज सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर और वहां से नीचे के इलाकों में आई बाढ़ के लिए प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जिम्मेदार हैं।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भगवान जगतगुरु शंकराचार्य की मूर्ति के उद्घाटन का कार्यक्रम 18 सितंबर को प्रस्तावित था और इसके पहले 15 सितंबर को मुख्यमंत्री को ओंकारेश्वर जाना था। मुख्यमंत्री को एक रपटे पर से होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना था, इसलिए प्रशासन ने ओंकारेश्वर बांध के फाटक बंद रखे ताकि रपटे के ऊपर से पानी न आ जाए।
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर पहुंचे, जबकि उससे पहले ही बांध में लगातार पानी बढ़ रहा था, जिसके चलते बांध के फाटक खोलने की बहुत आवश्यकता थी। लेकिन प्रशासन पर अघोषित दबाव था कि बांध के फाटक ना खोले जाएं, इसलिए कई दिन की बरसात के बावजूद बांध में पानी बढ़ने दिया गया। जब मुख्यमंत्री ने 15 सितंबर का कार्यक्रम पूर्ण कर लिया, उसके बाद बांध के फाटक एकदम से खोल दिए गए और ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र तथा नदी के बहाव के निचले इलाकों में बहुत तेजी से बाढ़ का पानी घुसा। मुख्यमंत्री ने बहुत बाद में जाकर 18 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम को स्थगित कर अगली तारीख के लिए बढ़ाया।
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सुरजेवाला ने कहा कि शिवराज सरकार को तत्काल इस कुशासन के लिए जनता से माफी मांगना चाहिए और मकानों को हुये नुकसान का संपूर्ण मुआवजा अविलंब पीड़ित परिवारों को देना चाहिए। इस तरह के कृत्य के लिए भगवान आदिगुरू शंकराचार्य भी शिवराजसिंह चौहान को माफ नहीं करेंगे।
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कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भगवान जगतगुरु शंकराचार्य की मूर्ति के उद्घाटन का कार्यक्रम 18 सितंबर को प्रस्तावित था और इसके पहले 15 सितंबर को मुख्यमंत्री को ओंकारेश्वर जाना था। मुख्यमंत्री को एक रपटे पर से होकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना था, इसलिए प्रशासन ने ओंकारेश्वर बांध के फाटक बंद रखे ताकि रपटे के ऊपर से पानी न आ जाए।
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उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को मुख्यमंत्री ओंकारेश्वर पहुंचे, जबकि उससे पहले ही बांध में लगातार पानी बढ़ रहा था, जिसके चलते बांध के फाटक खोलने की बहुत आवश्यकता थी। लेकिन प्रशासन पर अघोषित दबाव था कि बांध के फाटक ना खोले जाएं, इसलिए कई दिन की बरसात के बावजूद बांध में पानी बढ़ने दिया गया। जब मुख्यमंत्री ने 15 सितंबर का कार्यक्रम पूर्ण कर लिया, उसके बाद बांध के फाटक एकदम से खोल दिए गए और ओंकारेश्वर तीर्थ क्षेत्र तथा नदी के बहाव के निचले इलाकों में बहुत तेजी से बाढ़ का पानी घुसा। मुख्यमंत्री ने बहुत बाद में जाकर 18 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम को स्थगित कर अगली तारीख के लिए बढ़ाया।
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सुरजेवाला ने कहा कि शिवराज सरकार को तत्काल इस कुशासन के लिए जनता से माफी मांगना चाहिए और मकानों को हुये नुकसान का संपूर्ण मुआवजा अविलंब पीड़ित परिवारों को देना चाहिए। इस तरह के कृत्य के लिए भगवान आदिगुरू शंकराचार्य भी शिवराजसिंह चौहान को माफ नहीं करेंगे।
