{"_id":"68ff6426066723bce90f427a","slug":"mp-news-questions-raised-on-the-accreditation-process-of-nursing-colleges-now-bhopal-crime-branch-will-inves-2025-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पर सवाल, अब भोपाल क्राइम ब्रांच करेगी जांच, फर्जीवाड़े का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पर सवाल, अब भोपाल क्राइम ब्रांच करेगी जांच, फर्जीवाड़े का आरोप
Mon, 27 Oct 2025 06:01 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 27 Oct 2025 06:01 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों द्वारा मान्यता प्राप्त करने के लिए किए गए ऑनलाइन आवेदनों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं को लेकर अब जांच की जिम्मेदारी भोपाल क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज, अधूरे डाटा और नियमों की अनदेखी के आरोप लगे हैं।
विज्ञापन
नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया में बड़े फर्जीवाड़े के आरोपों ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। ऑनलाइन आवेदन के जरिए मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेज, अधूरे डाटा और नियमों की अनदेखी के आरोप सामने आए हैं। अब इस पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी भोपाल क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।
सायबर पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंपी गई फाइल
राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय ने एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए यह मामला क्राइम ब्रांच, भोपाल को जांच के लिए भेजा है। परमार ने अपनी शिकायत में कहा कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के पोर्टल पर कई नर्सिंग कॉलेजों ने फर्जी या अधूरे दस्तावेज़ अपलोड कर मान्यता प्राप्त कर ली। सायबर पुलिस ने मामले को तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर और जटिल मानते हुए इसकी विस्तृत जांच क्राइम ब्रांच की विशेष टीम को सौंप दी है।
यह भी पढ़ें-कांग्रेस जिला अध्यक्षों के ट्रेनिंग की तैयारी तेज, योग-मार्शल आर्ट के होंगे सत्र, आएंगे राहुल गांधी
विज्ञापन
एनएसयूआई का आरोप-संगठित साइबर अपराध
एनएसयूआई नेता रवि परमार ने कहा कि इस पूरे मामले में एमपी ऑनलाइन और नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों की मिलीभगत से कई कॉलेजों को गलत तरीके से स्वीकृति दी गई।कई कॉलेजों ने न तो मानक पूरे किए, न ही स्टाफ या इन्फ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी, फिर भी उन्हें मान्यता मिल गई। यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि शिक्षा माफिया और अधिकारियों द्वारा किया गया संगठित साइबर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस फर्जीवाड़े में शामिल कॉलेज संचालकों, काउंसिल अधिकारियों और निजी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, एनएसयूआई छात्रहितों की इस लड़ाई को जारी रखेगी।
यह भी पढ़ें-मंत्री विजयवर्गीय के बयान पर नेता प्रतिपक्ष का पलटवार बोले-भाजपा नेता संवेदनहीन बयानबाजी में व्यस्त
क्राइम ब्रांच ने जुटाए दस्तावेज, जांच शुरू
प्रदेश में सैकड़ों नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दी जाती है। अब अगर इस आवेदन प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई जाती है, तो हजारों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।क्राइम ब्रांच ने जांच के लिए सभी संबंधित रिकॉर्ड, पोर्टल डेटा और आवेदनों के दस्तावेज़ जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में कई संदिग्ध एंट्री और डुप्लीकेट दस्तावेज़ सामने आए हैं।
विज्ञापन
सायबर पुलिस से क्राइम ब्रांच को सौंपी गई फाइल
राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय ने एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए यह मामला क्राइम ब्रांच, भोपाल को जांच के लिए भेजा है। परमार ने अपनी शिकायत में कहा कि मध्यप्रदेश नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल के पोर्टल पर कई नर्सिंग कॉलेजों ने फर्जी या अधूरे दस्तावेज़ अपलोड कर मान्यता प्राप्त कर ली। सायबर पुलिस ने मामले को तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर और जटिल मानते हुए इसकी विस्तृत जांच क्राइम ब्रांच की विशेष टीम को सौंप दी है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-कांग्रेस जिला अध्यक्षों के ट्रेनिंग की तैयारी तेज, योग-मार्शल आर्ट के होंगे सत्र, आएंगे राहुल गांधी
विज्ञापन
एनएसयूआई का आरोप-संगठित साइबर अपराध
एनएसयूआई नेता रवि परमार ने कहा कि इस पूरे मामले में एमपी ऑनलाइन और नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों की मिलीभगत से कई कॉलेजों को गलत तरीके से स्वीकृति दी गई।कई कॉलेजों ने न तो मानक पूरे किए, न ही स्टाफ या इन्फ्रास्ट्रक्चर की जानकारी दी, फिर भी उन्हें मान्यता मिल गई। यह सिर्फ लापरवाही नहीं बल्कि शिक्षा माफिया और अधिकारियों द्वारा किया गया संगठित साइबर अपराध है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस फर्जीवाड़े में शामिल कॉलेज संचालकों, काउंसिल अधिकारियों और निजी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, एनएसयूआई छात्रहितों की इस लड़ाई को जारी रखेगी।
यह भी पढ़ें-मंत्री विजयवर्गीय के बयान पर नेता प्रतिपक्ष का पलटवार बोले-भाजपा नेता संवेदनहीन बयानबाजी में व्यस्त
क्राइम ब्रांच ने जुटाए दस्तावेज, जांच शुरू
प्रदेश में सैकड़ों नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता एमपी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दी जाती है। अब अगर इस आवेदन प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई जाती है, तो हजारों छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।क्राइम ब्रांच ने जांच के लिए सभी संबंधित रिकॉर्ड, पोर्टल डेटा और आवेदनों के दस्तावेज़ जब्त कर लिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में कई संदिग्ध एंट्री और डुप्लीकेट दस्तावेज़ सामने आए हैं।
