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MP News: कॉलेजों में प्राचार्यों ने सात हजार कर्मचारियों को नियमविरुद्ध कर दिया स्थायी,आयुक्त ने मांगी जानकारी
Thu, 11 Jul 2024 08:57 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 11 Jul 2024 08:57 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के कॉलेजों में प्राचार्यों की तरफ से सात हजार संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी करने का मुद्दा गरमा गया है। अब इस मामले में शिकायत के बाद उच्च शिक्षा आयुक्त ने प्राचार्यों से जवाब मांगा है। साथ ही आयुक्त ने जानकारी संतोषजनक नहीं होने पर कार्रवाई की बात भी कही है।
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मंत्रालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग के सरकारी कॉलेजों में संविदा/ आउटसोर्स कर्मियों को स्थायी करने के मामले में गड़बड़ी सामने आई है। दरअसल प्राचार्यों की तरफ से सरकार के नियमों का पालन ना करते हुए सात हजार कर्मचारियों को स्थायीकरण कर दिया। यह मामले विधानसभा के मानसून सत्र में एक प्रश्न के जवाब में सामने आया है। जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त ने अब सभी कॉलेजों के प्राचार्यों से जानकारी मांगी है। आयुक्त ने तीन दिन में प्राचार्यों से जवाब मांगा है।
दरअसल शासन ने संविदा/आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थायी करने को लेकर आदेश निकाला था। इसमें नियम और शर्तों के साथ कर्मचारियों को स्थायी करना था। कॉलेजों के प्राचार्यों ने संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारियों के अलावा सेल्फ फाइनेंस मद, जनभागीदारी मद और स्वशासी मद के तहत रखे गए कर्मचारियों को का भी स्थायीकरण कर दिया। सरकारी कॉलेजों में हुई नियमों की अनदेखी को लेकर अब आयुक्त ने प्रचार्यों से जवाब मांगा है।
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दरअसल शासन ने संविदा/आउटसोर्स कर्मचारियों के स्थायी करने को लेकर आदेश निकाला था। इसमें नियम और शर्तों के साथ कर्मचारियों को स्थायी करना था। कॉलेजों के प्राचार्यों ने संविदा/ आउटसोर्स कर्मचारियों के अलावा सेल्फ फाइनेंस मद, जनभागीदारी मद और स्वशासी मद के तहत रखे गए कर्मचारियों को का भी स्थायीकरण कर दिया। सरकारी कॉलेजों में हुई नियमों की अनदेखी को लेकर अब आयुक्त ने प्रचार्यों से जवाब मांगा है।
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