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MP: MP शिक्षकों को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल लाइब्रेरी से शिक्षा को बनाया सरल
Fri, 06 Sep 2024 09:35 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 06 Sep 2024 09:35 AM IST
सार
राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित शिक्षकों में शिक्षा विभाग के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से सुनीता गोधा, माधव प्रसाद पटेल, सुनीता गुप्ता तथा उच्च शिक्षा विभाग से प्रो. नीलाभ तिवारी और प्रो. कपिल आहूजा शामिल थे। वहीं, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभााग से प्रेमलता राहंगडाले और प्रशांत दीक्षित को भी सम्मानित किया गया।
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राष्ट्रपति ने शिक्षकों को किया सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में मध्य प्रदेश के सात शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया। इन शिक्षकों को शिक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और नवाचारों के लिए यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित शिक्षकों में शिक्षा विभाग के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से सुनीता गोधा, माधव प्रसाद पटेल, सुनीता गुप्ता तथा उच्च शिक्षा विभाग से प्रो. नीलाभ तिवारी और प्रो. कपिल आहूजा शामिल थे। वहीं, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभााग से प्रेमलता राहंगडाले और प्रशांत दीक्षित को भी सम्मानित किया गया। समारोह में सम्मानित शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र, 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार और एक रजत पदक प्रदान किया गया।
सम्मानित शिक्षक और उनके योगदान
सुनीता गोधा- मंदसौर जिले के शासकीय हाई स्कूल, खजूरिया सारंग में शिक्षिका हैं। इन्होंने छात्रों के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक शैक्षिक माहौल तैयार करने के लिए कार्य किया है। उन्होंने छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ विशेष जरूरतों वाले और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के नामांकन पर ध्यान केंद्रित किया है।
माधव प्रसाद पटेल- दमोह जिले के स्कूल में विज्ञान शिक्षक हैं, जिन्होंने अपने स्कूल में साइंस वॉल और मोबाइल लाइब्रेरी जैसी नवीन पहलें शुरू की हैं। उनकी 'खेत पाठशाला' पहल छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर देती है।
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सुनीता गुप्ता- डिंडोरी जिले सुनीता गुप्ता गणित की शिक्षिका हैं, जिन्होंने डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग कर गणित को सरल और रोचक बनाया है। उन्होंने दीक्षा और स्वयं पोर्टल्स के लिए ई-कंटेंट भी विकसित किए हैं।
प्रो. नीलाभ तिवारी- भोपाल स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्था के प्रो. नीलाभ तिवारी ने संस्कृत शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और शिक्षा नीति 2020 में उनका विशेष योगदान रहा है। उन्होंने 34 पुस्तकों का संपादन किया और भारतीय ज्ञान परंपरा के पाठ्यक्रम विकास में भी सहयोग किया।
प्रो. कपिल आहूजा- आईआईटी इंदौर के प्रो. कपिल आहूजा ने कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू कर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए हैं। उन्हें आईआईटी इंदौर द्वारा 4 बार सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार दिया गया है।
प्रेमलता रहंगडाले- भोपाल के संभागीय आईटीआई की प्रेमलता रहंगडाले ने दृष्टिबाधित छात्रों को कंप्यूटर स्किल्स सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि श्री प्रशांत दीक्षित ने मैकेनिक डीजल ट्रेड के लिए ई-कंटेंट और ऑटोमोटिव लैब के विकास में योगदान दिया है।
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सम्मानित शिक्षक और उनके योगदान
सुनीता गोधा- मंदसौर जिले के शासकीय हाई स्कूल, खजूरिया सारंग में शिक्षिका हैं। इन्होंने छात्रों के लिए एक सकारात्मक और प्रेरणादायक शैक्षिक माहौल तैयार करने के लिए कार्य किया है। उन्होंने छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के साथ-साथ विशेष जरूरतों वाले और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के नामांकन पर ध्यान केंद्रित किया है।
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माधव प्रसाद पटेल- दमोह जिले के स्कूल में विज्ञान शिक्षक हैं, जिन्होंने अपने स्कूल में साइंस वॉल और मोबाइल लाइब्रेरी जैसी नवीन पहलें शुरू की हैं। उनकी 'खेत पाठशाला' पहल छात्रों को कक्षा से बाहर जाकर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर देती है।
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सुनीता गुप्ता- डिंडोरी जिले सुनीता गुप्ता गणित की शिक्षिका हैं, जिन्होंने डिजिटल प्लेटफार्म का उपयोग कर गणित को सरल और रोचक बनाया है। उन्होंने दीक्षा और स्वयं पोर्टल्स के लिए ई-कंटेंट भी विकसित किए हैं।
प्रो. नीलाभ तिवारी- भोपाल स्थित राष्ट्रीय संस्कृत संस्था के प्रो. नीलाभ तिवारी ने संस्कृत शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और शिक्षा नीति 2020 में उनका विशेष योगदान रहा है। उन्होंने 34 पुस्तकों का संपादन किया और भारतीय ज्ञान परंपरा के पाठ्यक्रम विकास में भी सहयोग किया।
प्रो. कपिल आहूजा- आईआईटी इंदौर के प्रो. कपिल आहूजा ने कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू कर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार किए हैं। उन्हें आईआईटी इंदौर द्वारा 4 बार सर्वश्रेष्ठ शिक्षक का पुरस्कार दिया गया है।
प्रेमलता रहंगडाले- भोपाल के संभागीय आईटीआई की प्रेमलता रहंगडाले ने दृष्टिबाधित छात्रों को कंप्यूटर स्किल्स सिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जबकि श्री प्रशांत दीक्षित ने मैकेनिक डीजल ट्रेड के लिए ई-कंटेंट और ऑटोमोटिव लैब के विकास में योगदान दिया है।
