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MP News: भोपाल में IAS संतोष वर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने किया वाटर कैनन का इस्तेमाल
Sun, 14 Dec 2025 07:50 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sun, 14 Dec 2025 07:50 PM IST
सार
भोपाल में IAS अधिकारी संतोष वर्मा के बयान के विरोध में ब्राह्मण समाज सड़कों पर उतरा और रोशनपुरा चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। हालात काबू में रखने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
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रोशनपुरा पर प्रदर्शनकारियों पर वॉटर केनन चलाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में IAS अधिकारी संतोष वर्मा के बयान को लेकर ब्राह्मण समाज ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए अपने आक्रोश का इजहार किया और कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। रविवार को रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन के लिए लोग बड़ी संख्या में एकजुट हुए। ग्वालियर के एडवोकेट अनिल मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे हुए थे। प्रदर्शन स्थल पर लोगों ने तिरंगा और भगवा झंडे पकड़े हुए थे, साथ ही हाथों में स्लोगन लिखे बोर्ड भी थे, जिनमें बेटी और परिवार के सम्मान की बात लिखी थी। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि किसी भी समुदाय की बेटियों का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारी आईएएस संतोष वर्मा की गिरफ्तारी और सेवा से बर्खास्तगी की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारी सीएम आवास की तरफ बढ़े और बेरिकेडिंग को तोड़ने की कोशिश की। पुलिस की चेतावनी के बावजूद नहीं मानने पर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कुछ लोगों की पुलिस के साथ धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गाड़ी में बैठा कर रातीबढ़ ले गई। जिसके बाद प्रदर्शन शांत हुआ।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन की निगरानी की। कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद आवश्यकतानुसार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने किसी भी तरह का अनुचित बल प्रयोग नहीं किया।
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बता दें आईएएस संतोष वर्मा को सरकार ने पद से हटा कर समान्य प्रशासन विभाग के प्रतीक्षारत पूल में डाल दिया है। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस संतोष वर्मा बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि राज्य सरकार की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव में कार्रवाई को लेकर कोई ठोस कारण नहीं लिखा है। वहीं, जानकारों ने सरकार के केंद्र के प्रस्ताव पर भी सवाल उठा दिए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने एक तरफ आईएएस अवॉर्ड रद्द करने की बात कही है। वहीं, दूसरी तरफ बर्खास्तगी की मांग भी की है। जबकि दोनों की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। दोनों में कारण और सबूत दोनों ही जरूरी हैं।
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन की निगरानी की। कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद आवश्यकतानुसार वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने किसी भी तरह का अनुचित बल प्रयोग नहीं किया।
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बता दें आईएएस संतोष वर्मा को सरकार ने पद से हटा कर समान्य प्रशासन विभाग के प्रतीक्षारत पूल में डाल दिया है। साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस संतोष वर्मा बर्खास्त करने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। हालांकि जानकारों का कहना है कि राज्य सरकार की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव में कार्रवाई को लेकर कोई ठोस कारण नहीं लिखा है। वहीं, जानकारों ने सरकार के केंद्र के प्रस्ताव पर भी सवाल उठा दिए हैं। उनका कहना है कि सरकार ने एक तरफ आईएएस अवॉर्ड रद्द करने की बात कही है। वहीं, दूसरी तरफ बर्खास्तगी की मांग भी की है। जबकि दोनों की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। दोनों में कारण और सबूत दोनों ही जरूरी हैं।
