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MP News: मछली परिवार केस में पुलिस पर गंभीर सवाल, प्रियंक कानूनगो बोले- तथ्य छिपाए गए, जांच संतोषजनक नहीं
Tue, 28 Apr 2026 09:34 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 28 Apr 2026 09:34 PM IST
सार
भोपाल के चर्चित मछली परिवार मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की एंट्री हो गई है। NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने भोपाल पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए गंभीर तथ्य छिपाने का आरोप लगाया है।
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मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो (फाइल फोटो)
विस्तार
भोपाल के चर्चित मछली परिवार मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भोपाल पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली और उसके परिवार से जुड़े मामलों में पुलिस की अब तक की जांच उन्हें संतोषजनक नहीं लगी। उनका आरोप है कि पुलिस ने कुछ गंभीर तथ्यों को छिपाया और मामले की सही तरीके से जांच नहीं की। प्रियंक कानूनगो ने सख्त लहजे में कहा कि इस पूरे मामले से जुड़ी जानकारी और अदालत में पेश किए गए तथ्यों से वह पूरी तरह अवगत हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां कोर्ट के सामने सही तरीके से नहीं रखी गईं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में औपचारिक कार्रवाई शुरू की गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, जो एक मिसाल बनेंगे।
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कानूनगो के इस बयान के बाद मामला नया मोड़ लेता दिख रहा है। अब यह केवल स्थानीय पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की निगरानी में आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। गौरतलब है कि यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली मामला पहले से ही कई गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में रहा है। इस केस में शोषण, ब्लैकमेलिंग, ड्रग्स तस्करी और जमीन कब्जाने जैसे आरोप सामने आए थे। पुलिस ने यासीन और उसके चाचा शाहवर को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो मिलने की भी बात सामने आई थी। आरोप यह भी हैं कि वह छात्राओं को पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगाकर उनका शोषण करता था। साथ ही धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोप भी इस मामले में सामने आए थे।
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कानूनगो के इस बयान के बाद मामला नया मोड़ लेता दिख रहा है। अब यह केवल स्थानीय पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की निगरानी में आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। गौरतलब है कि यासीन अहमद उर्फ यासीन मछली मामला पहले से ही कई गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में रहा है। इस केस में शोषण, ब्लैकमेलिंग, ड्रग्स तस्करी और जमीन कब्जाने जैसे आरोप सामने आए थे। पुलिस ने यासीन और उसके चाचा शाहवर को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मोबाइल फोन से आपत्तिजनक वीडियो मिलने की भी बात सामने आई थी। आरोप यह भी हैं कि वह छात्राओं को पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगाकर उनका शोषण करता था। साथ ही धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने के आरोप भी इस मामले में सामने आए थे।
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